बार अध्यक्ष के व्हाट्सऐप बैन मामले से मेटा ने झाड़ा पल्ला, कहा- अधिवक्ता और व्हाट्सएप के बीच का मामला

Neel Tiwari | Oct 13, 2026, 13:06 IST
जस्टिस विशाल मिश्रा की बेंच ने कंपनी को जवाब देने के लिए तीन दिन का समय दिया है। अब अगली सुनवाई 15 अक्टूबर को होगी।
जबलपुर हाईकोर्ट बार एसोसिएशन के अध्यक्ष मृगेंद्र सिंह का व्हाट्सऐप अकाउंट बैन हो गया है। इस मामले में हाईकोर्ट में सुनवाई हुई। जस्टिस विशाल मिश्रा की बेंच ने सुनवाई की। इस दौरान कोर्ट ने व्हाट्सऐप कंपनी को नोटिस जारी किया है। साथ ही, कंपनी को जवाब देने के लिए तीन दिन का समय दिया गया है। अब इस मामले की अगली सुनवाई 15 अक्टूबर को होगी।

Meta ने कहा- विवाद WhatsApp और याचिकाकर्ता के बीच

सुनवाई के दौरान मेटा की ओर से एडवोकेट मयंक उपाध्याय पेश हुए थे। वहीं, वरुण पाठक वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए सुनवाई में जुड़े। इस दौरान मेटा ने कहा कि इस मामले में उसकी कोई भूमिका नहीं है। कंपनी के मुताबिक, मुख्य विवाद व्हाट्सएप और याचिकाकर्ता के बीच है।



भारत संघ की ओर से एडवोकेट सचिन जैन कोर्ट में मौजूद रहे। वहीं, याचिकाकर्ता की तरफ से सीनियर एडवोकेट संजय अग्रवाल और एडवोकेट गुंचा रसूल ने पक्ष रखा।



मेटा और व्हाट्सएप के बीच क्या है कनेक्शन?

Meta Platforms Inc. वही कंपनी है, जिसे पहले फेसबुक के नाम से जाना जाता था। मेटा ने 2014 में व्हाट्सएप को खरीदने का ऐलान किया था। इसी साल यह अधिग्रहण (Acquisition) पूरा हो गया था। मेटा के ऑफिशियल डॉक्यूमेंट के मुताबिक, व्हाट्सएप एल एल सी (WhatsApp LLC) उसकी पूरी तरह से अपनी कंपनी है। यानी मेटा और व्हाट्सएप आपस में जुड़े हुए हैं। हालांकि, इस मामले में मेटा के वकील ने कोर्ट में कहा कि विवाद से उसका सीधा संबंध नहीं है।



बार एसोसिएशन के अध्यक्ष का व्हाट्सएप अकाउंट बंद

याचिका के मुताबिक, मृगेंद्र सिंह का व्हाट्सएप अकाउंट 23 अगस्त 2026 को बंद हो गया था। उनका कहना है कि अकाउंट बंद करने से पहले कोई नोटिस नहीं दिया गया और न ही इसकी वजह बताई गई।



मृगेंद्र सिंह के अनुसार, वे कई सालों से इस नंबर का इस्तेमाल कर रहे थे। इसके जरिए वे लीगल वर्क, केस मैनेजमेंट, क्लाइंट से बातचीत और केस से जुड़े डॉक्यूमेंट का लेन-देन करते थे। उनके अनुसार, अकाउंट बंद होने वाले दिन ही उन्होंने ऐप के जरिए इसकी समीक्षा करने की अपील की थी। लेकिन कोई समाधान नहीं निकला।



संविधान और आईटी नियमों का उल्लंघन

याचिकाकर्ता का कहना है कि व्हाट्सएप ने बिना किसी वजह के उनका अकाउंट बमद कर दिया था। उन्होंने इसे



संविधान के अनुच्छेद 14, 19(1)(g) और 21 का उल्लंघन बताया है। उनका कहना है कि डिजिटल कम्यूनिकेशन बंद होने से उनके कामकाज पर असर पड़ता है।



उन्होंने यह आरोप भी लगाया है कि व्हाट्सएप ने आईटी नियम 2021 का उल्लंघन किया है। इस नियम के तहत शिकायतों के निपटारे के लिए तय समय-सीमा का पालन नहीं किया गया। हालांकि, ये याचिकाकर्ता के आरोप हैं और इस मामले में कोर्ट का अंतिम फैसला अभी नहीं आया है।



अगली सुनवाई में व्हाट्सएप अपना पक्ष रखेगा

हाईकोर्ट ने फिलहाल व्हाट्सएप को अपना पक्ष रखने के लिए समय दिया है। अगली सुनवाई में कंपनी की ओर से जवाब दिए जाएंगे। मृगेंद्र सिंह ने याचिका में दोनों अकाउंट बहाल करने, राहत देने और भारत संघ को कथित नियम उल्लंघन पर उचित कार्रवाई के निर्देश देने की मांग की है।



FAQs



  1. मृगेंद्र सिंह का व्हाट्सएप अकाउंट क्यों बंद हुआ था?
    मृगेंद्र सिंह का व्हाट्सएप अकाउंट 23 अगस्त 2026 को बिना किसी नोटिस के बंद कर दिया गया था, जबकि उन्होंने इस नंबर का कई सालों से इस्तेमाल किया था।
  2. क्या मेटा का इस विवाद में कोई संबंध है?
    मेटा ने कोर्ट में कहा है कि इस विवाद का उससे कोई सीधा संबंध नहीं है, जबकि यह विवाद व्हाट्सएप और याचिकाकर्ता के बीच है।
  3. याचिकाकर्ता ने व्हाट्सएप के खिलाफ क्या आरोप लगाए हैं?
    याचिकाकर्ता ने आरोप लगाया है कि व्हाट्सएप ने बिना कारण उनके अकाउंट को बंद किया, जो संविधान के अनुच्छेद 14, 19(1)(g) और 21 का उल्लंघन है, और आईटी नियम 2021 का पालन नहीं किया।
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