कबड्डी मैदान बना सियासी अखाडा़, मंच पर जगह नहीं मिली तो विधायक प्रियंका मीणा हुई नाराज, भाजपा में फिर दिखी गुटबाजी
गुना जिले के बीनागंज में सेवा संकल्प अभियान का मंच सियासी अखाड़ा बन गया। BJP MLA प्रियंका मीणा के समर्थक को मंच पर जगह नहीं मिली। वे भड़क गईं। जिला उपाध्यक्ष से उनकी तीखी बहस हो गई। खबरों के मुताबिक जिलाध्यक्ष और जिला पंचायत अध्यक्ष मंच छोड़कर नीचे बैठ गए। यह पूरा वाकया कबड्डी के मैदान पर हुआ। तो क्या यह सिर्फ कुर्सी की लड़ाई थी?
गुना के बीनागंज में सेवा संकल्प अभियान का कार्यक्रम हुआ। चांचौड़ा विधायक प्रियंका मीणा समर्थक मंडल अध्यक्ष को मंच पर बैठाना चाहती थीं। जगह न मिलने पर जिला उपाध्यक्ष प्रबल प्रताप सिंह उर्फ निक्की से बहस हुई। जिलाध्यक्ष सिकरवार और जिला पंचायत अध्यक्ष अरविंद धाकड़ नीचे बैठ गए। जिलाध्यक्ष के मुताबिक जगह कम थी, पर प्रत्यक्षदर्शियों ने गुटबाजी देखी।
सेवा संकल्प अभियान क्या है?
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सेवा और जनकल्याण के कार्यकाल को 25 वर्ष हुए हैं। यह अभियान उसी को समर्पित है। इसके तहत जल, जन और सेवा संकल्प यात्रा वाराणसी से वडनगर निकली है। यह यात्रा गुना जिले की चांचौड़ा विधानसभा के बीनागंज पहुंची थी।
यहां पहले नगर भ्रमण हुआ। फिर खेल गतिविधियों के विजेताओं को पुरस्कार दिए गए। इसके बाद बीनागंज स्कूल के कबड्डी मैदान में मुख्य संवाद कार्यक्रम शुरू हुआ। मंच पर भाजपा (BJP – Bharatiya Janata Party) के वरिष्ठ नेता बैठने लगे।
बीनागंज में मंच पर क्या हुआ?
अतिथि मंच पर बैठ रहे थे। तभी विधायक (MLA – Member of Legislative Assembly) प्रियंका मीणा अड़ गईं। वे अपने समर्थक बीनागंज मंडल अध्यक्ष को मंच पर बैठाना चाहती थीं। मंडल अध्यक्ष यानी पार्टी की स्थानीय इकाई का मुखिया। राजनीतिक कार्यक्रमों में मंच की सीट अक्सर कार्यकर्ता के कद का संकेत मानी जाती है।
मंच पर जगह नहीं मिली। विधायक का पारा चढ़ गया। वे पहले से बैठे जिला उपाध्यक्ष प्रबल प्रताप सिंह उर्फ निक्की से भिड़ गईं। दोनों के बीच सबके सामने जमकर जुबानी तीर चले।
जिलाध्यक्ष क्यों उतरे नीचे?
अपनी विधायक का यह उग्र रूप देखकर वरिष्ठ नेता हक्के-बक्के रह गए। खबरों के मुताबिक जिलाध्यक्ष धर्मेंद्र सिंह सिकरवार बेहद नाराज हुए। जिला पंचायत अध्यक्ष अरविंद धाकड़ भी उनके साथ मंच से उतर आए। दोनों जमीन पर जाकर बैठ गए।
सोचिए, सामने बैठे कार्यकर्ताओं ने यह नजारा कैसे देखा होगा? पार्टी के दो बड़े पदाधिकारी नीचे थे और मंच पर बहस चल रही थी।
जगह कम थी, इसलिए नीचे गए?
मामला तूल पकड़ने पर जिलाध्यक्ष ने यह सफाई दी। एक अन्य रिपोर्ट के मुताबिक मंच पर सिर्फ सात-आठ कुर्सियां लगी थीं। लेकिन प्रत्यक्षदर्शी कुछ और कहते हैं। उनके अनुसार भाजपा में गुटबाजी उस दौरान साफ नजर आ रही थी।
पहले भी विवादों में रहीं मीणा
चांचौड़ा विधायक का यह कोई पहला मामला नहीं है। उनका नाम पहले भी मंच पर विवाद से जुड़ चुका है। अब जरा पीछे चलते हैं।
रविदास कार्यक्रम में भी थी नाराजगी
मानस भवन में संत रविदास समरसता कार्यक्रम आयोजित हुआ था। वहां कुर्सी न मिलने पर उन्होंने मंच पर ही भारी नाराजगी जाहिर की थी।
पन्नालाल शाक्य से भी हुई तकरार
एक कृषि कार्यक्रम में उन्होंने महिलाओं पर बयान दिया था। इस पर गुना के वरिष्ठ भाजपा विधायक पन्नालाल शाक्य से उनकी बहस हो गई। भरे मंच पर तू-तू मैं-मैं हुई थी।
तीन कार्यक्रम, तीन मंच और एक जैसी कहानी। हर बार वजह मंच की जगह या बयान रही। सवाल उठता है कि क्या यह सिर्फ इत्तफाक है?
गुना भाजपा में गुटबाजी क्यों?
बीनागंज की घटना ने जिले में भाजपा की अंदरूनी खींचतान फिर सार्वजनिक कर दी। पार्टी के अपने नेता मंच पर आमने-सामने दिखे। सेवा के कार्यक्रम की चर्चा अब मंच की बहस से हो रही है।
इस मामले में विधायक प्रियंका मीणा का पक्ष अभी सामने नहीं आया है। उनका जवाब आने पर तस्वीर और साफ होगी। खबर लिखे जाने तक पार्टी की किसी कार्रवाई की जानकारी नहीं मिली थी। अब नजर संगठन पर है। जिलाध्यक्ष, उपाध्यक्ष और विधायक का यह मतभेद कैसे सुलझेगा? यह देखना बाकी है।
- सेवा संकल्प अभियान क्या है?
सेवा संकल्प अभियान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सेवा और जनकल्याण के कार्यकाल के 25 वर्ष समर्पित एक अभियान है, जिसका उद्देश्य जनसेवा को बढ़ावा देना है। - बीनागंज में विधायक प्रियंका मीणा और जिला उपाध्यक्ष के बीच क्यों विवाद हुआ?
बीनागंज में विधायक प्रियंका मीणा अपने समर्थक बीनागंज मंडल अध्यक्ष को मंच पर स्थान नहीं मिलने पर जिला उपाध्यक्ष प्रबल प्रताप सिंह उर्फ निक्की से बहस में उलझ गईं। - गुना भाजपा में गुटबाजी का यह मामला क्या दर्शाता है?
बीनागंज में हुए विवाद ने गुना भाजपा के अंदर की गुटबाजी को उजागर किया है, जहाँ पार्टी के वरिष्ठ नेता मंच पर और विधायक के समर्थकों के बीच खींचतान साफ दिखाई दी।