झांसी-ओरछा दक्षिणी बाईपास: बुंदेलखंड की तरक्की का नया रास्ता, 631 करोड़ की सौगात

Sanjay Dhiman | Apr 05, 2026, 19:54 IST
Photograph: (the sootr)
झांसी और ओरछा के बीच 631 करोड़ की लागत से 15.5 किलोमीटर लंबा 4-लेन दक्षिणी बाईपास बनेगा। इससे न केवल झांसी की जाम की समस्या हल होगी, बल्कि पर्यटन और औद्योगिक विकास में भी गति आएगी।

News in Short

  • झांसी और ओरछा के बीच 631 करोड़ की लागत से 15.5 किमी लंबा दक्षिणी बाईपास बनेगा।
  • बाईपास से शहर के ट्रैफिक को राहत मिलेगी, भारी वाहन शहर के बाहर जाएंगे।
  • पांच नेशनल हाईवे के संगम से झांसी में जाम की समस्या कम होगी।
  • बाईपास उद्योगों के लिए निर्बाध माल ढुलाई की सुविधा प्रदान करेगा, लागत घटेगी।
  • ओरछा का पर्यटन बढ़ेगा, पर्यटन स्थल तक सुगम पहुंच से स्थानीय अर्थव्यवस्था को लाभ होगा।

News in Detail

झांसी और ओरछा वालों के लिए एक बड़ी खबर निकलकर आई है। झांसी और ओरछा के बीच प्रस्तावित नए 4-लेन दक्षिणी बाईपास से इलाके में यातायात की सूरत पूरी तरह बदलने वाली है। केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने 631.73 करोड़ रुपये की लागत से इस बाईपास को मंजूरी दे दी है। यह 15.5 किलोमीटर लंबा होगा। यह बाईपास झांसी शहर को जाम से मुक्ति दिलाएगा। मध्य प्रदेश के निवाड़ी जिले और उत्तर प्रदेश के झांसी जिले के बीच बेहतर कनेक्टिविटी सुनिश्चित करेगा।



झांसी में अब जाम का झंझट होगा खत्म

झांसी शहर भारत के प्रमुख स्थानों में आता है। यहां से पांच राष्ट्रीय राजमार्ग गुजरते हैं, जिनमें NH-44, NH-39, NH-27, NH-539 और NH-552 शामिल हैं। इन सभी हाईवे का ट्रैफिक शहर के मुख्य इलाकों से होकर गुजरता है, जिससे जाम की स्थिति बनी रहती है। इस बाईपास के बनने के बाद, भारी ट्रकों को शहर से बाहर ही मार्ग मिल जाएगा। शहर के भीतर का ट्रैफिक कम होगा और स्थानीय निवासियों को प्रदूषण और शोर-शराबे से राहत मिलेगी।



औद्योगिक विकास को मिलेगा नया आयाम

झांसी में उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा बसाए जा रहे नए औद्योगिक शहर (BIDA) के लिए यह बाईपास अहम साबित होगा। उद्योगों के स्थापित होने के बाद, माल ढुलाई की जरूरतें बढ़ेंगी। इस बाईपास के माध्यम से कच्चे माल और तैयार उत्पादों के परिवहन को आसान और तेज़ बना दिया जाएगा। इससे व्यापारिक लागत में कमी आएगी, जो बुंदेलखंड में निवेश को आकर्षित करेगा और स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के अवसर पैदा होंगे।



ओरछा के पर्यटन को मिलेगी नई दिशा

एमपी का ओरछा, जो यूनेस्को की संभावित विश्व धरोहर सूची में शामिल है। इस प्रोजेक्ट से पर्यटन के लिहाज से विशेष महत्व रखता है। बाईपास का समापन ओरछा तिगेला पर होगा, जिससे पर्यटकों के लिए बेहतर मार्ग मिलेगा। राम राजा मंदिर, जहांगीर महल, और बेतवा वन्यजीव अभयारण्य जैसे पर्यटन स्थलों तक पहुंच सुगम होगी, जिससे पर्यटकों की संख्या बढ़ेगी। पर्यटन क्षेत्र के विकास से होटल, गाइड और हस्तशिल्प उद्योग जैसे स्थानीय व्यवसायों को बल मिलेगा। इससे न केवल ओरछा, बल्कि झांसी और निवाड़ी की ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी फायदा होगा।



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