कमलनाथ के करीबी विधायक पर FIR, रातभर हंगामे के बाद BJP ने दर्ज कराया मामला, बीजेपी के कार्यक्रम में चले थे जूते-चप्पल
CHINDWARA. परासिया विधानसभा के ग्राम झूरे में विकसित भारत संकल्प यात्रा का कार्यक्रम किया जा रहा था। इस दौरान बीजेपी जिला अध्यक्ष विवेक बंटी साहू और कांग्रेस से विधायक सोहनलाल वाल्मीकि और परासिया जनपद अध्यक्ष आशा आम्रवंशी के बीच शुक्रवार, 19 जनवरी को विवाद हो गया। विवाद इतना बढ़ा कि नेताओं के बीच जूते-चप्पल चल गए थे। इस मामले में बीजेपी नेता कांग्रेस विधायक और कमलनाथ के करीबी सोहनलाल वाल्मीकि और उनके समर्थकों पर FIR दर्ज कराने के लिए हंगामा करते रहे। आखिरकार पुलिस ने शनिवार को इस मामले में परासिया विधायक सोहनलाल वाल्मीकि के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है।
आधी रात तक गर्माया था मामला
दरअसल, झुर्रेमाल पंचायत में विकसित भारत संकल्प यात्रा के दौरान धक्कामुक्की हुई। कार्यक्रम में कांग्रेस नेता और जनपद पंचायत अध्यक्ष आशा आम्रवंशी का एक वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आया है। इसमें वह विकसित भारत यात्रा के मंच पर खड़े बीजेपी नेताओं की तरफ अपने पैर से जूता निकालकर फेंकती नजर आ रही है। पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ के गढ़ में कांग्रेस-बीजेपी कार्यकर्ताओं में तीखी झड़प हो गई। बीजेपी के जिला अध्यक्ष और कांग्रेस विधायक के बीच हुई धक्कामुक्की का ये मामला आधी रात तक गर्माया। पुलिस ने भाजपा की शिकायत पर कांग्रेस विधायक सोहनलाल वाल्मीकि समेत अन्य कार्यकर्ताओं के खिलाफ एफआईआर दर्ज की।
पुलिस ने पहुंचकर मामले को शांत कराया था
कार्यक्रम में मौजूद परासिया जनपद अध्यक्ष आशा आम्रवंशी मंच से अचानक नीचे गिर गई थी। उन्होंने अपना जूता उतारकर मंच की तरफ फेंक दिया। इससे मामला और गर्मा गया। बाद में पुलिस ने मौके पर पहुंचकर मामले को शांत कराया। इस घटना के बाद रात आठ बजे तक बीजेपी जिला अध्यक्ष विवेक बंटी साहू ने थाने के बाहर धरना दिया। इसके बाद परासिया उद्यानिकी विभाग के उप-संचालक मेहपतलाल उईके ने थाने में शिकायत दर्ज कराई थी।
सरकारी काम में बाधा पहुंचाने का मामला दर्ज
मेहपतलाल उईके ने कांग्रेस विधायक सोहनलाल वाल्मीकि, जनपद पंचायत अध्यक्ष आशा आम्रवंशी और अन्य लोगों पर कार्यक्रम में व्यवधान डालने सही करने शिकायत की थी। इसके आधार पर विधायक सोहनलाल वाल्मीकि, कृपाल शाह मर्सकोले, आशा आम्रवंशी पर सरकारी काम में बाधा पहुंचाने और जान से मारने की धमकी देना सहित अन्य मामले में आईपीसी की धारा 353, 355, 186, 34 के अंतर्गत शिकायत दर्ज की गई।