Wheat purchase scam : नोडल अधिकारी सहित चार निलंबित, लंबी हो सकती है लिस्ट
नील तिवारी, JABALPUR.wheat purchase scam: जबलपुर में धान खरीदी घोटाले के बाद अब गेहूं खरीदी घोटाला सामने आया है। इस कार्रवाई में नोडल अधिकारी सहित चार को निलंबित किया गया है। जिला कलेक्टर दीपक सक्सेना ( Collector Deepak Saxena) को राघव वेयर हाउस में घुन लगा गेहूं होने की शिकायत मिली थी। जिसके बाद टीम गठित की गई और जब शिकायत के अनुसार छापे मारे गए तो गेंहू भरे बोरों की स्थिति देखकर प्रशासन की आंखें भी फटी रह गई। दरअसल इस छापा मार कार्यवाही के बाद यह असलियत सामने आई कि गेहूं की भारी मात्रा में मिलावट के बावजूद भी 4 करोड़ 56 लाख का भुगतान हो चुका है। अब विभागीय अधिकारियों में जबलपुर से लेकर भोपाल तक हड़कंप मच गया है। मौके पर कार्यवाही के दौरान बरगी विधानसभा के विधायक नीरज सिंह भी मौजूद थे।
212 किसानों से 25 हजार 800 क्विंटल की खरीदी की
निरीक्षण के दौरान पुराना और घुना हुआ और गुणवत्ता विहीन (Non FAQ) गेहूं भंडारित किया गया था। यह गेहूं सूखा भरतपुर सहकारी समिति ने कथित तौर पर समर्थन मूल्य पर किसानों से खरीदा है। जबलपुर जिले में अब तक कुल 212 किसानों से 25 हजार 800 क्विंटल की खरीदी दर्ज की गई। लगभग 20,000 क्विंटल की स्वीकृति (acceptance) उपार्जन एजेंसी मार्कफेड द्वारा जारी की गई है। जिसके आधार पर कुल 6 करोड़ 19 लाख की मांग राशि में से 4 करोड़ 56 लाख का भुगतान भी हो चुका है।
ये खबर भी पढ़ें...
Illegal Tax Collection : जिला समन्वयक अधिकारी ने वसूली कराने के लिए रखे अपने गुर्गे
छुपा कर रखा था खराब गेहूं
जांच टीम द्वारा की गई प्राथमिक जांच में कुल 13 स्टैक्स में से 2 स्टैक्स में अंदर की लेयर में पुराना और घुना हुआ और गुणवत्ता विहीन गेहूं पाया गया है। वहीं जांच टीम को अन्य स्टैक्स में भी खराब गेहूं भंडारित होने की आशंका है।
इन पर गिरी कार्रवाई की गाज
खरीदी घपले में समिति प्रबंधक राकेश नंदेसरिया, खरीदी केंद्र प्रभारी भूपेंद्र सिंह पटेल, अभिषेक दीक्षित वेयरहाउस संचालक, आपरेटर सृंजल जैन, सर्वेयर प्रवीण रजक और शुभम शर्मा की संलिप्तता प्रथम दृष्ट्या पाई गई है। गेहूं खरीदी घपले में कथित संलिप्तता और लापरवाही के लिए नोडल अधिकारी रघुनाथ कुदौलिया सहकारिता निरीक्षक JSO भावना तिवारी और कुन्जम सिंह राजपूत सहित शाखा प्रबंधक MPWLC प्रियंका पठारिया को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। घटना की जानकारी लगने के बाद मौके पर ADM, DSC और SDM द्वारा जांच कार्रवाई की गई जो जारी है। जबलपुर जिला कलेक्टर दीपक सक्सेना ने बताया कि विस्तृत जांच के बाद प्रकरण में कड़ी कार्रवाई की जाएगी।