केन-बेतवा प्रोजेक्ट: जल-जंगल-जमीन की लड़ाई तेज, राहुल गांधी से मिले प्रभावित परिवार
समझें क्या है पूरा मामला
केन-बेतवा परियोजना प्रभावित परिवार राहुल गांधी से मिले।
आदिवासियों ने विस्थापन और पुनर्वास की समस्याएं बताईं।
राहुल गांधी ने जल, जंगल, जमीन का मुद्दा उठाया।
उन्होंने पुलिस कार्रवाई पर सवाल खड़े किए।
कांग्रेस ने आदिवासी संघर्ष में साथ देने का भरोसा दिया।
आदिवासियों ने रखी अपनी बात
मध्य प्रदेश में केन-बेतवा परियोजना का विरोध चल रहा है। आदिवासी समुदाय लंबे समय से सत्याग्रह कर रहे हैं। इसी बीच प्रभावित परिवार कांग्रेस नेता राहुल गांधी से मिले।
बैठक में आदिवासियों ने अपनी परेशानी खुलकर बताई। उन्होंने विस्थापन का मुद्दा उठाया। डूब में आ रहे गांवों की समस्या भी सामने रखी। साथ ही पुनर्वास से जुड़ी दिक्कतें भी बताईं।
जल जंगल जमीन पर संकट
राहुल गांधी ने कहा कि इस परियोजना से आदिवासी समाज का जल, जंगल और जमीन प्रभावित हो रहा है। उन्होंने बताया कि वर्षों पुराने गांव अब डूब में जा रहे हैं। लोगों के घर उजड़ने की नौबत आ गई है। उन्होंने कहा कि इसी वजह से प्रभावित परिवारों को आंदोलन का रास्ता चुनना पड़ा। यह उनकी मजबूरी बन गई है।
पुलिस बल पर आरोप
राहुल गांधी ने सरकार पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि शांतिपूर्ण सत्याग्रह कर रहे आदिवासियों पर पुलिस बल इस्तेमाल किया गया। विरोध जताने के अधिकार को दबाने की कोशिश हुई। उनका कहना था कि सरकार को आंदोलनकारियों से बातचीत करनी चाहिए थी। लेकिन भाजपा सरकार ने संवाद की जगह सख्ती का रास्ता चुना।
मुआवजे और पुनर्वास की मांग
राहुल गांधी ने कहा कि सरकारी परियोजना के लिए अगर घर और गांव उजाड़े जा रहे हैं, तो मुआवजा मिलना प्रभावित परिवारों का अधिकार है। साथ ही सम्मानजनक पुनर्वास भी जरूरी है। उन्होंने कहा कि आदिवासी समाज के लिए जल, जंगल और जमीन सिर्फ संसाधन नहीं हैं। ये उनकी पूरी जीवनरेखा हैं।
कांग्रेस का साथ देने का भरोसा
राहुल गांधी ने प्रभावित परिवारों को भरोसा दिलाया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस उनके संघर्ष में साथ खड़ी रहेगी। आदिवासी समाज के सम्मान और अधिकार की लड़ाई में पार्टी मजबूती से साथ रहेगी।
यह मुलाकात ऐसे समय हुई है जब केन-बेतवा परियोजना को लेकर मध्य प्रदेश में राजनीतिक माहौल गरमाया हुआ है। आने वाले दिनों में यह मुद्दा और तूल पकड़ सकता है।
राहुल गांधी ने पहले किया था ये ट्वीट
राहुल गांधी ने 27 जुलाई 2026 को ‘X’ पर प्रभावित किसानों और आदिवासियों के आंदोलन का वीडियो साझा किया था। उन्होंने लिखा कि केन-बेतवा लिंक परियोजना में आदिवासियों की जमीन ली गई। उन्हें न न्यायपूर्ण मुआवजा मिला और न ही सम्मानजनक पुनर्वास मिला। उन्होंने सरकार पर शांतिपूर्ण आंदोलन को पुलिस बल से दबाने का आरोप लगाया। राहुल गांधी ने जल, जंगल और जमीन पर आदिवासियों के अधिकार की बात भी कही।
FAQ
- केन-बेतवा परियोजना क्या है?
यह नदी जोड़ो योजना के तहत बनाई जा रही परियोजना है। इसका मकसद पानी की कमी दूर करना है। लेकिन इससे कई आदिवासी गांव डूब में आ रहे हैं। - राहुल गांधी ने क्या मांग की?
राहुल गांधी ने प्रभावित परिवारों के लिए न्यायपूर्ण मुआवजे की मांग की। उन्होंने सम्मानजनक पुनर्वास की भी बात कही। - आदिवासियों का मुख्य आरोप क्या है?
आदिवासियों का आरोप है कि शांतिपूर्ण विरोध पर पुलिस बल का इस्तेमाल हुआ। उनका कहना है कि सरकार ने संवाद नहीं किया।
केन बेतवा नदी परियोजना: MP में विस्थापन का असली सच, घर टूटा, नाम नहीं जुड़ा फिर क्या होगा
केन-बेतवा प्रोजेक्ट के विरोध में अनशन तेज, महिलाओं ने शुरू की चूल्हाबंदी
केन-बेतवा प्रोजेक्ट: विस्थापित बोले- प्रशासन ने रोका राशन, पानी और बिजली