मंत्री कैलाश विजयवर्गीय बोले- जब भी अवसर मिलेगा महिला बिल फिर आ सकता है
नारी शक्ति वंदन अधिनियम खारिज होने के बाद बीजेपी लगातार हमलावर है। पीएम नरेंद्र मोदी, सीएम डॉ. मोहन यादव के बाद अब नगरीय प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने भी कांग्रेस पर हमला बोला। मंगलवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस करते हुए कहा- पीएम नरेंद्र मोदी कह चुके हैं है कि महिला आरक्षण के लिए हम संकल्पबद्ध हैं। जब भी अवसर होगा इसे फिर लाया जा सकता है।
मप्र में 17 महिला कलेक्टर, 10 एसपी
मंत्री विजयवर्गीय ने कहा कि मप्र में 17 जिलों में महिला कलेक्टर हैं और 10 जिलों में महिला एसपी हैं। यह बताता है कि बीजेपी महिलाओं को आगे रखने और अधिकार देने में तत्पर रहती है। महिलाओं को इतने सालों में उनके अधिकार नहीं मिले, इसे देने के लिए ही यह बिल लाया जा रहा था, लेकिन कांग्रेस और विपक्ष के विरोध से यह पारित नहीं हो सका।
चुनाव तो हमेशा होते हैं, यह आरोप तो लगते
चुनाव के समय ही इस बिल को लाने पर मंत्री ने कहा कि देश में किस साल चुनाव नही होते हैं, हर साल कहीं ना कहीं चुनाव होते हैं। यह आरोप तो कभी भी लगाया जा सकता है। इसलिए हम वन नेशन वन इलेक्शन की बात करते हैं।
सीट बढ़ती तो किसी की सीट भी नहीं जाती
मंत्री ने कहा कि आज आबादी 140 करोड़ हो चुकी है। कई सांसद तो पांच साल में अपने क्षेत्र के हर गांव में भी नहीं पहुंच पाते हैं। अब समय आ गया है कि लोकसभा छोटी की जाए। हम सीट 543 से बढाकर 850 कर रहे थे। इससे किसी की सीट आरक्षित भी नहीं होती, जो सीट बढ़ती उससे महिलाओं को लाभ होता, तो किसी को इससे तकलीफ भी नहीं होती।
कांग्रेस ने गलत माहौल बनाया
उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने इसे लेकर गलत नेरेटिव (माहौल) बनाया। इसमें कई लोग फंस गए। इसलिए ही हम प्रेस कॉन्फ्रेंस कर रहे हैं। नार्थ और साउथ का झगड़ा बढ़ाया। जबकि किसी की सीट कम नहीं हो रही थी। देश की महिलाएं विपक्ष को माफ नहीं करेंगी।
कांग्रेस ने भी रखी अपनी बात
उधर कांग्रेस की राष्ट्रीय प्रवक्ता व अखिल भारतीय महिला कांग्रेस की राष्ट्रीय महासचिव शिल्पी अरोड़ा ने भी इंदौर में प्रेस कॉन्फ्रेंस की। इसके पहले मप्र महिला कांग्रेस अध्यक्ष रीना बोरासी ने सोमवार को बात रखी थी। अरोड़ा के साथ ही अमित चौरसिया, हिमानी सिंह, सोनिला मिमरोट व अन्य थे।
अरोड़ा ने कहा कि बीजेपी महिला आरक्षण के नाम पर गुमराह कर रही है। सरकार ने 2023 के बिल को अपनी सुविधानासुर अब 2026 में नोटिफाइ किया। यह महिला आरक्षण नहीं बल्कि मोदी संरक्षण बिल साबित होता। हम साल 2023 के पास बिल को लागू करने की मांग कर रहे हैं। वर्तमान सीट पर महिलाओं को आरक्षण दिया जाए।
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