झाबुआ में भाजपा के पूर्व विधायक कलसिंह भाबर का महिलाओं से अभद्र व्यवहार, लात उठाने का वीडियो वायरल
पांच पाइंट में समझें पूरा मामला
- वीडियो वायरल: झाबुआ में भाजपा के पूर्व विधायक कलसिंह भाबर का महिलाओं से अभद्रता का वीडियो वायरल।
- लात उठाई: विवादित खेत पर बुलडोजर रुकवाने आई महिलाओं पर पूर्व विधायक ने लात उठाई।
- गाली-गलौज: घटना के दौरान महिलाओं के साथ जमकर धक्का-मुक्की और अभद्र गाली-गलौज की गई।
- कांग्रेस का हमला: विपक्ष ने इसे नारी शक्ति का अपमान बताकर कड़ी कार्रवाई की मांग की।
- पारिवारिक विवाद: पूर्व विधायक के बेटे ने इसे राजनीति से अलग आपसी पारिवारिक जमीनी विवाद बताया।
झाबुआ जिले के थांदला से भाजपा के पूर्व विधायक कलसिंह भाबर विवादों में घिर गए हैं। शनिवार को वायरल हुए एक वीडियो में भाबर महिलाओं को धमकाते हुए नजर आए। घटना एक खेत में हुई थी, जहां भाबर स्वयं बुलडोजर चलवा रहे थे। कुछ महिलाएं बुलडोजर को रोकने आईं, इस दौरान भाबर ने महिलाओं को धमकाया और एक महिला के हाथ को पकड़कर लात मारने का प्रयास किया।
पूर्व विधायक ने महिला को हाथ से धकेला
वीडियो में एक व्यक्ति भाबर को 'मामा' कहकर महिलाओं पर लात न उठाने की चेतावनी देता सुनाई दे रहा है। इसके बावजूद पूर्व विधायक ने महिला को हाथ से धकेला। इस दौरान गाली-गलौज भी हुई। जो घटना की गंभीरता को बता रही है।
कांग्रेस की प्रतिक्रिया और कार्रवाई की मांग
कांग्रेस ने इस घटना को महिलाओं का अपमान बताते हुए सोशल मीडिया पर भाबर और भाजपा के प्रदेश नेतृत्व पर तंज कसा। कांग्रेस का कहना है कि भाजपा की नेतागीरी अत्याचार, गठबंधन और नारी अपमान का लाइसेंस बन चुकी है। कांग्रेस ने प्रदेश नेतृत्व से तत्काल कार्रवाई की मांग की है।
पूर्व विधायक के परिवार का पक्ष
पूर्व विधायक कल सिंह भाबर का कोई पक्ष सार्वजनिक नहीं हुआ। उनके पुत्र संजय भाबर ने इसे पारिवारिक मामला बताया। उनके अनुसार विवाद जमीन से जुड़ा था और महिलाएं जमीन के मसले को लेकर परेशान थीं। थांदला थाना प्रभारी अशोक कनेश ने कहा कि अब तक इस मामले में कोई शिकायत नहीं मिली है।
थाना प्रभारी ने कहा नहीं मिली कोई शिकायत
हैरानी की बात यह है कि सोशल मीडिया पर इतना बड़ा वीडियो वायरल होने के बाद भी कोई एक्शन नहीं हुआ है। थांदला पुलिस थाने के प्रभारी अशोक कनेश ने इस मामले पर चौंकाने वाला बयान दिया है। थाना प्रभारी का कहना है कि इस पूरे मामले में अब तक किसी भी पक्ष से कोई लिखित शिकायत नहीं मिली है।
पुलिस का कहना है कि जब तक पीड़ित महिलाएं थाने आकर रिपोर्ट दर्ज नहीं कराएंगी, तब तक कोई केस नहीं होगा। अब देखना यह होगा कि क्या झाबुआ प्रशासन इस मामले में खुद संज्ञान लेकर कोई कानूनी कार्रवाई करता है या नहीं।
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