कान्हा टाइगर रिजर्व में बाघिन सुनैना की मौत, गहरे घावों से टेरिटोरियल फाइट की आशंका, फॉरेंसिक जांच शुरू
News In Short
- बाघिन सुनैना T-122 की आपसी संघर्ष में मौत।
- शरीर पर गहरे घाव, शिकार की आशंका नहीं।
- बिसरा सैंपल फॉरेंसिक लैब को भेजे गए।
- NTCA नियमों के तहत अंतिम संस्कार हुआ।
- कान्हा में बाघिन देखने देश-विदेश से आते थे।
News In Detail
मध्य प्रदेश के मंडला जिले के कान्हा टाइगर रिजर्व (Kanha Tiger Reserve) में बाघिन की मौत हो गई है। कान्हा की सबसे चर्चित और पर्यटकों की पसंदीदा बाघिन सुनैना (T-122) अब नहीं रही। कन्हारी बीट में उसका शव मिला। शरीर पर गहरे घावों से विशेषज्ञों को टेरिटोरियल फाइट (territorial fight) में मौत की आशंका है। वन्यजीव प्रेमियों में शोक की लहर है।
बाघिन सुनैना का शव मिला
मध्य प्रदेश के मंडला जिले में स्थित कान्हा टाइगर रिजर्व (Kanha Tiger Reserve) में एक दुखद घटना हुई। कान्हा रेंज की कन्हारी बीट में सिझोरा रोड के पास बाघिन सुनैना (T-122) का शव मिला।
इस खबर से वन विभाग और वन्यजीव प्रेमियों में शोक की लहर दौड़ गई। बाघिन करीब 10 साल की थी। सुनैना कान्हा की सबसे मशहूर और चर्चित बाघिनों में से एक थी। देश-विदेश के पर्यटक उसे देखने खिंचे चले आते थे।
टेरिटोरियल फाइट में गई जान
शव मिलते ही फील्ड डायरेक्टर रविन्द्र मणि त्रिपाठी और डॉक्टरों की टीम मौके पर पहुंची। डॉग स्क्वॉड की मदद से पूरे इलाके की बारीकी से जांच की गई। शुरुआती पोस्टमार्टम रिपोर्ट (post-mortem report) में बाघिन के शरीर पर गहरे घाव मिले।
विशेषज्ञों का मानना है कि सुनैना की मौत किसी दूसरे बाघ के साथ हुए टेरिटोरियल फाइट (territorial fight) की वजह से हुई। बाघ अपना इलाका बचाने के लिए अक्सर आपस में लड़ते हैं।
शिकार की आशंका नहीं
जांच के दौरान राहत देने वाली बात यह सामने आई। बाघिन सुनैना के शरीर के सभी अंग सुरक्षित पाए गए। इससे शिकार (poaching) जैसी किसी भी साजिश की आशंका से साफ इनकार किया गया। वन विभाग ने इस बात की पुष्टि की।
हालांकि, मौत की असली वजह जानने के लिए विसरा के सैंपल फॉरेंसिक लैब (forensic lab) भेजे गए हैं। जांच रिपोर्ट आने के बाद ही पूरी सच्चाई सामने आएगी।
NTCA नियमों से अंतिम संस्कार
बाघिन सुनैना को नम आंखों से अंतिम विदाई दी गई। नेशनल टाइगर कंजर्वेशन अथॉरिटी (NTCA - National Tiger Conservation Authority) के नियमों के तहत उसका अंतिम संस्कार किया गया।
इस मौके पर अधिकारी और जनप्रतिनिधि मौजूद थे। सुनैना की मौत से कान्हा टाइगर रिजर्व में आने वाले पर्यटक भी दुखी हैं। वन विभाग ने इस मामले में केस दर्ज कर आगे की जांच शुरू कर दी है।
कान्हा की शान थी सुनैना
कान्हा टाइगर रिजर्व (Kanha Tiger Reserve) मध्य प्रदेश के सबसे प्रसिद्ध वन्यजीव अभ्यारण्यों में से एक है। यह बाघ संरक्षण (tiger conservation) के लिए विश्वभर में जाना जाता है।
सुनैना यहां की सबसे लोकप्रिय बाघिन थी। उसकी मौजूदगी सफारी (safari) के दौरान पर्यटकों के लिए खास आकर्षण होती थी। उसकी मौत से न केवल जैव विविधता (biodiversity) को नुकसान हुआ है, बल्कि कान्हा की पहचान भी कुछ कम हुई है।
वन विभाग की जांच जारी
वन विभाग ने इस पूरे मामले को गंभीरता से लिया है। फॉरेंसिक जांच (forensic investigation) के नतीजे आने के बाद ही मौत का सही कारण स्पष्ट होगा। इस बीच अधिकारियों ने आसपास के इलाके में निगरानी बढ़ा दी है।
कान्हा टाइगर रिजर्व में बाघों की सुरक्षा (tiger protection) के लिए अतिरिक्त दल तैनात किया गया है। सुनैना की मौत वन्यजीव संरक्षण (wildlife conservation) की चुनौतियों को एक बार फिर सामने लाती है।
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