ईसाई धर्म नहीं अपनाया तो नौकरी से निकाला, कर्मचारी का आरोप, जबलपुर का मामला
जबलपुर के माधोताल इलाके में मिशनरी स्कूल के बाहर विश्व हिंदू परिषद ने प्रदर्शन किया। वीएचपी ने स्कूल पर कर्मचारियों को धर्म बदलने के लिए दबाव डालने का आरोप लगाया। प्रदर्शन के दौरान स्कूल की बिल्डिंग पर पत्थर फेंके गए, जिससे कई खिड़कियों के शीशे टूट गए। पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़प भी हुई। यह विवाद स्कूल के एक पूर्व कर्मचारी के आरोप से शुरू हुआ था, जिसे धर्म न बदलने पर नौकरी से निकाल दिया गया।
मिशनरी स्कूल पर आरोप
जबलपुर पुलिस के मुताबिक माधोताल स्थित एक मिशनरी स्कूल के बाहर वीएचपी और बजरंग दल के कार्यकर्ता बड़ी संख्या में जमा हुए। इनका आरोप था कि स्कूल प्रबंधन अपने कर्मचारियों पर ईसाई धर्म अपनाने का दबाव बनाता है। प्रदर्शनकारियों ने स्कूल के बाहर जमकर नारेबाजी की।
महिलाएं भी इस प्रदर्शन में शामिल थीं। भीड़ का गुस्सा बढ़ता गया और स्थिति तनावपूर्ण होती चली गई।
प्रदर्शन कैसे हिंसक हुआ
कुछ ही देर में शांतिपूर्ण प्रदर्शन ने हिंसक रूप ले लिया। आरोप है कि प्रदर्शनकारियों ने स्कूल की इमारत पर पत्थर फेंके। इससे इमारत की कई खिड़कियों के शीशे टूट गए।
पुलिसकर्मियों ने भीड़ को रोकने की कोशिश की। इस दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़प हो गई। हालात बिगड़ते देख मौके पर अतिरिक्त पुलिस बल बुलाया गया। बाद में स्थिति को काबू में लाया गया।
विवाद की शुरुआत कैसे हुई
इस पूरे विवाद की जड़ स्कूल के एक पूर्व कर्मचारी का आरोप है। उसका दावा है कि उस पर बार-बार चर्च जाने का दबाव डाला गया। साथ ही उसे ईसाई धर्म अपनाने के लिए भी कहा गया।
कर्मचारी ने आरोप लगाया कि धर्म परिवर्तन से इनकार करने पर उसकी नौकरी खत्म कर दी गई। इसी आरोप के बाद हिंदू संगठनों में आक्रोश फैल गया।
हिंदू संगठनों की मांग
वीएचपी और बजरंग दल ने इन आरोपों की निष्पक्ष जांच की मांग की है। उनका कहना है कि दोषी लोगों पर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।
संगठनों ने यह भी आरोप लगाया कि शिक्षा और रोजगार के बहाने कर्मचारियों पर धर्म बदलने का दबाव डाला जाता है। उनका कहना है कि पहले भी ऐसी शिकायतें मिली थीं, लेकिन कार्रवाई नहीं हुई।
पुलिस की जांच और कार्रवाई
जबलपुर पुलिस ने बताया कि धर्म परिवर्तन के आरोपों की जांच पहले ही पूरी हो चुकी है। यह जांच जिला शिक्षा अधिकारी की देखरेख में बनी एक समिति ने की थी। अब आगे की कार्रवाई इसी रिपोर्ट के आधार पर तय होगी।
सीएसपी (CSP – City Superintendent of Police) सोनू कुर्मी ने मीडिया को बताया कि पूरी घटना की वीडियोग्राफी कराई गई है। उन्होंने कहा कि अगर तोड़फोड़ या किसी अन्य आपराधिक कृत्य के सबूत मिलते हैं, तो जिम्मेदार लोगों पर कानूनी कार्रवाई होगी।
आगे क्या होगा
पुलिस ने साफ किया है कि धर्मांतरण के आरोप और प्रदर्शन के दौरान हुई हिंसा, दोनों मामलों की जांच अलग-अलग चल रही है। आने वाले दिनों में जांच के नतीजे सामने आने की उम्मीद है। इसी आधार पर तय होगा कि किसके खिलाफ क्या कार्रवाई होगी।
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