खरगोन में रिश्वत लेते पटवारी गिरफ्तार, लोकायुक्त ने 20 हजार रुपए रिश्वत राशि भी की जब्त
मामला सैगांव तहसील क्षेत्र से जुड़ा हुआ है। शिकायतकर्ता पुनीत नाड़ीवाल निवासी कसरावद बड़ी ने शिकायत की थी। उन्होंने 25 सितंबर को लोकायुक्त कार्यालय इंदौर में आवेदन दिया था।
शिकायत में बताया गया कि पत्नी ममता नाड़ीवाल के नाम कृषि भूमि है। इस भूमि के नामांतरण की प्रक्रिया चल रही थी। शिकायतकर्ता ने तहसीलदार अंतर सिंह कनेश से संपर्क किया था।
तहसीलदार ने संबंधित पटवारी से बात करने को कहा था। इसके बाद शिकायतकर्ता ने पटवारी खुम सिंह धारवे से संपर्क किया था। आरोप है कि पटवारी ने काम के बदले दो लाख रुपए मांगे।
पटवारी के जरिए मांगी गई थी रकम
शिकायत के अनुसार रिश्वत की रकम पटवारी कुलदीप यादव के माध्यम से मांगी गई थी। इसके बाद शिकायतकर्ता ने लोकायुक्त पुलिस इंदौर से संपर्क किया।
लोकायुक्त पुलिस ने शिकायत का सत्यापन कराया। जांच में शिकायत सही पाए जाने के बाद ट्रैप कार्रवाई की योजना बनाई गई।
मेडिकल के सामने हुई ट्रैप कार्रवाई
लोकायुक्त टीम ने 28 सितंबर को कार्रवाई की। यह कार्रवाई खरगोन में श्री पाटीदार मेडिकल के सामने हुई। आरोपी खुम सिंह धारवे को रिश्वत लेते पकड़ा गया।
टीम ने आरोपी के पास से 20 हजार रुपए जब्त किए। कार्रवाई के बाद आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया।
तहसीलदार और दो पटवारियों पर केस
इस मामले में तीन लोगों को आरोपी बनाया गया है। इनमें पटवारी खुम सिंह धारवे शामिल हैं। दूसरे आरोपी पटवारी कुलदीप यादव हैं।
तीसरे आरोपी तहसीदार अंतर सिंह कनेश हैं। सभी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण संशोधन अधिनियम के तहत कार्रवाई की गई।
मामले में धारा 7 भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 2018 लगाई गई है। इसके साथ बीएनएस 2023 की धारा 61(2) के तहत प्रकरण दर्ज हुआ है।
लोकायुक्त ने आम लोगों से की अपील
लोकायुक्त संगठन ने भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई जारी रखने की बात कही है। अधिकारियों ने आम लोगों से शिकायत करने की अपील की है।
लोकायुक्त ने कहा कि रिश्वत मांगने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों की जानकारी दी जा सकती है। शिकायत मिलने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
यह खबर क्यों जरूरी है
जमीन के नामांतरण जैसे रोजमर्रा के सरकारी काम में रिश्वतखोरी सीधे आम आदमी की जेब पर असर डालती है। यह मामला दिखाता है कि पटवारी और तहसीलदार स्तर पर भ्रष्टाचार कैसे काम करता है। लोकायुक्त की यह कार्रवाई आम जनता को यह भरोसा भी देती है कि शिकायत करने पर कार्रवाई होती है। भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज उठाना नागरिकों का अधिकार भी है और जिम्मेदारी भी।
- पुनीत नाड़ीवाल की शिकायत क्या थी?
पुनीत नाड़ीवाल ने शिकायत की थी कि उनके पटवारी खुम सिंह धारवे ने कृषि भूमि के नामांतरण के लिए दो लाख रुपए की रिश्वत मांगी थी। - इस मामले में आरोपियों के खिलाफ कौन-कौन सी धाराएं लगाई गई हैं?
इस मामले में पटवारी खुम सिंह धारवे, पटवारी कुलदीप यादव और तहसीलदार अंतर सिंह कनेश के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 7 और बीएनएस 2023 की धारा 61(2) के तहत मामला दर्ज किया गया है। - लोकायुक्त ने जनता से क्या अपील की है?
लोकायुक्त ने आम लोगों से भ्रष्टाचार की शिकायत करने की अपील की है और कहा है कि रिश्वत मांगने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों की जानकारी मिलते ही नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।