GST अफसर की कमाई एक करोड़, खर्च पौने चार करोड़! लोकायुक्त के छापे में निकली संपत्तियों की कुंडली
सुबह 6 बजे घर पहुंची लोकायुक्त की टीम
बता दें कि आज मंगलवार, 27 अक्टूबर की सुबह 6 बजे ही लोकायुक्त की टीम उनके जबलपुर स्थित घर पहुंच गई थी। बता दें कि मनीष कुमार जैन के घर लोकायुक्त का छापा आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने की शिकायत के बाद मारा गया है। मनीष कुमार जैन वर्तमान में दमोह में पदस्थ बताए गए हैं। उनके खिलाफ यह शिकायत लोकायुक्त एसपी अंजूलता पटले को मिली थी। शिकायत की जांच कराई गई तो कमाई और खर्च के बीच बड़ा अंतर सामने आया। इसके बाद भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर छापेमारी शुरू की गई।
कमाई 1 करोड़, फिर खर्च 3.78 करोड़ कैसे?
इस पूरे मामले में सबसे चौंकाने वाला पहलू अधिकारी की आय और खर्च का हिसाब है। लोकायुक्त की शुरुआती जांच में मनीष कुमार जैन (Commercial Tax Officer Manish Kumar Jain) की कुल आय करीब 1.03 करोड़ रुपए आंकी गई है। दूसरी तरफ उनका व्यय करीब 3.78 करोड़ रुपए बताया गया है। यानी जितनी कमाई सामने आई है, उससे लगभग 2.74 करोड़ रुपए ज्यादा खर्च का हिसाब मिला है।
लोकायुक्त के मुताबिक, आय के मुकाबले अनुपातहीन व्यय का प्रतिशत 264.64 है। हालांकि ये आंकड़े शुरुआती जांच के हैं। अंतिम निष्कर्ष दस्तावेजों और आय के स्रोतों की जांच के बाद निकलेगा।
जबलपुर में जमीन, भोपाल में बंगला और फ्लैट
लोकायुक्त की जांच में संपत्तियों का ब्योरा सिर्फ जबलपुर तक सीमित नहीं मिला। अधिकारी और उनके परिवार के नाम पर कई शहरों में अचल संपत्तियों की जानकारी सामने आई है। जबलपुर में मनीष कुमार जैन के नाम 278.74 वर्ग मीटर जमीन बताई गई है। इसकी अनुमानित कीमत करीब 1.43 करोड़ रुपए है। उनकी पत्नी निधि जैन के नाम जबलपुर में दो प्लॉट होने की जानकारी भी मिली है। दोनों प्लॉट की अनुमानित कीमत करीब 19.12 लाख रुपए है।
भोपाल में भी निधि जैन के नाम पर 180 वर्ग मीटर भूमि पर बना बंगला बताया गया है। इसकी अनुमानित कीमत करीब 22.87 लाख रुपए है। इसके अलावा 83.18 वर्ग मीटर का एक फ्लैट भी मिला है। इसकी कीमत करीब 13.34 लाख रुपए आंकी गई है।
पत्नी के नाम पर 402.41 वर्ग मीटर का एक अन्य प्लॉट भी जांच के दायरे में है। इसकी अनुमानित कीमत करीब 13.68 लाख रुपए बताई गई है।
माता-पिता के नाम पर भी मिली संपत्तियों की जानकारी
लोकायुक्त की शुरुआती जांच में मनीष कुमार जैन के माता-पिता के नाम पर भी संपत्तियों का ब्योरा सामने आया है। उनकी मां शशि जैन के नाम सागर जिले के बंडा में एक प्लॉट और उस पर बना मकान बताया गया है। इसकी अनुमानित लागत 23.49 लाख रुपए है।
पिता कोमल चंद जैन के नाम भी बंडा में एक मकान मिला है। इसकी अनुमानित कीमत 43.19 लाख रुपए बताई गई है। उनके नाम एक अन्य प्लॉट पर बना मकान भी दर्ज है। इसकी अनुमानित कीमत 2.86 लाख रुपए है। हालांकि परिवार के सदस्यों के नाम पर संपत्ति होना अपने आप में कोई अपराध नहीं है। लोकायुक्त अब इनके वास्तविक स्वामित्व और खरीद के लिए इस्तेमाल हुए धन के स्रोत की जांच कर रही है।
कार और बीमा पॉलिसियों में भी लाखों का निवेश
जांच में अधिकारी की पत्नी निधि जैन के नाम मारुति स्विफ्ट कार और सुजुकी एक्सेस दोपहिया वाहन की जानकारी सामने आई है। इन दोनों वाहनों की कुल अनुमानित कीमत 5.10 लाख रुपए बताई गई है।
इसके अलावा मनीष कुमार जैन और उनके परिवार के सदस्यों के नाम पर कई बीमा पॉलिसियां होने की जानकारी मिली है। इन पॉलिसियों पर करीब 33.94 लाख रुपए खर्च किए जाने का अनुमान है। लोकायुक्त की टीम बीमा पॉलिसियों में जमा रकम और प्रीमियम भुगतान से जुड़े दस्तावेजों की भी जांच कर रही है।
तीन टीमों ने संभाला छापेमारी का मोर्चा
इस कार्रवाई के लिए लोकायुक्त ने तीन टीमें बनाई हैं। पहली टीम में डीएसपी नीतू त्रिपाठी और निरीक्षक बृजमोहन सिंह नरवरिया सहित अन्य अधिकारी शामिल हैं। दूसरी टीम का नेतृत्व डीएसपी रेखा प्रजापति कर रही हैं। इसमें निरीक्षक शशि मस्कुले और जितेंद्र यादव शामिल हैं। तीसरी टीम में निरीक्षक रजनी तिवारी सहित अन्य सदस्य कार्रवाई कर रहे हैं।
लोकायुक्त ने शिकायत के सत्यापन के बाद मनीष कुमार जैन के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत प्रकरण दर्ज किया है।
अब सबसे बड़ा सवाल, कहां से आया इतना पैसा?
लोकायुक्त के सामने अब सबसे बड़ा सवाल अधिकारी की आय और खर्च के बीच मिले करोड़ों रुपए के अंतर का है। जांच एजेंसी संपत्तियों की खरीद की तारीख, भुगतान के तरीके, बैंक खातों, बीमा निवेश और आय के वैध स्रोतों का मिलान करेगी। फिलहाल कार्रवाई जारी है। छापे में सामने आई संपत्तियों की कीमत भी अंतिम नहीं है। लोकायुक्त की विस्तृत जांच के बाद ही स्पष्ट होगा कि कितनी संपत्ति वैध आय से अर्जित की गई और कितनी आय से अधिक पाई गई।