कटनी के बहोरीबंद SDM पर 4 पटवारियों को बंधक बनाने का आरोप, मोबाइल जब्त कर जबरन काम कराने की शिकायत लेकर थाने पहुंचा संघ

Neel Tiwari | Oct 09, 2026, 22:43 IST
कटनी के बहोरीबंद में पटवारी संघ ने SDM श्लोक वायकर पर चार पटवारियों को जबरन रोकने और मोबाइल जब्त करने का आरोप लगाया है।
कटनी के बहोरीबंद में स्वामित्व योजना के काम को लेकर प्रशासन और पटवारी संघ के बीच विवाद बढ़ गया है। संघ ने SDM श्लोक वायकर पर चार पटवारियों को जबरन रोकने और उनके मोबाइल फोन जब्त करने का आरोप लगाया है। संघ का कहना है कि कर्मचारियों पर काम करने का दबाव बनाया गया। पदाधिकारियों ने पुलिस से हस्तक्षेप की मांग की है।
The Patwari Union has accused Bahoriband SDM Shlok Waykar of allegedly detaining four patwaris and confiscating their mobile phones in Katni, Madhya Pradesh.

बहोरीबंद में पटवारियों को रोकने का आरोप, थाने पहुंचा संघ

मध्य प्रदेश में पटवारियों की हड़ताल (MP Patwari Strike) के बीच कटनी जिले की बहोरीबंद तहसील में नया विवाद सामने आया है। यहां पटवारी संघ ने SDM श्लोक वायकर पर चार पटवारियों को कथित तौर पर बंधक बनाने और जबरन काम कराने का आरोप लगाया है।



संघ के पदाधिकारियों के मुताबिक, शुक्रवार दोपहर करीब एक बजे चार पटवारियों को रोक लिया गया। आरोप है कि उनके निजी मोबाइल फोन भी जब्त कर लिए गए। साथ ही उन्हें शाम तक स्वामित्व योजना का काम करने के लिए मजबूर किया गया।



घटना की जानकारी मिलने के बाद पटवारी संघ के पदाधिकारी बहोरीबंद पुलिस थाने पहुंचे। उन्होंने लिखित शिकायत देकर पुलिस से हस्तक्षेप करने की मांग की। साथ ही कथित तौर पर रोके गए पटवारियों को मुक्त कराने को कहा।



ब्लॉक अध्यक्ष नवीन गर्ग ने लगाए गंभीर आरोप

पटवारी संघ के ब्लॉक अध्यक्ष नवीन गर्ग के मुताबिक, स्वामित्व योजना को लेकर संगठन की राज्य शासन स्तर पर बातचीत चल रही है। संघ अपनी मांगों के समाधान के लिए सरकार से चर्चा कर रहा है।



इसके बावजूद चार पटवारियों को रोककर काम कराने की बात सामने आने से संगठन नाराज है। नवीन गर्ग का आरोप है कि प्रशासन ने कर्मचारियों के मोबाइल फोन जब्त कर लिए। साथ ही उन्हें शाम तक काम करने के लिए रोके रखा।



संघ ने इसे कर्मचारियों पर दबाव बनाने की कार्रवाई बताया है। हालांकि, चारों पटवारियों को बंधक बनाने और मोबाइल फोन जब्त करने के आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।



पुलिस थाने में शिकायत, हस्तक्षेप की मांग



मामले की जानकारी मिलने के बाद पटवारी संघ के पदाधिकारी बहोरीबंद पुलिस थाने पहुंचे। संघ ने पुलिस को लिखित शिकायत दी। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि कर्मचारियों पर प्रशासनिक दबाव बनाकर काम कराया जा रहा है। पदाधिकारियों ने पुलिस से मामले में हस्तक्षेप करने की मांग की। साथ ही कथित तौर पर रोके गए पटवारियों को मुक्त कराने को कहा।



फिलहाल शिकायत पर पुलिस की ओर से की गई कार्रवाई की जानकारी सामने नहीं आई है। यह भी स्पष्ट नहीं है कि पुलिस ने संबंधित अधिकारियों से पूछताछ की है या नहीं। मामले में कोई औपचारिक कार्रवाई शुरू हुई है या नहीं, इसकी जानकारी भी नहीं मिली है।



स्वामित्व योजना के काम को लेकर बढ़ा विवाद

पटवारी संघ और प्रशासन के बीच विवाद की मुख्य वजह स्वामित्व योजना का काम बताया जा रहा है। संघ का कहना है कि संगठन की मांगों को लेकर सरकार से बातचीत जारी है।



इसके बावजूद कर्मचारियों पर काम करने का दबाव बनाए जाने की शिकायतें सामने आ रही हैं। संघ के विरोध के बीच स्वामित्व योजना का काम विवाद का केंद्र बन गया है।



अब बहोरीबंद की घटना ने इस विवाद को और बढ़ा दिया है। देखना होगा कि शासन स्तर पर जारी बातचीत से कोई समाधान निकलता है या नहीं।



SDM श्लोक वायकर और प्रशासन का पक्ष आना बाकी

इस मामले में बहोरीबंद SDM श्लोक वायकर और कटनी जिला प्रशासन का आधिकारिक पक्ष अभी सामने नहीं आया है। पटवारी संघ ने गंभीर आरोप लगाए हैं। हालांकि, इनकी पुष्टि संबंधित अधिकारियों के जवाब और पुलिस जांच के बाद ही हो सकेगी।



अब सवाल है कि चारों पटवारियों को किस काम के लिए बुलाया गया था। क्या उनके मोबाइल फोन जब्त किए गए थे? क्या उन्हें उनकी इच्छा के खिलाफ रोककर काम कराया गया?



इन सवालों के जवाब प्रशासन का पक्ष सामने आने और शिकायत की जांच के बाद ही मिल सकेंगे।



जबलपुर में भी पटवारियों को जबरन ले जाने के आरोप

कटनी से पहले जबलपुर के कुंडम में भी चार पटवारियों को कथित तौर पर जबरन ले जाने के आरोप सामने आए थे। पटवारी संघ का आरोप था कि कर्मचारियों को गाड़ी में बैठाकर ले जाया गया। उनके मोबाइल फोन लेकर संघ के व्हाट्सएप ग्रुप की बातचीत भी देखी गई। इसके अलावा कर्मचारियों पर काम करने का दबाव बनाया गया।



मझौली के पटवारी तेज सिंह से संपर्क नहीं हो पाने की शिकायत भी सामने आई थी। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।



अब बहोरीबंद में भी चार पटवारियों को जबरन रोकने का आरोप लगा है। इससे प्रशासन और पटवारी संघ के बीच चल रहा विवाद फिर चर्चा में आ गया है।



कर्मचारियों की शिकायत पर जांच और जवाब जरूरी

बहोरीबंद में पटवारी संघ की शिकायत के बाद कई सवाल खड़े हो गए हैं। सबसे बड़ा सवाल यह है कि चारों कर्मचारियों के साथ वास्तव में क्या हुआ।



क्या उन्हें उनकी इच्छा के खिलाफ रोका गया था? क्या उनके मोबाइल फोन जब्त किए गए थे? क्या उन पर जबरन काम करने का दबाव बनाया गया?



इन आरोपों की निष्पक्ष जांच जरूरी है। हालांकि, केवल आरोपों के आधार पर किसी अधिकारी को दोषी नहीं ठहराया जा सकता। पुलिस को शिकायत में बताए गए तथ्यों की जांच करनी होगी। वहीं, प्रशासन का पक्ष सामने आने के बाद ही पूरे मामले की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

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