केन-बेतवा लिंक परियोजना से प्रभावित किसानों को चार गुना मिलेगा मुआवजा

Amresh Kushwaha | Jun 23, 2026, 11:07 IST
केन बेतवा लिंक परियोजना
केन-बेतवा लिंक परियोजना के तहत 54 गांवों में नहर के लिए जमीन अधिग्रहण शुरू हो गया है। किसानों को कलेक्टर गाइडलाइन के चार गुना मुआवजा मिलेगा, जो बांध अधिग्रहण से भी ज्यादा है।

समझें क्या है पूरा मामला...

  • केन-बेतवा लिंक परियोजना के तहत 219 किमी लंबी नहर बनेगी।
  • छतरपुर जिले के 54 गांवों में जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू हो गई है।
  • किसानों को कलेक्टर गाइडलाइन से चार गुना मुआवजा मिलेगा।
  • यह मुआवजा बांध के लिए हुए अधिग्रहण से भी ज्यादा होगा।
  • सबसे ज्यादा 21 गांव नौगांव विकासखंड के इस दायरे में आते हैं।

केन-बेतवा परियोजना क्या है?

केन-बेतवा लिंक परियोजना (Ken-Betwa Link Project) मध्यप्रदेश की एक बड़ी नदी जोड़ो योजना है। इसके तहत केन नदी का पानी नहर के जरिए बेतवा नदी तक पहुंचाया जाएगा। पानी पहले बरुआसागर के पास बेतवा नदी में मिलेगा। इसके लिए ढोडन बांध बनाया जा रहा है।



इस नहर की कुल लंबाई 219 किमी होगी। छतरपुर जिले में अकेले 107 किमी लंबी नहर का निर्माण होना है। यह नहर जिले के 54 गांवों की सीमा से होकर गुजरेगी। इसी वजह से जल संसाधन विभाग ने इन 54 गांवों में भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू की है।



54 गांवों में शुरू हुआ अधिग्रहण

परियोजना के दो डीपीआर (DPR यानी Detailed Project Report) केन बेतवा लिंक प्रोजेक्ट अथॉरिटी ने तैयार किए हैं। पहला हिस्सा केन नदी से छतरपुर जिले की सीमा में धसान नदी तक बनेगा। इसी हिस्से का टेंडर सबसे पहले जारी किया जाएगा।



54 गांवों में से सबसे ज्यादा जमीन नौगांव विकासखंड के 21 गांवों में अधिग्रहीत होगी। छतरपुर विकासखंड के 17, राजनगर के 11 और बिजावर के पांच गांव भी इसमें शामिल हैं। खास बात यह है कि नहर आबादी क्षेत्र के बाहर से गुजरेगी। इस वजह से किसी भी गांव का विस्थापन नहीं होगा।



कितना मिलेगा मुआवजा?

जमीन का अधिग्रहण मध्यप्रदेश भूमि अर्जन पुनर्वास पुनर्व्यवस्था प्रतिकार और पारदर्शिता अधिकार अधिनियम 2013 (Land Acquisition Act 2013) के तहत हो रहा है। मध्यप्रदेश सरकार ने अप्रैल 2026 में भूमि अधिग्रहण की दरें दोगुनी की थीं। पहले कलेक्टर गाइडलाइन से दोगुना मुआवजा दिया जाता था। अब सरकार ने ग्रामीण क्षेत्रों में चार गुना मुआवजा देने का आदेश दिया है।



इसका मतलब सीधा है। जहां जमीन का कलेक्टर गाइडलाइन रेट तीन लाख रुपए प्रति एकड़ है। यहां किसान को 12 लाख रुपए प्रति एकड़ मुआवजा मिलेगा। नहर के किनारे कुछ गांव जैसे गंज और गाढीमलहरा में यह दर 15 लाख रुपए प्रति एकड़ से भी ऊपर जा सकती है। यह मुआवजा बांध के लिए हुई भूमि अधिग्रहण से प्रति एकड़ ज्यादा है।



हर गांव का रेट अलग होगा

केन बेतवा लिंक प्रोजेक्ट अथॉरिटी के अधिकारियों ने मुआवजे की दरें तय करने के लिए जिला पंजीयक कार्यालय को पत्र लिखा है। इसमें सभी गांवों की अलग-अलग दरों की मांग की गई है।



हर गांव में हुई रजिस्ट्रियों और गाइडलाइन की औसत कीमत में जो ज्यादा हो, उसे जमीन की आधार कीमत माना जाएगा। फिर उस कीमत का चार गुना किसान को मुआवजे के रूप में दिया जाएगा। इसी वजह से हर गांव में मुआवजे की दर अलग-अलग होगी।



ढोडन बांध में 5 लाख प्रति एकड़ मिला था

तुलना के लिए समझना जरूरी है। ढोडन बांध निर्माण के लिए 14 गांवों में जमीन अधिग्रहण हुआ था। वहां सरकार ने विशेष पैकेज के तहत पांच लाख रुपए प्रति एकड़ मुआवजा दिया था। यह कलेक्टर गाइडलाइन की न्यूनतम दर तीन लाख रुपए प्रति एकड़ से ज्यादा था।



अब नहर के लिए होने वाले अधिग्रहण में किसानों को उससे भी ज्यादा मिलेगा। तीन लाख रुपए प्रति एकड़ की गाइडलाइन पर चार गुना यानी 12 लाख रुपए प्रति एकड़ मिलेगा। यह बांध के मुआवजे से दोगुने से भी ज्यादा है।



धारा 11 और 19 की कार्रवाई पूरी

केन बेतवा लिंक परियोजना छतरपुर के कार्यपालन यंत्री उमी गुप्ता ने बताया कि भूमि अधिग्रहण की धारा 11 और धारा 19 की कार्रवाई तेजी से पूरी की जा चुकी है। अब मुआवजे की दरों की निर्धारण प्रक्रिया चल रही है। मध्यप्रदेश सरकार के नए नियम के अनुसार किसानों को कलेक्टर गाइडलाइन से चार गुना मुआवजा दिया जाएगा।



FAQ

  1. केन-बेतवा लिंक नहर के लिए किसानों को कितना मुआवजा मिलेगा?
    मध्यप्रदेश सरकार के नए नियम के अनुसार ग्रामीण क्षेत्रों में भूमि अधिग्रहण पर किसानों को कलेक्टर गाइडलाइन रेट से चार गुना मुआवजा मिलेगा। यानी जहां जमीन का गाइडलाइन रेट 3 लाख रुपए प्रति एकड़ है, वहां किसान को 12 लाख रुपए प्रति एकड़ दिया जाएगा। कुछ गांवों में जहां रजिस्ट्री दर ज्यादा है, वहां मुआवजा 15 लाख रुपए प्रति एकड़ से भी ज्यादा हो सकता है।

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