जबलपुर रेलवे में VIP कोटे का फर्जीवाड़ा, निलंबित सचिव पुराने पत्रों से वेटिंग टिकट कराता था कन्फर्म

Neel Tiwari | May 05, 2026, 23:19 IST
Photograph: (THESOOTR)
BHOPAL. जबलपुर रेलवे में VIP कोटे के फर्जीवाड़े का मामला सामने आया है। CCM के सचिव पर पुराने पत्रों से टिकट कन्फर्म करने के आरोप में निलंबन और जांच शुरू।

News in short

  • VIP कोटे के नाम पर टिकट कन्फर्म कराने का फर्जीवाड़ा उजागर।
  • CCM के निज सचिव अमित कुमार आनंद निलंबित।
  • पुराने सिफारिशी पत्रों और हस्ताक्षरों का दुरुपयोग।
  • दिल्ली स्तर पर जांच के बाद सामने आई गड़बड़ी।
  • रोजाना 3 से 4 टिकट VIP इमरजेंसी कोटे से बुक होने का आरोप।

News in detail

पश्चिम मध्य रेलवे, जबलपुर में VIP कोटे के दुरुपयोग का सनसनीखेज मामला सामने आया है। CCM के निज सचिव पर पुराने सिफारिशी पत्रों में हेरफेर कर वेटिंग टिकट कन्फर्म कराने के आरोप लगे हैं। जांच में गड़बड़ी सामने आने के बाद आरोपी को निलंबित कर विभागीय कार्रवाई शुरू कर दी गई है। जानकारी के अनुसार आरोपी सांसद, विधायक और पत्रकारों के नाम पर वीआईपी कोटे पर बुकिंग कराता था।



वीआईपी कोटा घोटाले में बड़ा खुलासा

जबलपुर स्थित पश्चिम मध्य रेलवे मुख्यालय में VIP कोटे के दुरुपयोग का एक बड़ा मामला सामने आया है, जिसने रेलवे की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। आरोप है कि VIP सिफारिश प्रणाली, जो विशेष परिस्थितियों में यात्रियों को राहत देने के लिए बनाई गई है, उसका इस्तेमाल निजी लाभ के लिए किया जा रहा था।



सिफारिशी पत्रों से छेड़छाड़ कर टिकट कन्फर्म

जांच में सामने आया कि मुख्य वाणिज्य प्रबंधक (CCM) के निज सचिव अमित कुमार आनंद सांसद विधायकों सहित पत्रकारों के लिए दिए गए पुराने सिफारिशी पत्रों में हेरफेर कर वेटिंग टिकटों को कन्फर्म करवा रहे थे। बताया जा रहा है कि वह अधिकारियों के पुराने हस्ताक्षरों और पत्रों का इस्तेमाल कर सिस्टम में बदलाव करता था, जिससे सामान्य यात्रियों के हक पर असर पड़ रहा था।



दिल्ली से हुई जांच में खुला राज

मामले का खुलासा तब हुआ जब VIP कोटे से जुड़े संदिग्ध सिफारिशी पत्रों को लेकर दिल्ली के अधिकारियों ने सत्यापन कराया। जबलपुर मुख्यालय से मिलान के दौरान कई दस्तावेज फर्जी पाए गए। इसके बाद गहराई से जांच की गई, जिसमें आरोपी की भूमिका स्पष्ट हो गई।



अधिकारियों के नाम पर चल रहा था खेल

जानकारी के अनुसार, आरोपी पहले CCM (ट्रेड एंड मार्केटिंग) अजय प्रकाश के साथ कार्यरत था और बाद में CCM (पैसेंजर मार्केटिंग) राजेश शर्मा के कार्यालय से जुड़ गया। आरोप है कि उसने दोनों अधिकारियों के पुराने पत्रों और हस्ताक्षरों का दुरुपयोग कर VIP कोटे से टिकट कन्फर्म कराए।



रोजाना हो रही थी टिकटों की बुकिंग

शिकायत में यह भी सामने आया कि सांसद, विधायक, मंत्री और पत्रकारों के नाम पर इमरजेंसी कोटे के तहत रोजाना 3 से 4 टिकट बुक किए जा रहे थे। इससे VIP कोटे की पारदर्शिता पर सवाल उठ रहे हैं और सिस्टम के दुरुपयोग की गंभीरता उजागर हो रही है।



निलंबन और विभागीय जांच शुरू

रेलवे प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लेते हुए आरोपी कर्मचारी अमित कुमार आनंद को निलंबित कर दिया है और उसके खिलाफ चार्जशीट जारी कर विभागीय जांच शुरू कर दी गई है। रेलवे के जनरल मैनेजर कार्यालय की निगरानी में पूरे मामले की पड़ताल की जा रही है।



jabalpur railway (2)


रेलवे की साख पर सवाल

इस घटना ने रेलवे के VIP कोटे की विश्वसनीयता पर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब यह देखना अहम होगा कि जांच में और किन लोगों की भूमिका सामने आती है और क्या इस सिस्टम में सुधार के लिए ठोस कदम उठाए जाते हैं या नहीं।



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