दतिया में बोले जीतू पटवारी, धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे का क्रेडिट राहुल गांधी को
दतिया उपचुनाव के प्रचार में जीतू पटवारी पहुंचे। उन्होंने धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे का श्रेय राहुल गांधी को दिया। NEET पेपर लीक के बाद देशभर में विरोध हुआ था। जंतर मंतर पर छात्रों के प्रदर्शन के बाद प्रधान ने इस्तीफा दिया। अब इस्तीफे का श्रेय लेने की सियासी होड़ शुरू हो गई है।
मध्य प्रदेश की सियासत में इस्तीफे को लेकर श्रेय की जंग छिड़ गई है। दतिया विधानसभा उपचुनाव के प्रचार में पहुंचे मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष जीतू पटवारी ने बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग सबसे पहले कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने उठाई थी। पटवारी के इस बयान ने प्रदेश की राजनीति गरमा दी है। भाजपा और कांग्रेस, दोनों दल अब इस मुद्दे पर आमने-सामने हैं।
पटवारी का बड़ा बयान
जीतू पटवारी ने कहा कि धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग सबसे पहले राहुल गांधी ने उठाई थी। उनके मुताबिक, राहुल गांधी और कांग्रेस पार्टी लगातार छात्रों और युवाओं के मुद्दों पर आवाज उठाती रही है। पटवारी ने कहा कि आज जो परिस्थितियां बनी हैं, वे भाजपा की गलत नीतियों के खिलाफ जनता के आक्रोश को दर्शाती हैं। उन्होंने यह भी दावा किया कि भाजपा के अंत की शुरुआत हो चुकी है। यह बयान उन्होंने दतिया में कांग्रेस प्रत्याशी के समर्थन में आयोजित सभा के दौरान दिया।
क्या है पूरा मामला
दरअसल NEET (National Eligibility cum Entrance Test) परीक्षा के पेपर लीक होने का मामला सामने आया था। इसके बाद देशभर के छात्रों में भारी नाराजगी देखी गई। कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने दिल्ली के जंतर मंतर पर इस मुद्दे को लेकर प्रदर्शन किया। कई विपक्षी दलों के नेता भी छात्रों के समर्थन में सड़क पर उतर आए थे। लगातार बढ़ते दबाव के बाद केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को अपने पद से इस्तीफा देना पड़ा। यह पूरा घटनाक्रम शिक्षा व्यवस्था और परीक्षा प्रणाली की साख से जुड़ा हुआ रहा है।
जंतर मंतर पर जश्न का माहौल
प्रधान के इस्तीफे के बाद जंतर मंतर पर जश्न का माहौल देखा गया। वहां मौजूद छात्र संगठनों ने इसे अपनी बड़ी जीत के तौर पर पेश किया। इसी बीच अब अलग-अलग राजनीतिक दल इस इस्तीफे का श्रेय लेने की कोशिश में जुट गए हैं। कांग्रेस ने दावा किया है कि पार्टी ने ही सबसे पहले इस मुद्दे को जोरदार तरीके से उठाया था। इस श्रेय की लड़ाई ने मामले को और सुर्खियों में ला दिया है।
प्रदेश सरकार पर भी साधा निशाना
दतिया में जनसभा के दौरान जीतू पटवारी ने केंद्र सरकार के साथ-साथ प्रदेश सरकार पर भी जमकर हमला बोला। यह जनसभा कांग्रेस प्रत्याशी कुंवर घनश्याम सिंह के समर्थन में आयोजित की गई थी। पटवारी ने कहा कि दतिया का यह उपचुनाव सिर्फ एक विधानसभा सीट का चुनाव नहीं है। उनके मुताबिक यह प्रदेश की जनता की आवाज और विकास की दिशा तय करने वाला चुनाव है। उन्होंने इसे भाजपा सरकार की नीतियों पर जनमत संग्रह जैसा बताया।
कांग्रेस को मिल रहा जनसमर्थन
पटवारी ने सभा में दावा किया कि दतिया क्षेत्र में बदलाव का माहौल बन गया है। उनके अनुसार कांग्रेस को क्षेत्र की जनता का व्यापक समर्थन मिल रहा है। भाजपा और कांग्रेस, दोनों ही दल चुनाव प्रचार में पूरी ताकत झोंक रहे हैं। दोनों दलों के बड़े नेता लगातार दतिया का दौरा कर रहे हैं। ऐसे में यह उपचुनाव मध्य प्रदेश की राजनीति के लिए काफी अहम माना जा रहा है।
आगे क्या
दतिया उपचुनाव का नतीजा प्रदेश की सियासी दिशा तय कर सकता है। कांग्रेस इसे भाजपा सरकार के खिलाफ जनता के गुस्से से जोड़कर देख रही है। वहीं भाजपा की रणनीति और आधिकारिक प्रतिक्रिया अभी सामने नहीं आई है। आने वाले दिनों में चुनाव प्रचार और तेज होने की संभावना है।
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