कुबेरेश्वर धाम में महाराष्ट्र से आई महिला की मौत, सुरक्षा इंतजामों पर सवाल
नफीस खान@सीहोर. कुबेरेश्वर धाम में एक बुजुर्ग महिला श्रद्धालु की अचानक मौत हो गई। महिला महाराष्ट्र से दर्शन करने आई थीं। उनका नाम कौशल बाई कवड़े बताया जा रहा है। उनकी उम्र करीब 70 से 75 साल थी।
महिला धाम परिसर में विश्राम कर रही थीं। तभी अचानक उनके सीने में तेज दर्द उठा। देखते ही देखते उनकी हालत गंभीर हो गई। परिजनों के अनुसार उन्हें दिल का दौरा पड़ा था। समय पर इलाज मिलने से पहले ही उनकी मौत हो गई। साथ आए परिजनों का रो रोकर बुरा हाल हो गया।
नागपुर से आई थीं दर्शन करने
कौशल बाई महाराष्ट्र के नागपुर के आसपास की रहने वाली थीं। परिवार उन्हें लेकर कुबेरेश्वर धाम दर्शन के लिए आया था। तबीयत बिगड़ने के बाद परिसर में अफरा तफरी मच गई। परिजनों ने शव वापस ले जाने के लिए निजी एम्बुलेंस बुलाई। अस्पताल में जरूरी कागजी कार्रवाई पूरी की जा रही है। शुरुआती जानकारी में मौत की वजह हार्ट अटैक बताई गई है।
परिजन शव को लेकर महाराष्ट्र रवाना हुए
कौशल बाई की अचानक मौत से साथ में आए परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। घटना की जानकारी लगते ही कुबरेश्वर धाम की एंबुलेंस से शव को जिला अस्पताल ले जाया गया। अस्पताल में प्रशासन द्वारा आवश्यक औपचारिकताएं पूरी की गईं।
परिजन रोते हुए शव को अपने साथ एंबुलेंस से गृह नगर लेकर रवाना हो गए। घटना ने एक बार फिर कुबेरेश्वर धाम में श्रद्धालुओं की सुरक्षा, भीड़ प्रबंधन और आपातकालीन स्वास्थ्य सुविधाओं पर गंभीर चिंता पैदा की है।
पं. प्रदीप मिश्रा की कांवड़ यात्रा में पहुंची भक्तों की भीड़
बता दें कि कुबेरेश्वर धाम में 23 अगस्त से पंडित प्रदीप मिश्रा के मार्गदर्शन में कांवड़ यात्रा की शुरुआत हुई, इस कांवड़ यात्रा में हजारों की संख्या में भक्त शामिल हुए। सीवन घाट से कुबेरेश्वर धाम तक आयोजित होने वाली कांवड़ यात्रा के मद्देनजर जिला प्रशासन और पुलिस विभाग ने व्यापक तैयारियां की हैं।
23 से 25 अगस्त तक इंदौर-भोपाल हाईवे पर भारी वाहनों का रूट डाइवर्ट किया गया है। इसके साथ ही कुबेरेश्वर धाम में रुद्राक्ष वितरण भी पूरी तरह से बंद कर दिया गया है।
फिर उठे सवाल
कुबेरेश्वर धाम में देशभर से लाखों श्रद्धालु आते हैं। इनमें कई बुजुर्ग और बीमार श्रद्धालु भी शामिल होते हैं। ऐसे में तुरंत मेडिकल मदद मिलना बहुत जरूरी है। एम्बुलेंस और प्रशिक्षित स्टाफ की उपलब्धता अहम मानी जाती है। कौशल बाई की मौत ने इसी व्यवस्था पर फिर बहस छेड़ दी है। हालांकि यह साफ नहीं है कि मेडिकल टीम कितनी देर में पहुंची। मौत की पुष्टि किस स्तर पर हुई, यह भी स्पष्ट नहीं है।
पहले भी हुई हैं मौतें
कुबेरेश्वर धाम के बड़े आयोजनों में पहले भी मौतें हो चुकी हैं। पिछले साल कांवड़ यात्रा के दौरान सात श्रद्धालुओं की जान गई थी। रुद्राक्ष वितरण काउंटर पर भगदड़ में दो महिलाओं की मौत हुई थी। कई किलोमीटर लंबे जाम ने भी श्रद्धालुओं को परेशान किया था। इन घटनाओं ने प्रशासन के सामने बड़ी चुनौती खड़ी कर दी है। भीड़ प्रबंधन और मेडिकल सुविधा पर लगातार सवाल उठते रहे हैं।
पुलिस का बड़ा बंदोबस्त
24 और 25 अगस्त को कांवड़ यात्रा होनी है। इसे देखते हुए पुलिस और प्रशासन पूरी तरह अलर्ट है। सीवन नदी घाट से धाम तक पूरा रास्ता सेक्टरों में बांटा गया है। हर सेक्टर में अधिकारी और पुलिस बल तैनात किए गए हैं। रविवार से आसपास के जिलों से करीब 800 पुलिसकर्मी पहुंच चुके हैं।
सीहोर जिले के करीब 400 पुलिसकर्मी भी ड्यूटी पर लगाए गए हैं। होमगार्ड, एसडीआरएफ (SDRF – State Disaster Response Force) और अन्य विभागों को भी जिम्मेदारी दी गई है।
हर हरकत पर पैनी नजर
पुलिस अधीक्षक सोनाक्षी सक्सेना ने साफ निर्देश दिए हैं। लापरवाही की कोई गुंजाइश नहीं रहेगी, यह कहा गया है। संवेदनशील इलाकों और फिक्स पिकेट्स पर नजर रखी जाएगी। संदिग्ध गतिविधियों को लेकर मोबाइल पेट्रोलिंग बढ़ाई गई है। हाईवे और डायवर्जन रूट पर यातायात की निगरानी होगी। महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा पर खास फोकस रहेगा।
नदी में उतरने पर रोक
इस बार सीवन घाट पर अलग व्यवस्था की गई है। श्रद्धालुओं को नदी में उतरने की जरूरत नहीं पड़ेगी। घाट के ऊपर बड़ी संख्या में नल लगाए गए हैं। पंप से नदी का पानी सीधे इन नलों तक पहुंचाया जाएगा। प्रशासन ने श्रद्धालुओं से नल से ही जल लेने की अपील की है। घाट पर सुरक्षा दल और बोट भी तैनात रहेंगे। बैरिकेडिंग लगाकर भीड़ को नियंत्रित किया जाएगा।
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