जबलपुर हादसे के बाद तवा बांध पर फिर चलेगा क्रूज और मोटरबोट
जबलपुर के बरगी बांध में मोटर बोट हादसा हुआ था। इसके बाद प्रदेश के सभी बोट क्लब बंद कर दिए गए थे। अब जांच पूरी होने के बाद ज्यादातर बोट क्लबों को दोबारा खोलने की मंजूरी मिल गई है। तवा बांध पर क्रूज और मोटर बोट की टेस्टिंग शुरू हो चुकी है। सिर्फ जबलपुर का बरगी डेम अभी बंद ही रहेगा।
हादसे के बाद लगी रोक
जबलपुर के बरगी बांध में मोटर बोट हादसा होने के बाद हड़कंप मच गया था। इसहादसे में 13 लोगों की जान गई थी। सुरक्षा को लेकर सवाल उठने लगे थे। इसके बाद प्रदेश सरकार ने ऐहतियात के तौर पर सभी बोट क्लबों में संचालन बंद करा दिया था। वोट क्लब सुनसान पड़ गए थे और वॉटर सफारी गतिविधियां पूरी तरह ठप हो गई थीं। सैलानियों को भी इससे झटका लगा था, खासकर मानसून के मौके पर।
एनआईडब्ल्यूएस की जांच पूरी
गोवा की नेशनल इंस्टिट्यूट ऑफ वॉटर स्पोर्ट्स (एनआईडब्ल्यूएस – National Institute of Water Sports) केंद्र सरकार से अधिकृत संस्था है। इसकी टीम ने प्रदेश के हर बोट क्लब का बारीकी से निरीक्षण किया। बोटिंग से जुड़ी सभी तकनीकी प्रणालियों की जांच की गई। जो भी कमियां मिलीं, उन्हें दूर कराया गया। जांच पूरी होने के बाद ही संचालन की अनुमति दी गई है।
इस टीम ने एक महीने पहले तवा बांध का भी निरीक्षण किया था। एमपीटी के रिसॉर्ट के पास खड़ी मोटर बोटों की जांच हुई। तवा रिसॉर्ट के बोटिंग संचालन को सुरक्षित पाया गया। इसके बाद ही आगे की तैयारी शुरू हो सकी।
इन जगहों पर मिली अनुमति
एनआईडब्ल्यूएस ने नर्मदापुरम के तवा बोट क्लब को संचालन की अनुमति दी है। इसके साथ ही भोपाल, नीमच, ओंकारेश्वर और मैहर के सरसी बोट क्लब को भी मंजूरी मिली है। सिर्फ जबलपुर के बरगी डेम पर अभी रोक जारी रहेगी। यह फैसला सुरक्षा जांच के नतीजों के आधार पर लिया गया है।
तवा में शुरू हुई टेस्टिंग
तवा रिसॉर्ट्स ने शनिवार से नदी के बैक वाटर में टेस्टिंग शुरू कर दी। हाउसबोट, क्रूज, जलपरी और मोटर बोट सभी चलाए गए। यह टेस्टिंग संचालन को पूरी तरह सुरक्षित बनाने के लिए की गई। इसके साथ ही एमपीटी (MPT – Madhya Pradesh Tourism) ने सैलानियों को वॉटर सफारी कराने की तैयारी कर ली है।
मानसून में क्यों खास है वॉटर सफारी
बारिश के मौसम में तवा बांध की वॉटर सफारी का अलग ही क्रेज रहता है। तवा नदी एसटीआर (STR – Satpura Tiger Reserve) के जंगलों के बीच से गुजरती है। बोट में बैठकर सैलानी बरसते पानी में नदी किनारे का जंगल देख पाते हैं। यही वजह है कि सैलानी पहले से ऑनलाइन बुकिंग कराते हैं।
प्रबंधक ने बताई पूरी बात
तवा रिसॉर्ट के प्रबंधक श्यामेन्द्र अवस्थी ने इस बारे में बताया। उनके मुताबिक तवा बोट क्लब पर लगी रोक हटा दी गई है। बैक वॉटर में सैलानियों के लिए वॉटर सफारी शुरू कर दी गई है। उनका कहना है कि एनआईडब्ल्यूएस ने जबलपुर के बरगी को छोड़कर बाकी सभी बोट क्लबों को अनुमति दे दी है।
तवा बांध के बारे में जानें
तवा बांध मध्य प्रदेश के नर्मदापुरम जिले में स्थित है। यह बांध इटारसी के पास तवा नदी पर बना है। तवा नदी को नर्मदा नदी की सबसे बड़ी सहायक नदी माना जाता है। यह बांध सतपुड़ा राष्ट्रीय उद्यान और बोरी वन्यजीव अभ्यारण्य के पास है। इटारसी रेलवे स्टेशन से इसकी दूरी लगभग 32 किलोमीटर है। यहां हर साल बड़ी संख्या में विदेशी सैलानी भी पहुंचते हैं।
इस फैसले से मध्य प्रदेश के पर्यटन को फिर रफ्तार मिलने की उम्मीद है। सैलानियों के लिए मानसून की वॉटर सफारी अब दोबारा शुरू हो सकेगी।
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जबलपुर हादसा