इस बार भी कुबेरेश्वर धाम में नहीं बटेंगे रुद्राक्ष, पिछले साल के हादसे से लिया सबक
नफीस खान @ सीहोर
समझें क्या है पूरा मामला
- सीहोर के कुबेरेश्वर धाम में 25 अगस्त को बड़ी कांवड़ यात्रा होने वाली है।
- पंडित प्रदीप मिश्रा के साथ लाखों श्रद्धालु पहुंचने की संभावना है।
- पिछले साल भगदड़ में 7 श्रद्धालुओं की मौत हो गई थी।
- इस बार धाम में रुद्राक्ष वितरण पूरी तरह बंद कर दिया गया है।
- इंदौर-भोपाल हाईवे पर भारी वाहनों की एंट्री 3 दिन बंद रहेगी।
क्यों बरती जा रही इतनी सख्ती
सीहोर के कुबेरेश्वर धाम में 25 अगस्त को बड़ा आयोजन होने वाला है। कथावाचक पंडित प्रदीप मिश्रा की कांवड़ यात्रा इस दिन प्रस्तावित है। यह यात्रा सीवन घाट से कुबेरेश्वर धाम तक आयोजित होगी। इसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना जताई जा रही है।
इसे देखते हुए जिला प्रशासन और पुलिस विभाग ने व्यापक तैयारियां की हैं। लाखों श्रद्धालुओं की भीड़ जुटने का अनुमान है। इसी वजह से 23 अगस्त से 25 अगस्त तक इंदौर-भोपाल हाईवे पर भारी वाहनों का प्रवेश रोक दिया गया है। साथ ही इस बार भी धाम में रुद्राक्ष वितरण को पूरी तरह बंद कर दिया गया है। प्रशासन का मकसद है कि इस बार किसी भी तरह की भगदड़ न हो।
पिछले साल क्या हुआ था
यह सारे कदम पिछले साल की घटनाओं से सबक लेकर उठाए गए हैं। पिछले साल कांवड़ यात्रा और धाम के आयोजनों के दौरान बड़ा हादसा हुआ था। उस समय सात श्रद्धालुओं की जान चली गई थी। इनमें से दो महिलाओं की मौत रुद्राक्ष वितरण काउंटर पर मची भगदड़ में हुई थी। इसके अलावा उस दौरान कई किलोमीटर लंबा जाम भी लग गया था।
श्रद्धालुओं को घंटों सड़क पर फंसे रहना पड़ा था। इस बार प्रशासन कोई कोताही नहीं बरतना चाहता। इसीलिए बाहर से भी अतिरिक्त पुलिस बल बुलाया गया है, ताकि कोई अप्रिय घटना न हो सके।
कब से कब तक लागू रहेगा डायवर्जन
पुलिस प्रशासन ने भारी वाहनों के लिए साफ समय सीमा तय की है। यह डायवर्जन प्लान 23 अगस्त की सुबह 6 बजे से शुरू हो चुका है। यह 25 अगस्त की रात 12 बजे तक लागू रहेगा, यानी पूरे तीन दिन तक भारी वाहन तय रूट से ही गुजर सकेंगे। एएसपी प्रशांत चौबे ने इस पूरी व्यवस्था की जानकारी दी। उनके मुताबिक यह कदम यातायात को सुचारु बनाए रखने के लिए उठाया गया है।
भारी वाहनों के लिए नया रूट
भोपाल से देवास और इंदौर जाने वाले भारी वाहनों का रूट बदल दिया गया है। ये वाहन अब मुबारकपुर जोड़ परवलिया और तुमड़ा जोड़ खजूरी से डायवर्ट होंगे। इसके बाद वे श्यामपुर, कुरावर, ब्यावरा, शाजापुर और मक्सी होते हुए आगे बढ़ेंगे।
इसी तरह इंदौर और देवास से भोपाल आने वाले वाहनों का रूट भी बदला गया है। ये वाहन मक्सी, शाजापुर, ब्यावरा, कुरावर और श्यामपुर होते हुए भोपाल पहुंचेंगे। कन्नौद और खातेगांव क्षेत्र से आने वाले वाहनों को भी नया रास्ता दिया गया है।
ये वाहन आष्टा, शुजालपुर और पचोर होते हुए ब्यावरा की तरफ जाएंगे। होशंगाबाद, रेहटी और भैरूंदा से इंदौर जाने वाले वाहनों के लिए भी वैकल्पिक रास्ता तय हुआ है। ये वाहन गोपालपुर, कन्नौद और आष्टा मार्ग का इस्तेमाल कर सकेंगे।
सवारी वाहनों के लिए भी अलग रास्ता
सिर्फ भारी वाहन ही नहीं, छोटे और सवारी वाहनों के लिए भी अलग रूट बनाया गया है। भोपाल से इंदौर और उज्जैन जाने वाले वाहन सीहोर के न्यू क्रिसेंट चौराहा से गुजरेंगे। यहां से वे भाऊखेड़ी जोड़ होते हुए अमलाहा मार्ग की तरफ बढ़ेंगे।
इसी तरह इंदौर-उज्जैन से भोपाल आने वाले वाहनों का रास्ता भी तय किया गया है। ये वाहन आष्टा, अमलाहा, भाऊखेड़ी जोड़ और न्यू क्रिसेंट चौराहा होते हुए भोपाल पहुंचेंगे। यह पूरा प्लान तीन दिन तक लागू रहेगा। इस दौरान शहर के भीतर भी डायवर्जन की व्यवस्था रहेगी।
सुरक्षा के लिए अतिरिक्त इंतजाम
श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए हैं। अन्य जिलों से भी अतिरिक्त पुलिस बल बुलाया जा रहा है। कांवड़ियों और श्रद्धालुओं की सुरक्षा को सबसे ऊपर रखा गया है। धाम परिसर और आसपास के इलाकों में पुलिस की तैनाती बढ़ाई गई है।
प्रशासन का कहना है कि पिछले साल जैसी अव्यवस्था इस बार नहीं होने दी जाएगी। इसीलिए रुद्राक्ष वितरण को पूरी तरह रोकने का फैसला लिया गया है। यह फैसला खासतौर पर भगदड़ जैसी घटना को रोकने के मकसद से लिया गया है।
श्रद्धालुओं के लिए क्या सलाह है
प्रशासन ने श्रद्धालुओं से भी सहयोग की अपील की है। जो लोग कुबेरेश्वर धाम सीहोरकांवड़ यात्रा में शामिल होने जा रहे हैं, उन्हें तय रूट का ही इस्तेमाल करने को कहा गया है। भारी वाहन चालकों को भी नए डायवर्जन प्लान की जानकारी दी जा रही है।
प्रशासन का मानना है कि सही जानकारी से यात्रा के दौरान जाम की समस्या कम होगी। श्रद्धालुओं को सलाह दी गई है कि वे पुलिस के निर्देशों का पालन करें। इससे तीन दिन तक चलने वाला यह बड़ा आयोजन सुरक्षित तरीके से पूरा हो सकेगा। शिव और सावन
FAQ
- कुबेरेश्वर धाम कांवड़ यात्रा कब निकाली जाएगी?
सीवन घाट से कुबेरेश्वर धाम तक 11 किलोमीटर लंबी कांवड़ यात्रा सावन के अंतिम सोमवार 25 अगस्त को निकाली जाएगी। इसमें कथावाचक पंडित प्रदीप मिश्रा भी श्रद्धालुओं के साथ कांवड़ लेकर चलेंगे। - भोपाल-इंदौर हाईवे पर ट्रैफिक डायवर्शन कब तक लागू रहेगा?
पुलिस द्वारा बनाया गया ट्रैफिक डायवर्शन प्लान 23 अगस्त की सुबह 6 बजे से शुरू होकर 25 अगस्त की रात 12 बजे तक लागू रहेगा। इस दौरान भारी और छोटे वाहनों के मार्ग बदले रहेंगे। - क्या कुबेरेश्वर धाम में रुद्राक्ष वितरण चालू है?
नहीं, कांवड़ यात्रा में जुटने वाली भारी भीड़ और सुरक्षा कारणों को ध्यान में रखते हुए कुबेरेश्वर धाम में रुद्राक्ष वितरण बंद कर दिया गया है। वितरण दोबारा कब शुरू होगा, इसकी तारीख तय नहीं है।
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