HC के आदेश के बाद भी जबलपुर मास्टर प्लान नहीं हुआ जारी, TNCP कमिश्नर से जवाब तलब
समझें क्या है पूरा मामला...
- जबलपुर का मास्टर प्लान 2047 हाई कोर्ट के आदेश के बाद भी जारी नहीं हुआ है।
- हाईकोर्ट ने आवेदन पर आठ सप्ताह में फैसला मांगा था।
- क्रेडाई ने आदेश नहीं मानने का आरोप लगाया है।
- मामले में TNCP कमिश्नर को नोटिस जारी हुआ है।
- अगली सुनवाई 5 सितंबर को होगी।
जबलपुर के मास्टर प्लान 2047 को लेकर मामला फिर गरमा गया है। मामला अब फिर हाई कोर्ट तक पहुंच गया है। जबलपुर हाईकोर्ट ने टाउन एंड कंट्री प्लानिंग (TNCP) कमिश्नर को नोटिस जारी किया है। यह कार्रवाई हाई कोर्ट की अवमानना याचिका पर हुई है।
मामले की सुनवाई गुरुवार 20 अगस्त को हुई। जस्टिस विवेक जैन की सिंगल बेंच ने सुनवाई की। कोर्ट के सामने आदेश नहीं मानने की बात रखी गई। अब कमिश्नर से इस मामले में जवाब मांगा गया है। अगली सुनवाई 5 सितंबर 2026 को तय हुई है।
जबलपुर के मास्टर प्लान को लेकर क्रेडाई फिर पहुंचा कोर्ट
यह मामला क्रेडाई जबलपुर बिल्डर्स एसोसिएशन ने उठाया है। एसोसिएशन ने पहले हाई कोर्ट में याचिका लगाई थी। उस याचिका का नंबर W.P. 9478/2026 था। इस मामले में आदेश 18 अप्रैल 2026 को आया था।
याचिका में जबलपुर विकास योजना 2047 का मुद्दा था। क्रेडाई ने योजना जारी कराने की मांग की थी। मामले में टाउन एंड कंट्री प्लानिंग (टीएंडसीपी) विभाग भी जुड़ा था।
एसोसिएशन की ओर से अधिवक्ता दिनेश कुमार उपाध्याय पेश हुए। उन्होंने कोर्ट को आदेश के पालन की स्थिति बताई। उन्होंने कहा कि आदेश के बाद भी मास्टर प्लान जारी नहीं हुआ।
हाईकोर्ट ने आठ सप्ताह में फैसला लेने को कहा था
18 अप्रैल के आदेश में कोर्ट ने आवेदन पर फैसला मांगा था। कोर्ट ने उपलब्ध दस्तावेज देखकर निर्णय लेने को कहा था। यह फैसला जल्द लेने का निर्देश दिया गया था। कोर्ट ने आठ सप्ताह की अधिकतम समय सीमा तय की थी। यह समय सीमा प्रमाणित आदेश मिलने के बाद शुरू होनी थी।
क्रेडाई ने 18 मई को आदेश की जानकारी दी थी। इसके बाद भी आदेश का पालन नहीं होने का आरोप है। इसी आधार पर अवमानना याचिका दाखिल की गई।
अवमानना याचिका का नंबर 5799/2026 है। इसमें कौशलेंद्र विक्रम सिंह को पक्ष बनाया गया है।
मास्टर प्लान राजपत्र में जारी होने का इंतजार
क्रेडाई ने याचिका में RTI जवाब का भी जिक्र किया। RTI के जरिए योजना तैयार होने की जानकारी मिली थी। जवाब में योजना राजपत्र के लिए भेजने की बात थी। राजपत्र सरकारी फैसलों के प्रकाशन का आधिकारिक माध्यम है।
क्रेडाई के अनुसार प्रस्ताव 30 जनवरी 2026 को भेजा गया। इसके बाद भी योजना प्रकाशित नहीं होने का आरोप है। याचिका में चार महीने से ज्यादा समय का जिक्र है।
एसोसिएशन ने इसी देरी को मुख्य मुद्दा बनाया है। उसने कोर्ट से आदेश का पालन कराने की मांग की। साथ ही जिम्मेदार अधिकारी पर कार्रवाई की मांग की।
अब TNCP कमिश्नर को देना होगा जवाब
जस्टिस विवेक जैन ने मामले को गंभीरता से लिया है।।कोर्ट ने TNCP कमिश्नर को नोटिस जारी किया है। नोटिस कौशलेंद्र विक्रम सिंह के नाम जारी हुआ है। वे टाउन एंड कंट्री प्लानिंग के कमिश्नर सह डायरेक्टर हैं। अब उन्हें कोर्ट के सामने अपना जवाब रखना होगा।
जवाब में आदेश के पालन की स्थिति बतानी होगी। उन्हें देरी की वजह भी बतानी पड़ सकती है। अगली सुनवाई पांच सितंबर को तय की गई है। उस दिन मामले में आगे की सुनवाई होगी। कोर्ट जवाब देखकर आगे का फैसला कर सकता है।
मामला केवल नक्शे का नहीं, शहर के भविष्य का है
मास्टर प्लान शहर के विकास की दिशा तय करता है। इसमें सड़क, आवास और दूसरी सुविधाओं की योजना होती है। जमीन के इस्तेमाल को लेकर भी दिशा तय होती है। इसी कारण मास्टर प्लान का असर लंबे समय तक रहता है।
जबलपुर में 2047 की विकास योजना का इंतजार है। इस योजना को लेकर बिल्डर एसोसिएशन ने सवाल उठाए हैं। क्योंकि मास्टर प्लान ना होने की वजह से शहर में अवैध कालोनियां पनप रही हैं। और वैध बिल्डरों को परमिशन लेने में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
एसोसिएशन का कहना है कि प्रक्रिया पूरी होनी चाहिए। अब मामला कोर्ट की निगरानी में आगे बढ़ रहा है। अगली तारीख पर अधिकारी का जवाब अहम रहेगा।
18 अप्रैल के आदेश से शुरू हुई नई कानूनी लड़ाई
इस पूरे मामले की शुरुआत रिट याचिका से हुई थी। क्रेडाई ने W.P. 9478/2026 के जरिए कोर्ट का रुख किया था। उस मामले में हाई कोर्ट ने आवेदन पर फैसला मांगा।
इसके बाद आदेश की जानकारी संबंधित विभाग को दी गई। क्रेडाई का आरोप है कि तय समय में फैसला नहीं हुआ। इसके बाद उसने अवमानना याचिका दाखिल कर दी।
अब यही याचिका 5799/2026 के रूप में सुनवाई में है। 20 अगस्त की सुनवाई में नोटिस जारी किया गया। इससे मामले में अब अधिकारी का जवाब सामने आएगा।
5 सितंबर को होगी अगली सुनवाई...
मामले की अगली सुनवाई 5 सितंबर 2026 को होगी। उस दिन TNCP कमिश्नर का जवाब सामने आ सकता है। कोर्ट यह देखेगा कि आदेश का पालन क्यों नहीं हुआ। साथ ही देरी के कारण भी सामने आ सकते हैं।
फिलहाल कोर्ट ने नोटिस जारी करके जवाब मांगा है। इसलिए अभी किसी दंड का अंतिम फैसला नहीं हुआ है। अगली सुनवाई के बाद मामले की दिशा साफ होगी। जबलपुर मास्टर प्लान 2047 पर भी नजर रहेगी। शहर से जुड़े लोगों के लिए यह मामला अहम है।
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