ढाई साल का बच्चा बना बाल आरक्षक, एसपी ने सौंपा नियुक्ति पत्र
समझें क्या है पूरा मामला...
- कटनी में ढाई साल के बच्चे को अनुकंपा नियुक्ति के तहत बाल आरक्षक बनाया गया है।
- बच्चे के पिता आरक्षक भूपेंद्र सिंह ठाकुर की ड्यूटी के दौरान सड़क हादसे में मौत हुई थी।
- पुलिस अधीक्षक अभिनय विश्वकर्मा ने बच्चे को नियुक्ति पत्र सौंपा है।
- यह नियुक्ति मध्यप्रदेश शासन की अनुकंपा नियुक्ति योजना के तहत दी गई है।
- पुलिस विभाग ने कहा है कि वह अपने कर्मचारियों के परिवारों की जिम्मेदारी भी निभाता है।
ढाई साल का बच्चा बना बाल आरक्षक
मध्यप्रदेश के कटनी में पुलिस विभाग की ओर से एक भावुक कर देने वाला फैसला सामने आया है। ड्यूटी के दौरान सड़क हादसे में आरक्षक भूपेंद्र सिंह ठाकुर की मौत हो गई थी।
इस हादसे के बाद उनके ढाई साल के बेटे पृथ्वीराज सिंह ठाकुर को अनुकंपा नियुक्ति के तहत बाल आरक्षकका दर्जा दिया गया है।
पुलिस अधीक्षक अभिनय विश्वकर्मा ने बच्चे को नियुक्ति पत्र सौंपा। इस दौरान बच्चे की मां की आंखें नम हो गईं।
क्या है बाल आरक्षक अनुकंपा नियुक्ति
अनुकंपा नियुक्ति ऐसी व्यवस्था है, जिसके तहत सेवा के दौरान किसी कर्मचारी की मृत्यु होने पर उसके आश्रित को नियमानुसार नौकरी दी जाती है।
इसी योजना के तहत पृथ्वीराज सिंह ठाकुर को पुलिस विभाग में बाल आरक्षक के पद पर नियुक्ति दी गई है।
ढाई साल की उम्र में मिला सहारा
बता दें कि पृथ्वीराज सिंह ठाकुर के पिता भूपेंद्र सिंह ठाकुर पुलिस विभाग में आरक्षक के पद पर कार्यरत थे। उनकी पदस्थापना दमोह जिले में थी।
ड्यूटी के दौरान एक सड़क हादसे में भूपेंद्र सिंह का असामयिक निधन हो गया था। उस समय पृथ्वीराज की उम्र महज ढाई साल थी। पिता के निधन के बाद परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा था।
अब अनुकंपा नियुक्ति का पत्र मिलने के बाद पृथ्वीराज के भविष्य के लिए एक नई उम्मीद जगी है।
एसपी ने सौंपा नियुक्ति पत्र
कटनी में पुलिस अधीक्षक अभिनय विश्वकर्मा ने पृथ्वीराज सिंह ठाकुर को बाल आरक्षक पद का नियुक्ति पत्र सौंपा। यह नियुक्ति मध्यप्रदेश शासन की अनुकंपा नियुक्ति योजना के तहत दी गई है।
नियुक्ति पत्र मिलने के दौरान परिवार के सदस्य भावुक हो गए और बच्चे की मां की आंखों से आंसू छलक पड़े।
पुलिस विभाग ने क्या कहा?
पुलिस अधीक्षक अभिनय विश्वकर्मा ने कहा कि पुलिस विभाग सिर्फ अपने कर्मचारियों तक सीमित नहीं है, बल्कि उनके परिवारों के प्रति भी अपनी जिम्मेदारी निभाने के लिए प्रतिबद्ध है।
अभिनय विश्वकर्मा ने कहा कि सेवा के दौरान किसी कर्मचारी के निधन के बाद उसके आश्रितों को नियमानुसार सहायता और रोजगार उपलब्ध कराना विभाग की प्राथमिकता है, ताकि परिवार आर्थिक और सामाजिक रूप से सुरक्षित रह सके।
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