जबलपुर NCC कैंप में 50 से अधिक कैडेट्स बीमार, सात ICU में भर्ती, 43 डिग्री में चल रही थी ट्रेनिंग
5 प्वाइंट में समझें क्या है पूरा मामला...
- जबलपुर के IIITDM परिसर में चल रहे कैंप में 50 से ज्यादा कैडेट्स बीमार पड़ गए हैं।
- बीमार बच्चों में से 20 छात्राएं और एक छात्र गंभीर हैं।
- आरोप है कि 43 डिग्री धूप में बच्चों से लगातार ट्रेनिंग कराई जा रही थी।
- गुरुवार, 21 मई की रात को पनीर की सब्जी खाने के बाद बच्चों को उल्टी-दस्त शुरू हुए।
- संभाग कमिश्नर ने इस पूरे हादसे की उच्च स्तरीय जांच के आदेश दे दिए हैं।
जबलपुर से एक बहुत ही परेशान करने वाली खबर सामने आ रही है। यहां एनसीसी कैडेट्स के एक ट्रेनिंग कैंप में 50 से ज्यादा बच्चे अचानक बीमार हो गए हैं।
इन बीमार बच्चों में से 20 छात्राएं और एक छात्र की हालत काफी गंभीर बताई जा रही है। हालत इतनी खराब है कि सात कैडेट्स को आईसीयू में भर्ती करना पड़ा है।
यह पूरी घटना जिला मुख्यालय से लगभग 18 किलोमीटर दूर डुमना रोड पर मौजूद ट्रिपल आईटीडीएम परिसर की है। इस घटना के बाद से प्रशासन में हड़कंप मच गया है।
कैसे और कहां चल रहा था NCC का कैंप?
बता दें कि एमपी आर्म्ड स्क्वाड्रन एनसीसी द्वारा बीते 14 मई से ट्रिपल IIITDM परिसर में 10 दिनों का एक संयुक्त वार्षिक प्रशिक्षण शिविर चलाया जा रहा है।
इस कैंप में अलग-अलग इलाकों से कुल मिलाकर करीब 450 कैडेट्स शामिल होने आए हैं।
कैंप में शामिल होने वाले प्रमुख इलाके
- जबलपुर
- नरसिंहपुर
- सिवनी
- कटनी
- छिंदवाड़ा
- तेंदूखेड़ा
- कटंगी
- नुनसर
43 डिग्री तापमान और धूप में ट्रेनिंग का आरोप
कैंप में आए बच्चों का आरोप है कि जबलपुर में इस समय पारा 43 डिग्री तक पहुंच गया है। इस भीषण गर्मी और भयंकर लू के बावजूद बच्चों की ट्रेनिंग को रोका नहीं गया।
बच्चों से लगातार कड़ी धूप में परेड और ट्रेनिंग कराई जा रही थी, जिसे कई बच्चे बर्दाश्त नहीं कर पाए और उनकी तबीयत बिगड़ने लगी।
खराब खाने से फूड पॉइजनिंग की आशंका
गर्मी के साथ-साथ इस मामले में फूड पॉइजनिंग का एंगल भी सामने आ रहा है। बताया जा रहा है कि गुरुवार, 21 मई की रात करीब 8 बजे कैडेट्स ने रात का खाना खाया था।
खाने में बच्चों को पनीर की सब्जी दी गई थी। खाना खाने के कुछ ही देर बाद बच्चों को चक्कर आने लगे, उल्टी-दस्त शुरू हो गए और कमजोरी महसूस होने लगी।
हालात बिगड़ते देख अधिकारियों ने आनन-फानन में सभी बच्चों को जिला अस्पताल पहुंचाया। हालांकि प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग का शुरुआती तौर पर यही मानना है कि बच्चे भीषण गर्मी और लू की वजह से बीमार हुए हैं।
वहीं मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. नवीन कोठारी ने बताया कि सभी बीमार कैडेट्स को तुरंत जरूरी मेडिकल इलाज दिया जा रहा है। राहत की बात यह है कि ज्यादातर बच्चों की हालत अब सामान्य है।
सहमे हुए बच्चे, जांच में जुटी पुलिस
घटना की खबर मिलते ही जिला प्रशासन, स्वास्थ्य विभाग और पुलिस की टीमें तुरंत अस्पताल पहुंच गईं। अधिकारियों ने जब अस्पताल में भर्ती बच्चों से बात करने की कोशिश की तो कई कैडेट्स बहुत डरे और सहमे हुए नजर आए।
सीएसपी सोनू कुर्मी ने इस मामले पर बताया कि सभी बीमार बच्चों के घरवालों को खबर दे दी गई है। डॉक्टरों की एक स्पेशल टीम लगातार बच्चों की देखरेख कर रही है।
पुलिस अब फूड पॉइजनिंग और गर्मी, दोनों ही वजहों को ध्यान में रखकर इस मामले की गहराई से जांच कर रही है। संभाग कमिश्नर ने भी मामले की गंभीरता को देखते हुए एक हाई-लेवल जांच के आदेश दे दिए हैं।
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