जल जीवन मिशन में बड़ा खुलासा: टंकी ढही, नल गायब, अधूरा मिला काम, EOW की जांच जारी

Arohi Raj | Sootr Creatives | Sept 25, 2026, 13:52 IST
मध्यप्रदेश के मऊगंज जिलेके चार गांवों में जल जीवन मिशन जांच के घेरे में है
मध्यप्रदेश के मऊगंज जिले में जल जीवन मिशन जांच के घेरे में है। EOW की जांच में कई गंभीर गड़बड़ियां सामने आई हैं। कहीं टंकी टूटी, तो कहीं नल कनेक्शन नहीं मिले हैं। कई जगह पाइपलाइन का काम भी अधूरा पाया गया है। कुछ गांवों में पानी की सप्लाई शुरू होकर बंद होने की बात सामने आई हैं।

योजना पर करीब 3.85 करोड़ रुपए खर्च होने थे। लेकिन जांच में पाइपलाइन, टंकी और नल कनेक्शन के काम में अनियमितताएं पाई गई हैं। कई काम मौके पर अधूरे मिले हैं। EOW ने चार गांवों में इन कामों की जांच की। इनमें जुड़मानिया रघुनाथ, खटखरी, कराह और शिवराजपुर शामिल हैं। ये काम साल 2021 में शुरू किए गए थे। योजना को नौ महीने में पूरा करना था। इसका मकसद हर घर तक नल पहुंचाना था।




शिकायत के बाद चार गांवों में पहुंची EOW

EOW की जांच एक शिकायत के बाद शुरू हुई थी। अधिकारियों ने मौके पर जाकर काम की स्थिति देखी। इसके बाद रिकॉर्ड में दर्ज काम से मिलान किया। जांच में कई जगह पाइपलाइन जमीन पर बिछी मिली थी। लेकिन घरों तक पानी पहुंचाने की व्यवस्था अधूरी थी। कहीं नल नहीं लगे, तो कहीं जरूरी फिटिंग गायब थी। एक गांव में पानी भरते समय टंकी गिर गई।



EOW ने ठेकेदार और तीन अधिकारियों को आरोपी बनाया है। ठेकेदार का नाम शिवेंद्र कुमार तिवारी बताया गया है। आरोपी अधिकारियों में एपी तिवारी भी शामिल हैं। संजय पांडे और जेपी द्विवेदी भी आरोपी बनाए गए हैं। तीनों अधिकारी PHE विभाग से जुड़े बताए गए हैं। EOW ने सभी पर मिलीभगत के आरोप लगाए हैं।




जुड़मानिया रघुनाथ में घरों तक नहीं पहुंचा पानी

जुड़मानिया रघुनाथ में 7,600 मीटर पाइपलाइन बिछानी थी। इसके साथ संप और मोटर लगाने की योजना थी। यहां 440 घरेलू नल कनेक्शन देने थे। ठेकेदार ने कई काम पूरे होने का दावा किया। उसने 400 घरेलू कनेक्शन देने की बात कही। लेकिन EOW की जांच में कनेक्शन पूरे नहीं मिले हैं। जांच में संप का काम भी अधूरा पाया गया है। पानी की सप्लाई कुछ लाइनों तक पहुंची थी। इसके बाद पानी आगे नहीं बढ़ पाया है।



खटखरी में पानी भरते समय ढही टंकी

खटखरी गांव में 75 किलोलीटर की टंकी बनाई गई थी। इस टंकी के लिए 15 मीटर स्टेजिंग बनाई गई थी। टंकी का निर्माण जेपी द्विवेदी के कार्यकाल में हुआ। EOW ने टंकी की गुणवत्ता पर सवाल उठाए हैं। 27 मार्च 2026 को टंकी में पानी भरा गया था। यह प्रक्रिया टंकी की जांच के दौरान चल रही थी। इसी दौरान टंकी का ढांचा अचानक गिर गया।



घटना के बाद निर्माण की गुणवत्ता पर सवाल उठ रहे हैं। खटखरी में 4,400 मीटर पाइपलाइन बिछानी थी। यहां मोटर और बिजली का काम भी होना था। कुल 315 घरेलू कनेक्शन देने की योजना थी। ठेकेदार ने 290 कनेक्शन पूरे होने का दावा किया है। लेकिन जांच में जरूरी नल फिटिंग नहीं मिली। घरों के सामने पाइपलाइन जरूर पहुंची हुई थी। कई जगह कंक्रीट स्टैंड भी नहीं बनाया गया था।




कराह में आधे इलाके तक पहुंची पाइपलाइन

कराह गांव में 250 किलोलीटर की टंकी बनाई गई थी। यहां 11,500 मीटर पाइपलाइन बिछाने का काम था। पांच सबमर्सिबल मोटर लगाने की योजना भी थी। साथ में 740 घरेलू कनेक्शन देने थे। ठेकेदार ने पूरी पाइपलाइन बिछाने का दावा किया। उसने चार मोटर लगाने की बात भी कही है। 740 कनेक्शन देने का दावा भी किया गया।



जांच के दौरान EOW को पाइपलाइन केवल आधे इलाके में मिली है। बाकी हिस्से में काम अधूरा पाया गया है। पानी की सप्लाई कुछ दिनों तक चली थी। इसके बाद पानी की सप्लाई पूरी तरह बंद हो गई। मोटरों को लेकर भी जांच में अंतर मिला है। ठेकेदार ने चार मोटर लगाने की जानकारी दी थी। मौके पर सिर्फ एक सबमर्सिबल मोटर मिली। घरेलू नल कनेक्शन भी पूरे नहीं मिले हैं।



शिवराजपुर में भी अधूरी मिली पानी की व्यवस्था

शिवराजपुर में 125 किलोलीटर की टंकी बनाई गई थी। यहां 8,000 मीटर पाइपलाइन बिछाने का काम था। दो मोटर और बिजली व्यवस्था भी तैयार करनी थी। कुल 700 घरेलू कनेक्शन देने की योजना थी। ठेकेदार ने 600 कनेक्शन पूरे होने का दावा किया। उसने एक मोटर लगाने की बात भी कही है। बिजली और संप का काम पूरा बताया गया।



जांच के दौरान EOW को सिर्फ पंचायत के हिस्से में काम मिला। पूरे इलाके में पाइपलाइन नहीं बिछाई गई थी। पानी की सप्लाई कुछ दिनों तक चली थी। इसके बाद पानी आना पूरी तरह बंद हो गया।



खबरों के मुताबिक, ग्रामीणों ने बताया कि शुरुआत में थोड़ा बहुत पानी का सप्लाई हुआ। लेकिन बाद में सप्लाई पूरी तरह बंद हो गई। ग्रामीणों के मुताबिक कई साल पानी नहीं पहुंचा है।




अब भुगतान और निर्माण रिकॉर्ड की जांच जारी

EOW ने मामले में जांच आगे बढ़ा दी है। एजेंसी अब भुगतान से जुड़े दस्तावेज देख रही है। निर्माण कार्य की गुणवत्ता भी जांची जा रही है। अधिकारियों की भूमिका भी जांच के दायरे में है। ठेकेदार के दावों का मौके से मिलान किया जाएगा। FIR में कई जगहों की स्थिति दर्ज है।



जांच में पाइपलाइन होने के बावजूद पानी नहीं पहुंचा। कई घरों में नल और फिटिंग नहीं मिली। इससे योजना के काम पर गंभीर सवाल उठे हैं। जल जीवन मिशन का उद्देश्य घरों तक पानी पहुंचाना है। इन गांवों में यह लक्ष्य पूरा होता नहीं दिखा। हालांकि अंतिम जिम्मेदारी जांच पूरी होने के बाद तय होगी। EOW की रिपोर्ट के आधार पर आगे कार्रवाई होगी।




  1. हाल ही में EOW द्वारा किस योजना की जांच की गई है?
    EOW द्वारा पानी की आपूर्ति से संबंधित योजना की जांच की गई है, जिसमें चार गांवों - जुड़मानिया रघुनाथ, खटखरी, कराह और शिवराजपुर से जुड़े कामों की अनियमितताएं पाई गई हैं।
  2. EOW की जांच में क्या-क्या अनियमितताएं पाई गईं?
    EOW की जांच में पाइपलाइन, टंकी और नल कनेक्शन के काम में अनियमितताएं पाई गईं, जिनमें अधूरे काम, नल कनेक्शन की कमी, और टंकी का ढहना शामिल है।
  3. इस योजना के तहत पानी की आपूर्ति में किस प्रकार की समस्याएं आईं?
    इस योजना के तहत कई गांवों में पानी की सप्लाई कुछ दिनों तक चलने के बाद पूरी तरह से बंद हो गई, जिससे ग्रामीणों को कई सालों तक पानी की कमी का सामना करना पड़ा।
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