बकरों की कुर्बानी देख मन हुआ आहत, खंडवा के मुस्लिम युवक ने अपनाया सनातन धर्म

Sanjay Dhiman | May 31, 2026, 18:11 IST
Photograph: (the sootr)
खंडवा के महादेवगढ़ मंदिर में मुस्लिम युवक बिलाल ने बकरों की कुर्बानी से आहत होकर सनातन धर्म अपनाया। शुद्धिकरण के बाद उनका नया नाम विशाल रखा गया है।

समझें पूरा मामला...

  • खंडवा में घर वापसी: हरदा के मुस्लिम युवक बिलाल ने खंडवा में सनातन धर्म अपना लिया है।
  • नया नाम विशाल: महादेवगढ़ मंदिर में शुद्धिकरण संस्कार के बाद उनका नया नाम 'विशाल' रखा गया।
  • कुर्बानी से आहत: बकरीद पर बेजुबान बकरों की निर्मम कुर्बानी देखकर युवक का मन बहुत दुखी था।
  • रामचरितमानस की भेंट: मंदिर संरक्षक अशोक पालीवाल ने विशाल को पवित्र ग्रंथ रामचरितमानस भेंट की।
  • समाज ने किया स्वागत: स्थानीय लोगों और मंदिर समिति ने युवक के इस फैसले का जोरदार स्वागत किया।

मध्यप्रदेश के खंडवा जिले में एक युवक ने मुस्लिम धर्म छोड़कर सनातन धर्म अपनाया है। इस युवक का पहले नाम बिलाल था, और अब उसका नाम विशाल रखा गया। युवक ने बताया कि उसे बचपन से ही सनातन धर्म और उसकी परंपराओं से गहरा लगाव था। इस ईद पर उसने सनातन धर्म अपनाने का फैसला कर लिया। इस निर्णय में उसके माता-पिता की भी सहमति थी।



सनातन धर्म अपनाने की वजह

युवक ने कहा कि ईद के दौरान बकरों की कुर्बानी देखकर उसका मन बहुत दुखी हुआ। उसने महसूस किया कि मूक पशुओं का कत्लेआम उसके लिए स्वीकार्य नहीं है। इसके बाद उसने अपने माता-पिता से बात की और उनके मार्गदर्शन में महादेवगढ़ मंदिर में जाकर सनातन धर्म अपनाया।



मंदिर में स्वागत और संस्कार

खंडवा के महादेवगढ़ मंदिर में युवक का स्वागत भव्य धार्मिक रीति-रिवाजों के साथ किया गया। शुद्धिकरण और उपनयन संस्कार के बाद भगवान महादेव की महाआरती संपन्न हुई। युवक ने मंदिर में पूजा-पाठ में भाग लिया और सनातन धर्म की परंपराओं का पालन शुरू किया।



मंदिर संरक्षक का बयान

महादेवगढ़ मंदिर के संरक्षक अशोक पालीवाल ने बताया कि विशाल ने बचपन से ही सनातन धर्म में रुचि दिखाई थी। बकरीद के दिन पशुओं की हत्या देखकर उसकी मानसिक स्थिति प्रभावित हुई। मंदिर परिवार ने युवक को रामचरितमानस भेंट किया और धार्मिक अनुष्ठानों में उसकी भागीदारी सुनिश्चित की।



समाज और समुदाय की प्रतिक्रिया

युवक के सनातन धर्म अपनाने के फैसले का स्थानीय लोगों ने स्वागत किया। मंदिर परिसर में आयोजित इस धार्मिक कार्यक्रम ने क्षेत्र में चर्चा का माहौल बना दिया। विशाल ने कहा कि वह अब सनातन धर्म की परंपराओं और संस्कृति का पालन करते हुए अपना जीवन नई दिशा में शुरू करना चाहता है।



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