झाबुआ में लोकायुक्त का एक्शन : पति के जरिए रिश्वत ले रही थी महिला अधिकारी, रंगेहाथों धराया जोड़ा
News in Short
- झाबुआ में लोकायुक्त ने महिला कर्मचारी के पति को रिश्वत लेते हुए पकड़ा।
- रिटायर्ड कर्मचारी ने पेंशन और अन्य लाभ के लिए रिश्वत देने की शिकायत की थी।
- महिला कर्मचारी ने अपने पति को रिश्वत की रकम लेने के लिए राजगढ़ नाके भेजा।
- लोकायुक्त ने दोनों के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम और आईपीसी की धारा के तहत मामला दर्ज किया।
- ₹10000 की रिश्वत थी, जिसे लोकायुक्त टीम ने रंगे हाथ पकड़ा।
News in Detail
Jhabua. मध्यप्रदेश में भ्रष्टाचार पर रोक लगाने के लिए लोकायुक्त की कार्रवाई लगातार जारी है। लोकायुक्त टीम लगभग हर दूसरे दिन रिश्वत लेते हुए अधिकारियों और कर्मचारियों को रंगे हाथ पकड़ रही है, लेकिन बावजूद इसके रिश्वतखोरी का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। ताजा मामला झाबुआ जिले का है, जहां इंदौर लोकायुक्त ने एक महिला कर्मचारी के पति को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ पकड़ा। महिला कर्मचारी अपने पति के माध्यम से रिश्वत की रकम ले रही थी।
रिश्वत मांगने की शिकायत
झाबुआ में स्थित जिला आयुष कार्यालय में सहायक ग्रेड-2 रत्नाप्रेम पंवार के खिलाफ शिकायत दर्ज की गई थी। रिटायर्ड कर्मचारी कमल सिंह ठाकुर ने शिकायत में बताया कि उन्होंने पेंशन, ग्रेच्युटी, अर्जित अवकाश और समयमान वेतनमान के लिए कई बार कार्यालय का चक्कर लगाया, लेकिन कोई नतीजा नहीं निकला। इसके बदले रत्नाप्रेम पंवार ने 12,000 रुपए की रिश्वत की मांग की, जिसे बाद में 10,000 रुपए में तय किया गया।
लोकायुक्त की कार्रवाई
लोकायुक्त टीम ने शिकायत की जांच की और शिकायत को सही पाया। इसके बाद रिश्वत की रकम 10,000 रुपये को कमल सिंह ठाकुर से महिला कर्मचारी के पास भेजा गया। महिला कर्मचारी ने यह रकम अपने पति नरेंद्र पंवार को देने के लिए कहा और जैसे ही नरेंद्र ने रिश्वत ली, लोकायुक्त टीम ने उसे रंगे हाथ पकड़ लिया।
रिश्वत देने की जगह
रिश्वत की रकम राजगढ़ नाके पर नरेंद्र पंवार को देने के लिए महिला कर्मचारी ने कमल सिंह ठाकुर को भेजा। जैसे ही नरेंद्र पंवार ने रिश्वत की रकम ली, लोकायुक्त की टीम ने तुरंत कार्रवाई करते हुए उसे गिरफ्तार कर लिया।
कड़ी कार्रवाई और सजा
लोकायुक्त ने महिला कर्मचारी रत्नाप्रेम पंवार और उसके पति नरेंद्र पंवार के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण (संशोधन) अधिनियम 2018 की धारा 7 और भारतीय दंड संहिता की धारा 61(2) के तहत मामला दर्ज किया है। इस कार्रवाई से यह स्पष्ट हो गया है कि मध्यप्रदेश में भ्रष्टाचार पर सख्त कार्रवाई की जा रही है। सरकार किसी भी प्रकार के भ्रष्टाचार को बर्दाश्त नहीं करेगी।
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