KBC फेम तहसीलदार अमिता सिंह तोमर पर गिरफ्तारी की तलवार: अमिताभ बच्चन ने दिया था 50 लाख का चेक

Sanjay Dhiman | Mar 18, 2026, 18:46 IST
Photograph: (the sootr)
KBC की चर्चित महिला तहसीलदार अमिता सिंह तोमर पर बाढ़ राहत घोटाले में गिरफ्तारी की तलवार लटकी है। सुप्रीम कोर्ट ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका खारिज की, जिससे गिरफ्तारी अब समय की बात बन गई है।

News in Short

  • केबीसी विजेता तहसीलदार अमिता सिंह तोमर की अग्रिम जमानत याचिका सुप्रीम कोर्ट ने खारिज की।
  • उन पर 2021 के श्योपुर बाढ़ राहत में करोड़ों रुपए के गबन का आरोप है।
  • ऑडिट रिपोर्ट में सरकारी राशि निजी और फर्जी बैंक खातों में ट्रांसफर करना पाया गया।
  • हाईकोर्ट से राहत न मिलने के बाद अब गिरफ्तारी का खतरा काफी बढ़ गया है।
  • बड़ौदा थाना पुलिस अब किसी भी वक्त मैडम को हिरासत में ले सकती है।

News in Detail

shyopur. कभी ‘कौन बनेगा करोड़पति’ में ₹50 लाख जीतने वाली अमिता सिंह तोमर अब भ्रष्टाचार के मामले में फंस गई हैं। श्योपुर जिले की विजयपुर तहसीलदार अमिता सिंह पर आरोप है कि 2021 में हुए बाढ़ राहत घोटाले में उन्होंने सरकारी राहत राशि का गलत तरीके से इस्तेमाल किया। इस मामले में डिप्टी कलेक्टर की ऑडिट रिपोर्ट ने बवाल मचाया है। रिपोर्ट में खुलासा हुआ कि सरकार ने पीड़ितों की मदद के लिए करोड़ों की राहत राशि भेजी थी, लेकिन इन पैसों का दुरुपयोग किया गया।



क्या है घोटाले का पूरा मामला

2021 में श्योपुर में बाढ़ ने भारी तबाही मचाई थी। सरकार ने पीड़ितों के लिए लाखों रुपए की राहत भेजी थी, लेकिन अमिता सिंह तोमर की मदद से यह राशि प्रभावितों तक नहीं पहुंच पाई। रिपोर्ट में बताया गया कि तहसीलदार ने इस पैसे को एक संगठित नेटवर्क के माध्यम से निजी खातों में ट्रांसफर कर दिया। इस नेटवर्क में पटवारी, क्लर्क, दलाल और कई अन्य लोग शामिल थे। गरीब लोग राहत के लिए सरकारी दफ्तरों के चक्कर काटते रहे, और चहेते लोगों के हाथों यह राशि गई।



कैसे काम करता था यह नेटवर्क?

तहसीलदार और पटवारियों के बीच एक ऐसा नेटवर्क था, जिसने सरकारी पैसे को अपने निजी फायदे के लिए इस्तेमाल किया। सरकारी दस्तावेजों और रिपोर्टों में छेड़छाड़ कर, गरीबों का हक मारा गया। इस पूरे मामले में जो खुलासे हुए हैं, वे चौंकाने वाले हैं।



अमिता सिंह तोमर का कानूनी संघर्ष

अमिता सिंह तोमर ने गिरफ्तारी से बचने के लिए कई कानूनी दांव-पेच अपनाए। उन्होंने पहले ग्वालियर हाई कोर्ट में जमानत याचिका दायर की, लेकिन वहां से भी कोई राहत नहीं मिली। इसके बाद उन्होंने सुप्रीम कोर्ट का रुख किया, जहां उनकी याचिका को खारिज कर दिया गया। अब उनके पास केवल एक ही रास्ता बचा है, या तो वे सरेंडर करें, या फिर पुलिस उन्हें गिरफ्तार कर सकती है।



2011 के केबीसी से सेलिब्रिटी बन गईं थीं तहसीलदार

अमिता सिंह तोमर साल 2011 में केबीसी के पांचवें सीजन (Season 5) में शामिल हुई थीं। उन्होंने अपनी शानदार बुद्धिमत्ता और ज्ञान का प्रदर्शन करते हुए इस गेम शो में ₹50 लाख की बड़ी इनामी राशि जीती थी।



अमिताभ बच्चन के सामने हॉट सीट पर बैठकर उन्होंने जिस तरह से कठिन सवालों के जवाब दिए थे, उसने उन्हें रातों-रात पूरे देश और खासकर मध्य प्रदेश में एक सेलिब्रिटी बना दिया था। उस समय उनकी सादगी और एक प्रशासनिक अधिकारी के तौर पर उपलब्धियों की काफी सराहना हुई थी। लेकिन अब घोटालों में नाम आने से तहसीलदार फिर एकबार चर्चा में है।



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महिला तहसीलदार अमिता सिंह तोमर



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