इंडिगो फ्लाइट में बवाल: SC के अधिवक्ता से मारपीट, विवेक तन्खा के ट्वीट के बाद कार्रवाई
समझें क्या है पूरा मामला
- इंडिगो फ्लाइट 6E-6038 में दिल्ली से जबलपुर आए थे सुप्रीम कोर्ट के अधिवक्ता
- 3 साल के बेटे के साथ यात्रा कर रहे वकील ने धक्का देने का विरोध किया तो विवाद बढ़ गया।
- वरिष्ठ अधिवक्ता विवेक तन्खा ने एक्स पर पोस्ट कर जबलपुर पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए।
- पुलिस ने मेडिकल परीक्षण कर आरोपी योगेश बंसल के खिलाफ विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज किया।
- पुलिस के अनुसार दूसरे पक्ष ने भी शिकायत दी है, जिसकी जांच की जा रही है।
दिल्ली से जबलपुर आ रही इंडिगो फ्लाइट 6E-6038 के लैंड होते ही सुप्रीम कोर्ट के अधिवक्ता सुहान मुखर्जी के साथ में कथित मारपीट और गाली-गलौज का मामला सामने आया है। उनके तीन साल के बेटे के सामने हुई घटना के बाद वरिष्ठ अधिवक्ता विवेक तन्खा के ट्वीट ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए, जिसके बाद एफआईआर दर्ज कर कार्रवाई शुरू हुई।
फ्लाइट से उतरते ही शुरू हुआ विवाद, बच्चे के सामने मारपीट!
दिल्ली से जबलपुर पहुंची इंडिगो की फ्लाइट संख्या 6E-6038 के शुक्रवार सुबह जबलपुर पहुंचते ही एक घटना सामने आई। सुप्रीम कोर्ट के अधिवक्ता सुहान मुखर्जी अपने तीन वर्षीय बेटे और एक केयरटेकर के साथ जबलपुर पहुंचे थे। आरोप है कि विमान के लैंड होने के बाद जब वह अपना हैंड बैगेज निकाल रहे थे, तभी पीछे खड़े एक यात्री ने उन्हें जोर से धक्का दे दिया। अधिवक्ता ने केवल इतना कहा कि उनके साथ छोटा बच्चा है और धक्का न दें, लेकिन इसी बात पर विवाद बढ़ गया।
गाली-गलौज, धमकी और हाथापाई के गंभीर आरोप
सुहान मुखर्जी द्वारा पुलिस को दी गई शिकायत के अनुसार आरोपी योगेश बंसल ने पहले अभद्र भाषा का प्रयोग किया और फिर जान से मारने की धमकी देते हुए हाथ-मुक्कों से मारपीट शुरू कर दी। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि आरोपी उन्हें धक्का देते हुए विमान के अगले गेट तक घसीटकर ले गया।
फ्लाइट स्टाफ के सामने भी वह लगातार चिल्लाता रहा और धमकियां देता रहा। घटना के दौरान पीड़ित का बैग भी वहीं छूट गया, जिसे बाद में इंडिगो के कर्मचारियों ने वापस सौंपा। शिकायत के अनुसार फ्लाइट स्टाफ पूरी घटना का प्रत्यक्षदर्शी है।
तन्खा के ट्वीट से मचा हड़कंप, पुलिस पर उठे सवाल
घटना के बाद अधिवक्ता सुहान मुखर्जी खमरिया थाने पहुंचे और शिकायत दी। आरोप है कि प्रारंभिक स्तर पर त्वरित कार्रवाई नहीं हुई। इसकी जानकारी मिलने पर वरिष्ठ अधिवक्ता विवेक तन्खा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए सवाल उठाया कि जब एक प्रतिष्ठित अधिवक्ता के साथ तीन साल के बच्चे के सामने विमान में मारपीट हुई, तो आरोपी को एयरपोर्ट पर ही हिरासत में क्यों नहीं लिया गया।
उन्होंने जबलपुर पुलिस की कार्यप्रणाली पर नाराजगी जताते हुए इसे पर्यटकों और यात्रियों की सुरक्षा से जुड़ा गंभीर मामला बताया। इसके बाद पुलिस हरकत में आती दिखाई दी।
मेडिकल कराया गया, आरोपी पर एफआईआर दर्ज
डुमना चौकी प्रभारी संध्या तिवारी ने बताया कि शिकायत मिलते ही पीड़ित अधिवक्ता का शासकीय सिविल अस्पताल रांझी में मेडिकल परीक्षण कराया गया। पुलिस ने शिकायत के आधार पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 351(2), 296 और 115(2) के तहत आरोपी योगेश बंसल के खिलाफ अपराध दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि मामले में दूसरे पक्ष की ओर से भी शिकायत प्राप्त हुई है, जिसकी भी जांच की जा रही है।
अब जांच पर टिकी सबकी नजर
यह मामला केवल विमान में हुए विवाद तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि एयरपोर्ट सुरक्षा व्यवस्था, पुलिस की शुरुआती प्रतिक्रिया और यात्रियों की सुरक्षा जैसे कई गंभीर सवाल भी खड़े कर रहा है। सबसे हैरान करने वाली तो बात किया है कि जब फ्लाइट में ही हम मारपीट हुई थी तो आरोपी को डिटेन क्यों नहीं किया गया।
अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि पुलिस जांच में फ्लाइट स्टाफ, सीसीटीवी फुटेज और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर क्या तथ्य सामने आते हैं और दोनों पक्षों की शिकायतों पर आगे क्या कानूनी कार्रवाई होती है।
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