जीतू पटवारी ने जंतर मंतर प्रदर्शन पर पीएम मोदी को घेरा, बोले युवाओं की आवाज दबा रही सरकार, दिल्ली में युद्ध जैसे हालात
सीईसी ज्ञानेश कुमार को लेकर दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन को पुलिस ने सख्ती से रोक दिया है। दिल्ली पुलिस ने इस प्रदर्शन को रोकने के लिए जो तरीके अपनाए उसे लेकर मध्य प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने पीएम मोदी पर निशाना साधा है। पटवारी ने कहा कि केंद्र सरकार युवाओं की आवाज दबाने का प्रयास कर रही है। पटवारी के कहा कि विरोध को जितना दबाओगे, वो उतनी ज्यादा ताकत से होगा।
इससे पहले दिल्ली में कॉकरोच जनता पार्टी ने 10 अक्टूबर से प्रदर्शन का ऐलान किया था। लेकिन शनिवार को दिल्ली पुलिस ने इसे सख्ती से रोक दिया। इस आंदोलन को रोकने के तरीके पर जीतू पटवारी ने सवाल उठाए है।
सीजेपी और कांग्रेस CEC Gyanesh Kumar के इस्तीफे का मांग कर रहे है। इसे लेकर ही शनिवार का प्रोटेस्ट होना था।
समझें क्या है पूरा मामला
- सीजेपी ने आज जंतर मंतर पर प्रोटेस्ट का कॉल दिया था।
- दिल्ली पुलिस ने मेट्रो स्टेशन बंद किए और ट्रेनें रद्द कीं।
- जीतू पटवारी ने इन इंतजामों की तुलना युद्ध के हालात से की।
- कांग्रेस और गठबंधन ज्ञानेश कुमार का इस्तीफा मांग रहे हैं।
- राहुल गांधी कल राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मिले।
जंतर मंतर प्रदर्शन में क्या हुआ
सीजेपी ने देश भर के युवाओं से जंतर मंतर जुटने की अपील की थी। मांग वही थी: ज्ञानेश कुमार का इस्तीफा। दिल्ली पुलिस ने मेट्रो स्टेशन बंद कर दिए। ट्रेनें भी रद्द कर दी गईं।
एक प्रदर्शन के लिए मेट्रो, ट्रेन और बॉर्डर तीनों प्रभावित हुए। दिल्ली पुलिस के इन इंतजामों के कारण दिल्ली के आम लोग काफी परेशान हुए।
पटवारी ने कड़े इंतजामों पर उठाए सवाल
पटवारी ने ट्रेनें रद्द करने का मुद्दा उठाया। उन्होंने हाउस अरेस्ट (घर में नजरबंद करना) और कीलें बिछाने का भी जिक्र किया। उनके मुताबिक दिल्ली बॉर्डर पर युद्ध जैसा माहौल बनाना डरी हुई सरकार का तरीका है।
पटवारी ने सवाल किया कि युवाओं को जंतर मंतर पर अपनी बात रखने से क्यों रोका जा रहा है?
पटवारी की चेतावनी: रोको मत
यह चेतावनी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लिए थी। पटवारी ने साफ कहा कि बात सुनो, रोको मत, दबाओ मत। उनका दावा है कि विरोध सिर्फ दिल्ली तक सीमित नहीं रहेगा।
युवाओं को संविधान से मिला विरोध का हक
पटवारी ने कहा कि जंतर मंतर पर अपनी बात रखना युवाओं का अधिकार है। उनके मुताबिक यह हक देश के युवाओं को संविधान ने दिया है। उन्होंने कहा कि यह देश हम सबका है।
ज्ञानेश कुमार पर पटवारी का आरोप
ज्ञानेश कुमार देश के मुख्य चुनाव आयुक्त (सीईसी – Chief Election Commissioner) हैं। पटवारी ने कहा कि देश जानना चाहता है कि कथित वोट चोरी क्यों हुई। इसके लिए कौन जिम्मेदार है, पटवारी ने कहा कि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को सरकार बचाने का प्रयास कर रही है।
उन्होंने सरकार से उन्हें पद से हटाने की मांग की। पटवारी ने कहा कि सरकार अपना दायित्व निभाए। वरना कांग्रेस महाभियोग (पद से हटाने की संवैधानिक प्रक्रिया) लाएगी ही।
गलती करने वाले को सजा मिलेगी, पटवारी ने यह भी जोड़ा।
वोट चोरी पर राहुल गांधी का आंदोलन
वोट चोरी के खिलाफ चल रहे आंदोलन की अगुवाई राहुल गांधी कर रहे हैं। कल वे पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के साथ राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मिले। इंडी गठबंधन के साथी भी उनके साथ थे। राहुल गांधी के मुताबिक राष्ट्रपति ने उनसे सबूत मांगे हैं।
चुनाव आयोग पर प्रदर्शन से राजघाट तक
पिछले दिनों राहुल गांधी की अगुवाई में कई सौ लोग चुनाव आयोग पहुंचे। इनमें कार्यकर्ता, नेता और सांसद शामिल थे। वे ज्ञानेश कुमार और अन्य चुनाव आयुक्तों से मिलना चाहते थे। अनुमति नहीं मिली तो उन्होंने वहीं प्रदर्शन किया।
अगले दिन जंतर मंतर पर प्रदर्शन हुआ। उसके अगले दिन राजघाट पर धरना दिया गया। यानी तीन दिन में तीन जगह विरोध दर्ज हुआ।
कांग्रेस और गठबंधन की मांग साफ
कांग्रेस और गठबंधन के नेता साफ कह चुके हैं कि इससे कम स्वीकार नहीं। मांग एक ही है, ज्ञानेश कुमार का इस्तीफा। सीजेपी भी इसी मांग को लेकर आवाज उठा रही है।
पटवारी का संदेश साफ है: बात सुनो, रोको मत, दबाओ मत। अब नजर इस पर है कि सरकार इसका क्या जवाब देती है।
सवाल उठता है कि आंदोलन आगे किस दिशा में जाएगा? कांग्रेस ने अभी तक अपना रुख नरम नहीं किया है। सीजेपी भी जंतर मंतर पर अपनी मांग पर कायम है।
- दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन को पुलिस ने क्यों रोका?
दिल्ली पुलिस ने प्रदर्शन को रोकने के लिए मेट्रो स्टेशन बंद किए और ट्रेनें रद्द कीं, जिससे लोगों को काफी परेशानी हुई। - जीतू पटवारी ने प्रधानमंत्री मोदी पर क्या आरोप लगाए?
जीतू पटवारी ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार युवाओं की आवाज को दबाने का प्रयास कर रही है और प्रदर्शन को रोकने के लिए सख्त इंतजाम कर रही है। - कांग्रेस और सीजेपी द्वारा क्या मांग की गई है?
कांग्रेस और सीजेपी ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार का इस्तीफा मांगा है, जिसे वे सरकार को बचाने की कोशिश के रूप में देख रहे हैं।