जबलपुर: अवैध मिट्टी की खदान में दब गए मजदूर, तीन की मौत
नील तिवारी @ Jabalpur. जबलपुर में नर्मदा सहित अन्य सभी नदियों के किनारे अवैध रेत उत्खनन का खेल बदस्तूर जारी है । इसके साथ ही नदियों के आसपास के मैदानों से ईंट बनाने के लिए मिट्टी का भी अवैध उत्खनन किया जाता है। जिसे काबू करने में प्रशासन नाकाम नजर आ रहा है। बुधवार यानी आज 5 जून की सुबह एक ऐसी ही अवैध मिट्टी खदान के धस जाने से 3 मजदूर की मौत हो गई। घटना गोसलपुर थाना इलाके के कटरा रमखीरिया गांव की है।
यहां मजदूर बरने नदी के किनारे खदान से मिट्टी निकालने का काम कर रहे थे। लालच के चलते इस अवैध खदान को संचालित करने वाले दबंगों ने इतना गहरा गड्ढा कर दिया था किया खदान मजदूर के लिए मौत का कुआं बन चुकी थी। मजदूरों के काम करने के दौरान एकाएक यह खदान ढह गई। मिट्टी के टीलों के नीचे दबने से मजदूर मनी बाई की मौके पर ही मौत हो गई। वहीं इलाज के दौरान 25 वर्षीय राजकुमार खटिक और 35 साल के मुकेश बसोड़ की भी मृत्यु हो गई
लंबे समय से दबंग कर रहे अवैध खनन
ग्रामीणों के अनुसार इस क्षेत्र में दबंगों के द्वारा लंबे समय से अवैध उत्खनन किया जा रहा है। जिसकी शिकायत ग्रामीणों सहित सरपंच ने भी एसडीएम तक को की है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि एसडीएम सहित कोई भी जिम्मेदार अधिकारी कभी भी मौके पर नहीं पहुंचा और इस कारण ही इस अवैध खदान में आज एक महिला को अपनी जान गंवानी पड़ी।
आपको बता दें कि जबलपुर में सिहोरा ,बरगी, गौर, बरेला जैसे क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर अवैध रेत और मिट्टी का उत्खनन होता है। प्रशासन के द्वारा इस पर कार्यवाही भी की जाती है पर इन खदानों को संचालित कर रहे आका हमेशा कार्यवाही से बच जाते हैं और उनके कर्मचारियों पर मामला कायम कर जवाबदारी की इतिश्री कर ली जाती है और यह दबंग दूसरे दिन से ही वहां पर दोबारा अवैध उत्खनन शुरू कर देते हैं। यह अवैध खदानें पर्यावरण को तो नुकसान पहुंचा ही रही थी। पर अब यह इंसानों के लिए भी जानलेवा बन रही हैं।
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