कौशल एवं प्रशिक्षण विभाग ने किया खेल, मेरिट और नियुक्ति बेमेल
News in Short
- 2026 में भर्ती परीक्षा की सीटों पर 2024 की वेटिंग से की नियुक्ति।
- GAD का नियम नई भर्ती आने पर पुरानी के आधार पर नियुक्ति नहीं।
- 2024 की मेरिट के आधार पर 2025 में ही नियुक्ति हो चुकी पूरी।
- विभाग की वेबसाइट पर मेरिट और नियुक्ति की जानकारी छिपाई।
- 2026 के अभ्यर्थी बाहर और 2 साल पुरानी लिस्ट वालों को जॉब।
News in Detail
BHOPAL. मध्य प्रदेश के कौशल एवं प्रशिक्षण विभाग ने भर्ती में बड़ा खेल कर दिया है। विभाग ने 2026 में आई भर्ती के नए पदों पर दो साल पुरानी भर्ती की वेटिंग लिस्ट से नियुक्ति दे दी है। जबकि 2026 की भर्ती परीक्षा की मेरिट अब तक बनी ही नहीं है।
नई भर्ती के पदों पर नियुक्ति देने के लिए विभाग ने GAD के भर्ती नियमों को भी ताक पर रख दिया। इस गड़बड़झाले को छिपाने के लिए नियुक्ति आदेशों को विभाग की वेबसाइट पर अपलोड नहीं किया गया। ऐसे में महीनों की मेहनत करने के बाद भर्ती परीक्षा में शामिल हुए अभ्यर्थी खुद को ठगा महसूस कर रहे हैं।
विभाग के कारनामे से हड़कंप
कौशल एवं प्रशिक्षण विभाग ने 2026 की शुरुआत में भर्ती विज्ञापन निकाला। कौशल विकास विभाग की 37 ट्रेड में प्रशिक्षण अधिकारियों के 1120 पदों पर भर्ती के लिए परीक्षा हुई। परीक्षा में 1,65,551 अभ्यर्थी शामिल हुए थे।
फरवरी से मार्च के बीच हुई परीक्षा के बाद अभ्यर्थी रिजल्ट जारी होने का इंतजार कर रहे हैं। ईएसबी मेरिट जारी करता इस बीच कौशल विकास विभाग ने नया कारनामा कर दिया। जिससे भर्ती परीक्षा 2026 में शामिल डेढ़ लाख से ज्यादा अभ्यर्थी परेशान हैं।
नई भर्ती में पुरानी वेटिंग क्लियर
ईएसबी द्वारा अभी 2026 में प्रशिक्षण अधिकारी भर्ती का रिजल्ट जारी नहीं किया गया है। इस बीच कौशल विकास विभाग ने 29 अप्रैल 2026 को एक आदेश जारी कर दिया।
आदेश में ईएसबी से 2024 की भर्ती की वेटिंग लिस्ट के आधार पर 33 लोगों को नियुक्ति दी गई है। यह आदेश जीएडी के एक आदेश का हवाला देकर जारी किया गया है, जबकि इससे जीएडी के भर्ती नियमों का उल्लंघन हुआ है। इसमें कहीं भी दो साल पुरानी भर्ती पर नियुक्ति देने का आधार नहीं दर्शाया गया है।
ये है जीएडी का भर्ती नियम
जीएडी यानी सामान्य प्रशासन विभाग के नियमों के आधार पर ही प्रदेश में नियुक्तियां की जा सकती हैं। जीएडी का नियम कहता है कि किसी भी भर्ती की प्रक्रिया अधिकतम एक साल तक वैध होती है। यानी प्रक्रियाधीन भर्ती के तहत एक साल तक ही वेटिंग लिस्ट क्लियर कर नियुक्ति दी जा सकती है।
इस बीच नई भर्ती आने पर पुरानी वेटिंग लिस्ट खुद ब खुद रद्द मानी जाती है। इसके बावजूद कौशल विभाग 2024 में हुई भर्ती परीक्षा की 2025 में जारी वेटिंग को दबाकर बैठा रहा। इस संबंध में वेबसाइट पर भी कोई आदेश जारी किया गया न ही वेटिंग अपलोड की गई। अब इसका हवाला देकर नियुक्ति आदेश जारी कर दिए गए।
पारदर्शिता पर डाला पर्दा
कौशल एवं प्रशिक्षण विभाग के इस कारनामे से निराश अभ्यर्थी विभाग से जानकारी मांग रहे हैं। इसके लिए सूचना के अधिकार के तहत भी आवेदन लगाए गए हैं।
विभागीय अधिकारी मामले में जानकारी देने से बच रहे हैं। अभ्यर्थियों को न तो 2024 की मेरिट दिखाई जा रही है, न ही वेटिंग का खुलासा किया जा रहा है।
ऐसे में मनगढ़ंत वेटिंग के आधार पर नियुक्ति को लेकर अभ्यर्थी मनमानी का आरोप लगा रहे हैं। उनका कहना है अधिकारियों द्वारा कुछ खास लोगों को उपकृत करने के लिए बड़े स्तर पर हेराफेरी की गई है। इसी वजह से नियुक्ति प्रक्रिया की जानकारी छिपाई जा रही है।
विभाग की बेमानी सफाई
अभ्यर्थियों का कहना है विभाग अब अपनी कारगुजारी छिपा रहा है। अधिकारियों से बात करने पर वे बचकाना सफाई दे रहे हैं। उनका कहना है 2024 की भर्ती के कुछ पद खाली रह गए थे। इसलिए उन्हें भरा जा रहा है।
दो साल पुरानी भर्ती पर नई भर्ती आने के बाद वेटिंग क्लियर करने का आधार पूछने पर अधिकारियों ने चुप्पी साध ली है। वहीं इस मनमानी से नाराज अभ्यर्थी अब हाईकोर्ट जाने की तैयार कर रहे हैं।
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