जल जीवन मिशन का दावा हवा-हवाई! प्रदेश के 23 जिलों में 70% घरों तक नहीं पहुंचा पानी

Aman Vaishnav | Aug 11, 2026, 14:38 IST
जल जीवन मिशन
जल शक्ति मंत्रालय के डेटा में जल जीवन मिशन को लेकर एक बड़ा खुलासा हुआ है। इस योजना के तहत लगभग 70% परिवारों को नल कनेक्शन नहीं मिला है। 19 लाख से ज्यादा परिवार आज भी नल कनेक्शन मिलने का इंतजार कर रहे हैं।

मध्य प्रदेश सरकार का दावा है कि हर घर तक नल से पानी पहुंचाया जा रहा है। वहीं राज्यसभा में सामने आए आंकड़े कुछ और ही कहते हैं। प्रदेश के 55 जिलों में से 23 जिलों में हालत ठीक नहीं है। यहां पारिवारिक नल कनेक्शन का कवरेज 70% भी पार नहीं कर पाया है।



बता दें कि इन 23 जिलों में कुल 44 लाख 43 हजार परिवार रहते हैं। इनमें से सिर्फ 24 लाख 99 हजार परिवारों के घर तक ही नल का पानी पहुंचा है।



बाकी करीब 19 लाख 44 हजार परिवार अभी भी कनेक्शन के इंतजार में हैं। यह आंकड़ा योजना की धीमी रफ्तार को साफ दिखाता है।



यह खुलासा राज्यसभा में कांग्रेस सांसद विवेक तन्खा के सवाल पर सदन में जल शक्ति मंत्रालय के जवाब से हुआ है।



jal-jeevan-mission-water-tap-connection-mp


मैहर की हालत सबसे खराब

जिलों की सूची में मैहर सबसे नीचे है। यहां सिर्फ 54 हजार 757 परिवारों यानी 40.20% घरों तक ही नल कनेक्शन पहुंचा है। इसके बाद सिंगरौली का नंबर आता है, जहां कवरेज 40.62% है। छतरपुर में यह आंकड़ा 42.77% और अलीराजपुर में 42.78% है।



इन चारों जिलों में आधे से ज्यादा परिवार अभी भी नल कनेक्शन से वंचित हैं। ग्रामीण इलाकों में पानी के लिए लोग अब भी पुराने साधनों पर निर्भर हैं।



jal-jeevan-mission-water-tap-connection-mp


जबलपुर भी लक्ष्य से चूका

70 प्रतिशत से कम कवरेज वाले जिलों में जबलपुर सबसे ऊपर है। लेकिन यहां भी लक्ष्य पूरा नहीं हो सका। जिले के 2 लाख 21 हजार 284 परिवारों में से एक लाख 54 हजार 172 परिवारों के पास नल कनेक्शन है। यानी कवरेज सिर्फ 69.67% है और 67,112 परिवार अभी बाहर हैं।



जबलपुर के बाद बड़वानी 69.62%, डिंडोरी 69.48% और टीकमगढ़ 69.13% के साथ इस सूची में शामिल हैं। इन जिलों में भी करीब 30% परिवार नल कनेक्शन से वंचित हैं।



jal-jeevan-mission-water-tap-connection-mp


अन्य जिलों की स्थिति

रतलाम में कवरेज 67.47%, विदिशा में 66.67% और आगर-मालवा में 65.38% है। मंदसौर 62.79%, शाजापुर 59.40% और गुना 58.56% के साथ पीछे हैं। नीमच, सीहोर और रीवा में भी हालात संतोषजनक नहीं हैं।



शिवपुरी, सीधी, मऊगंज, अशोकनगर, पन्ना और सतना जैसे जिलों में भी कवरेज 55% से कम है। इन जिलों में लाखों परिवार अभी भी नल के पानी का इंतजार कर रहे हैं।



jal-jeevan-mission-water-tap-connection-mp


पीएचई का तर्क क्या है

पीएचई विभाग ने इस पिछड़ेपन के पीछे एक बड़ी वजह बताई है। विभाग के मुताबिक कई जिले बहु-ग्राम योजनाओं और थोक जल आपूर्ति योजनाओं पर निर्भर हैं। इन योजनाओं में काम पूरा होने में समय लगता है, जिससे कवरेज की रफ्तार धीमी है।



पूरे प्रदेश की तस्वीर

हालांकि प्रदेश के बाकी 32 जिलों में स्थिति इससे बेहतर बताई गई है। वहां पारिवारिक नल कनेक्शन (एमपी में नल कनेक्शन) का कवरेज 70% के आंकड़े को पार कर चुका है। लेकिन सिर्फ आधे से ज्यादा जिलों का ठीक होना काफी नहीं माना जा सकता। जब तक सभी 55 जिलों में एक जैसी प्रगति नहीं होती, तब तक योजना अधूरी ही कही जाएगी।



जल जीवन मिशन क्या है

जल जीवन मिशन केंद्र सरकार की एक बड़ी योजना है। इसका मकसद हर ग्रामीण घर तक नल से पीने का पानी पहुंचाना है। यह योजना 2019 में शुरू हुई थी। इसे तय समयसीमा में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया था, लेकिन कई राज्यों में यह लक्ष्य अब तक पूरा नहीं हो सका है।



केंद्र और राज्य सरकारें मिलकर इस योजना पर काम करती हैं। इसमें पाइपलाइन बिछाने से लेकर पानी की गुणवत्ता जांचने तक के काम शामिल हैं। मध्य प्रदेश जैसे बड़े राज्य में यह काम आसान नहीं है, क्योंकि यहां गांवों की संख्या बहुत ज्यादा है।



ये खबरें भी पढ़िए...

केंद्र की स्कीम में पिछड़ा एमपी, न सड़कें बनीं, न छात्रावास,गैस कनेक्शन में अव्वल



संसद में दीनदयाल जन आजीविका योजना का सच उजागर, 284 में से 138 युवाओं के आवेदन रिजेक्ट



एमपी मनरेगा में खुलासा, 1 करोड़ मजदूरों में सिर्फ 2% को मिला 100 दिन का काम



एमपी में नर्सिंग कॉलेज के हाल बेहाल, कागजों पर चल रहा इलाज, जमीन पर सन्नाटा



Tags:
  • रतलाम
  • केंद्र सरकार
  • मध्य प्रदेश सरकार
  • विवेक तन्खा
  • जल जीवन मिशन
  • राज्य सरकार
  • पीएचई विभाग
  • मैहर
  • एमपी में नल कनेक्शन