रक्षाबंधन पर वंदे मातरम् थीम पर बनी सबसे बड़ी राखी पहनेंगे इंदौर के खजराना गणेशजी
Khajrana Ganesh Indore: मध्य प्रदेश के इंदौर में रक्षाबंधन का पर्व हमेशा बेहद खास और भव्य तरीके से मनाया जाता है। इस बार रक्षाबंधन का यह पावन त्योहार 28 अगस्त को मनाया जाएगा। रक्षाबंधन भाई-बहन के अटूट प्रेम, सुरक्षा और सनातन परंपराओं का प्रतीक है। इंदौर के प्रसिद्ध खजराना गणेश मंदिर में रक्षाबंधन के शुभ अवसर पर भगवान गणेश को राज्य की सबसे बड़ी और अनोखी राखी अर्पित करने की परंपरा है।
इस वर्ष भी पालरेचा परिवार की ओर से विशालकाय राखी तैयार की गई है। इस साल की राखी की थीम राष्ट्रभक्ति, सनातन धर्म और आज की युवा पीढ़ी यानी Gen-Z को समर्पित की गई है। इस भव्य राखी को सजाने में देश के अलग-अलग राज्यों के कारीगरों ने अपना योगदान दिया है।
विश्व प्रसिद्ध खजराना गणेश मंदिर की महिमा
इंदौर का खजराना गणेश मंदिर पूरे देश में बेहद मशहूर है। इस ऐतिहासिक मंदिर का निर्माण मराठा महारानी अहिल्याबाई होल्कर ने करवाया था। कहा जाता है कि औरंगजेब के आक्रमण से बचाने के लिए गणेश जी की मूर्ति को एक कुएं में छिपा दिया गया था।
बाद में महारानी को स्वप्न आया और मूर्ति को कुएं से निकालकर स्थापित किया गया। आज भी लाखों श्रद्धालु अपनी मन्नत मांगने के लिए खजराना गणेश के दर्शन करने आते हैं। मन्नत पूरी होने पर भक्त मंदिर की पीठ पर उल्टा स्वास्तिक बनाते हैं।
40x40 इंच आकार की सबसे बड़ी राखी
इस साल 2026 में बप्पा को बांधी जाने वाली राखी बेहद खास है। इसका आकार 40 बाय 40 इंच का बनाया गया है। इसे अभी तक की सबसे बड़ी राखी माना जा रहा है। पालरेचा परिवार के सदस्यों ने इसे अपने हाथों से लगन से तैयार किया है।
राष्ट्रगीत वंदे मातरम् के 150 साल पूरे होने का जश्न इस राखी में दिखेगा। इसके साथ ही देश की युवा पीढ़ी यानी Gen-Z को भी जोड़ा गया है। आज का युवा अपनी संस्कृति से जुड़ा रहे, यही संदेश इस थीम के जरिए दिया गया है। इसमें आधुनिकता और धर्म का सुंदर तालमेल दिखता है।
देशभर के कारीगरों ने मिलकर किया काम
इस खास राखी में प्रभु श्रीराम, बाबा महाकाल और भगवान जगन्नाथ के चित्र उकेरे गए हैं। इसके अलावा मां सरस्वती का सुंदर रूप भी दिखाया गया है। धार की ऐतिहासिक भोजशाला और मां वाग्देवी को भी इसमें खास जगह मिली है। इसे हिंदू समाज की आस्था और विश्वास की जीत के रूप में दर्शाया गया है।
इस राखी को भव्य बनाने में कई शहरों के कलाकारों ने मदद की है। कोलकाता, जयपुर, मुंबई और सूरत से खास सजावटी सामान मंगवाया गया। राखी में सलमा-सितारे, सुंदर मोती और जरदोजी का काम किया गया है। महीनों की कड़ी मेहनत के बाद यह सुंदर कलाकृति बनकर तैयार हुई है।
24 सालों से जारी है ये परंपरा
पालरेचा परिवार पिछले 24 वर्षों से ये सेवा पूरी निष्ठा से करता आ रहा है। हर साल रक्षाबंधन पर एक नई थीम चुनी जाती है। परिवार का उद्देश्य युवाओं को धर्म और राष्ट्र सेवा के प्रति प्रेरित करना है। बप्पा की कृपा पूरे देश और समाज पर बनी रहे, यही उनकी प्रार्थना है।
इंदौर का पालरेचा परिवार हर साल भगवान गणेश के लिए एक विशेष थीम पर आधारित विशाल राखी तैयार करता है। इस बार की राखी का आकार करीब 40 बाय 40 इंच रखा गया है। इसे तैयार करने में परिवार को करीब ढाई से तीन महीने का लंबा समय लगा है।
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