अकेले रहने वाले बुजुर्गों का सहारा बना Jeevan App, जानें कैसे करेगा काम
Jeevan App for Senior Citizens: आज के समय में बहुत से बुजुर्ग घरों में अकेले रहते हैं। उनके बच्चे अक्सर नौकरी या बिजनेस के लिए दूसरे शहरों में रहते हैं। कई बार बच्चे विदेशों में जाकर बस जाते हैं। ऐसे में पीछे छूटे बुजुर्ग माता-पिता की चिंता हमेशा बनी रहती है।
बुजुर्गों को अचानक मेडिकल इमरजेंसी या सुरक्षा की जरूरत पड़ सकती है। इसी समस्या को दूर करने के लिए नया कदम उठाया गया है। केंद्रीय सामाजिक न्याय विभाग ने एक बहुत ही खास डिजिटल प्लेटफॉर्म तैयार किया है।
इसका नाम जीवन एप रखा गया है। इसके साथ ही एक शतायु डैशबोर्ड भी बनाया गया है। यह दोनों सिस्टम मिलकर बुजुर्गों की हर कदम पर मदद करेंगे। यह एप अकेले रह रहे सीनियर सिटीजन्स को एक सुरक्षित माहौल देगा। इससे उनकी लाइफ काफी आसान और सुरक्षित हो जाएगी।
MP के किन शहरों को सबसे पहले मिलेगा फायदा
इस बेहतरीन एप (Joint Elderly Empowerment & Virtual Assistance Network) की लॉन्चिंग के बाद काम बहुत तेजी से शुरू हुआ है। मध्य प्रदेश के बड़े शहरों पर सबसे पहले फोकस है। इंदौर, भोपाल, जबलपुर और ग्वालियर जैसे बड़े शहरों को इसमें पहले जोड़ा जा रहा है।
यहां की बड़ी आबादी इसका लाभ उठाएगी। इन शहरों में ऐसे कई बुजुर्ग हैं जिनके बच्चे बाहर रहते हैं। सामाजिक न्याय विभाग ने उनका डेटा जुटाना शुरू कर दिया है।
केंद्र सरकार की टीमें ऐसे अकेले रहने वाले बुजुर्गों की पहचान कर रही हैं। उन्हें प्राथमिकता के आधार पर एप से जोड़ा जाएगा। इंदौर और भोपाल में इस एप को लेकर बुजुर्गों में काफी उत्साह है।
वे तेजी से इस डिजिटल सिस्टम को अपना रहे हैं। ग्वालियर और जबलपुर में भी इसके लिए प्रशासनिक तैयारियां पूरी की जा चुकी हैं। जल्द ही इसका दायरा बढ़ेगा।
Shatayu Dashboard से कैसे मिलेंगे सर्टिफाइड केयरटेकर
बुजुर्गों के लिए एक अच्छा और ईमानदार केयरटेकर ढूंढना बहुत मुश्किल काम है। कई बार लोग धोखाधड़ी का शिकार हो जाते हैं। गलत और अनट्रेंड लोग घर में घुसकर बुजुर्गों को नुकसान भी पहुंचाते हैं।
साइबर ठगी के मामले भी बहुत बढ़ गए हैं। अब शतायु डैशबोर्ड इस बड़ी समस्या को पूरी तरह खत्म कर देगा। इस पर सभी सर्टिफाइड केयरटेकर की लिस्ट उपलब्ध होगी।
यहां आपको ट्रेंड नर्स और अटेंडेंट की लाइव जानकारी सीधे मिल जाएगी। आप अपने इलाके के हिसाब से उन्हें चुन सकते हैं। सभी केयरटेकर पूरी तरह वेरिफाइड और सरकार द्वारा मान्यता प्राप्त होंगे।
इससे फ्रॉड या दुर्व्यवहार की आशंका खत्म हो जाएगी। बुजुर्गों की देखभाल के लिए जेरियाट्रिक केयरटेकर यानी विशेष रूप से प्रशिक्षित लोग मिलेंगे। यह एक बहुत ही सुरक्षित तरीका है।
इमरजेंसी के समय जीवन एप कैसे काम करेगा
जीवन एप का सबसे बेहतरीन फीचर इसका पैनिक और इमरजेंसी सपोर्ट बटन है। यह बटन किसी सुरक्षा कवच की तरह काम करता है। अचानक तबीयत खराब होने पर बुजुर्ग को बस एक क्लिक करना होगा।
क्लिक करते ही तुरंत मदद के लिए सिग्नल चला जाएगा। एप से जुड़े केयरटेकर और नजदीकी मेडिकल टीम को इसकी सूचना मिल जाएगी। वे बिना समय गंवाए बुजुर्ग के घर पहुंचेंगे।
इस एप में वृद्धाश्रमों की लाइव जानकारी भी जोड़ी गई है। कोई भी बुजुर्ग जरूरत पड़ने पर वहां की स्थिति देख सकता है। केंद्रीय मंत्री वीरेंद्र खटीक ने इस एप को हाल ही में जनता के लिए लॉन्च किया है।
वे खुद मध्य प्रदेश से ताल्लुक रखते हैं। उनका मानना है कि यह एप बुजुर्गों को आत्मनिर्भर और सुरक्षित बनाएगा। अब वे खुद को अकेला महसूस नहीं करेंगे।
FAQ
- केंद्र सरकार द्वारा लॉन्च किए गए जीवन एप (Jeevan App) का मुख्य उद्देश्य क्या है?
केंद्र सरकार के सामाजिक न्याय विभाग द्वारा लॉन्च किए गए जीवन एप का मुख्य उद्देश्य 60 वर्ष से अधिक उम्र के अकेले रहने वाले बुजुर्गों को सुरक्षा, स्वास्थ्य सहायता और आपातकालीन सेवाएं प्रदान करना है। यह एप बुजुर्गों को डिजिटल रूप से सशक्त बनाता है ताकि वे किसी भी इमरजेंसी के समय केवल एक क्लिक पर तुरंत सहायता प्राप्त कर सकें। - शतायु डैशबोर्ड बुजुर्गों के लिए किस प्रकार मददगार साबित होगा?
शतायु डैशबोर्ड विशेष रूप से बुजुर्गों की देखभाल के लिए जेरियाट्रिक केयरटेकर, नर्स या अटेंडेंट खोजने में मदद करेगा। इस डैशबोर्ड पर सभी केयरटेकर की लाइव उपलब्धता और पूरी सूची मौजूद रहेगी। इस प्लेटफॉर्म पर केवल वेरिफाइड और प्रशिक्षित लोग ही लिस्टेड होंगे।
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