ज्योतिरादित्य सिंधिया की जनसुनवाई में पहुंचा 'फरार' अपराधी, मंत्री ने खुद पकड़वाया!
अशोकनगर में केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया की जनसुनवाई के दौरान एक गंभीर घटना सामने आई। एक फरार अपराधी बिना किसी डिटेक्शन के मंत्री तक पहुंच गया। युवक ने किसी और का टोकन लेकर जनसुनवाई में हिस्सा लिया, लेकिन केंद्रीय मंत्री की सख्त निगाह ने उसे पकड़वा दिया। बाद में पता चला कि युवक पर दो दिन पहले FIR दर्ज हुई थी और वह फरार था। सिंधिया के हस्तक्षेप से पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए उसे गिरफ्तार कर लिया।
फर्जी टोकन लेकर सिंधिया के पास पहुंचा था युवक
जनसुनवाई में व्यवस्था बनाए रखने के लिए प्रशासन टोकन सिस्टम का इस्तेमाल करता है। राजीव नाम का यह युवक खुद के बजाय किसी दूसरे व्यक्ति का टोकन लेकर आया। जैसे ही वह सिंधिया के सामने खड़ा हुआ, केंद्रीय मंत्री ने उससे पूछताछ शुरू की।
जब सिंधिया ने उसका नाम पूछा, तो वह हड़बड़ा गया और सच उगल दिया। उसने बताया कि वह किसी और के नाम का आवेदन लेकर आया है। इस बात पर सिंधिया काफी नाराज हुए और पुलिस को उसे हटाने को कहा।
सिंधिया की पैनी नजर और पुलिस का कड़ा एक्शन
शुरुआत में पुलिस ने उसे साधारण व्यक्ति समझकर किनारे कर दिया था। लेकिन केंद्रीय मंत्री सिंधिया के मन में कुछ खटक रहा था, उन्होंने उसे दोबारा वापस बुलाया। जब गहराई से पूछताछ हुई, तो असली सच्चाई जानकर सब दंग रह गए।
पता चला कि इस युवक पर महज दो दिन पहले ही एफआईआर दर्ज हुई थी। वह पुलिस रिकॉर्ड में 'फरार' चल रहा था और सीधा मंत्री की सभा में आ गया। सिंधिया ने तुरंत एसपी राजीव कुमार मिश्रा को सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए।
केंद्रीय मंत्री की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल
इस घटना ने पुलिस प्रशासन की सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। एक अपराधी जिस पर हाल ही में केस दर्ज हुआ हो, वह जनसुनवाई तक कैसे पहुंच गया? सिंधिया ने मंच से ही साफ कर दिया कि कानून से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं होगा। उन्होंने पुलिस को निर्देश दिया कि इस युवक पर धोखाधड़ी की एक और नई एफआईआर दर्ज की जाए। पुलिस ने बिना देरी किए आरोपी को हिरासत में लिया और थाने ले गई।
जनता के बीच चर्चा: 'महाराज' का ऑन-द-स्पॉट फैसला
इलाके के लोग सिंधिया के इस त्वरित एक्शन की काफी तारीफ कर रहे हैं। लोगों का कहना है कि केंद्रीय मंत्री न केवल समस्याएं सुनते हैं, बल्कि चेहरों को भी पढ़ लेते हैं। यह वाकया अब पूरे मध्य प्रदेश की राजनीति में चर्चा का विषय बना हुआ है। फरार अपराधी का खुद चलकर मंत्री के पास आना उसकी सबसे बड़ी बेवकूफी साबित हुई। अब पुलिस इस मामले में आरोपी के पुराने रिकॉर्ड को भी खंगाल रही है।
यह खबरें भी पढ़ें...
मंडला में 67 करोड़ की सड़क में बड़ा घोटाला: PWD के 3 अफसर सस्पेंड
एम्स भोपाल का हाईटेक हेलमेट, AI से दांत और जबड़े का 3D एक्स-रे करेगा
भगवान पास कर दो, 100 लड्डू चढ़ाऊंगी... एमपी बोर्ड रिजल्ट से पहले छात्रों की अनोखी मन्नतें
नीलामी फेल: अब एमपी में निगम-मंडल चलाएंगे शराब की दुकानें
फरार आरोपी गिरफ्तार