मंत्री कैलाश विजयवर्गीय 5 साल बाद पहुंचे पश्चिम बंगाल, बीजेपी की जीत पर रो दिए थे
पश्चिम बंगाल की धरती पर पांच साल बाद मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने कदम रखे हैं। इसके पहले साल 2021 के चुनाव के समय वह बंगाल में बीजेपी के चुनाव प्रभारी थे। तब काफी प्रयास के बाद भी बीजेपी वहां टीएमसी और ममता बैनर्जी को नहीं हरा सकी थी।
विजयवर्गीय इसके बाद फिर कभी बंगाल नहीं गए। इस पर उन्होंने 4 मई 2026 को बीजेपी की जीत के बाद राज खोला था और कहा था कि मुझ पर 38 फर्जी केस किए गए हैं., इसलिए मैं वहां नहीं गया।
पश्चिम बंगाल में पहुंचकर यह बोले कैलाश
पश्चिम बंगाल में पहुंचकर मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि पांच वर्ष बाद पश्चिम बंगाल की पुण्य धरा पर आने का अवसर मिला। यह अत्यंत भावपूर्ण संयोग है कि आज ही भारतीय जनता पार्टी के पितृ पुरुष, श्रद्धेय डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी जी की 125वीं जयंती भी है।
इस अवसर पर सिलीगुड़ी स्थित भाजपा कार्यालय में आयोजित कार्यक्रम में सहभागिता कर समर्पित कार्यकर्ताओं से आत्मीय भेंट हुई। साथ ही सार्थक संवाद भी हुआ।
श्रद्धेय डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी जी का राष्ट्र प्रथम का विचार, उनका त्याग और उनका आदर्श हम सभी के लिए सदैव प्रेरणा का स्रोत रहेगा। उनके दिखाए मार्ग पर चलकर राष्ट्रसेवा के संकल्प को और अधिक दृढ़ करने का अवसर हम सभी के लिए विशेष है।
बंगाल में बीजेपी की जीत पर यह बोले थे मंत्री
मंत्री कैलाश विजयवर्गी ने 4 मई को बीजेपी की महाविजय के बाद रोते हुए कहा था कि मुझ पर बंगाल में 38 फर्जी केस लादे गए। केस भी ऐसे सामान्य नहीं दुष्कर्म और बच्चों की तस्करी जैसे। मुझे जेल भेजने की पूरी तैयारी थी और मैं इस दौरान भयंकर मानसिक पीड़ा से गुजरा हूं।
मैं यदि आज जीवित हूं तो पीएम नरेंद्र मोदी जी और अमित शाहजी की के कारण। बंगाल में टीएमएसी के राज में बीजेपी के 300 से अधिक कार्यकर्ताओं की हत्या हुआ है। उन्हें भारी पीड़ा सहनी पड़ी है।
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