बीजेपी ने नहीं दिया मौका तो कटनी महापौर का चुनाव लड़ चुकीं ज्योति दीक्षित ने पार्टी को कह दिया अलविदा
KATNI. विधानसभा चुनाव में प्रत्याशियों के चयन में आगे चल रही बीजेपी को कटनी से बुरी खबर मिली है। टिकट न मिलने से नाराज यहां की बीजेपी नेत्री ज्योति विनय दीक्षित ने पार्टी छोड़ दी है। ज्योति कटनी की मुड़वारा सीट से दावेदारी कर रही थीं, लेकिन पार्टी ने यहां से दो बार के विधायक रहे संदीप जायसवाल पर ही भरोसा जताया है। खास बात यह है कि ज्योति पूर्व मंत्री संजय पाठक की समर्थक हैं। कहते हैं कि संजय पाठक ने ज्योति को नगर निगम चुनाव में महापौर का टिकट दिलाने में अहम भूमिका निभाई थी, हालांकि ज्योति बीजेपी से बगावत करने वाली निर्दलीय प्रत्याशी प्रीति सूरी से हार गई थीं।
हारे प्रत्याशी के बजाय सिटिंग एमएलए पर जताया भरोसा
दरअसल बीते साल ही ज्योति महापौर का चुनाव हारी हैं, ऐसे में पार्टी ने उन पर दांव लगाने के बजाय वर्तमान विधायक संदीप जायसवाल को ही टिकट दे दिया। यह बात ज्योति को नागवार गुजरी है और उन्होंने पार्टी छोड़ने का कदम उठाया है, उन्होंने अपना इस्तीफा पार्टी कार्यालय में भेज दिया है। सूत्र बताते हैं कि पार्टी संगठन के सर्वे में संदीप की स्थिति मजबूत पाई गई थी।
इस लिस्ट में 2 सीटों पर प्रत्याशी घोषित
बता दें कि बीजेपी की सोमवार को जारी हुई लिस्ट में कटनी के मुड़वारा से संदीप जायसवाल और विजयराघौगढ़ से संजय पाठक को उम्मीदवार डिक्लेयर किया गया है। दोनों ही प्रत्याशी वर्तमान विधायक भी हैं। अब संजय पाठक की खास समर्थक होने के बावजूद ज्योति ने यह कदम क्यों उठाया, इस पर भी तरह-तरह की चर्चाएं होना शुरु हो चुकी हैं। बीजेपी के हल्कों में चर्चा है कि दो बार की पार्षद ज्योति को पार्टी ने महापौर का चुनाव लड़ने का मौका दिया, ऐसे में उनके द्वारा उठाया गया यह कदम उचित नहीं है। हालांकि ज्योति के समर्थक यही कह रहे हैं कि एक तो पार्टी ने उनको हराने वाली प्रीति सूरी को फिर अपना लिया और उन्हें टिकट भी नहीं दिया गया, ऐसे में ज्योति का नाराज होना स्वाभाविक है।