खूंटा गाड़कर रहो तो मिलेगा सम्मान... कुशवाह समाज पर नरेंद्र सिंह तोमर के बयान से बवाल

Amresh Kushwaha | Aug 02, 2026, 09:30 IST
कुशवाह समाज पर नरेंद्र सिंह तोमर के बयान
मुरैना में विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर ने कुशवाह समाज पर विवादित बयान दिया। इसके बाद भाजपा जिलाध्यक्ष कमलेश कुशवाह ने सफाई दी, लेकिन पूर्व विधायक सोनेराम कुशवाह और अखंड भारत महासंघ ने कड़ी नाराजगी जताई। पूरे मामले ने सियासी हलचल तेज कर दी है।

समझें क्या है पूरा मामला....

  • मुरैना में नरेंद्र सिंह तोमर ने कुशवाह समाज पर विवादित बयान दिया है।
  • उन्होंने कहा समाज बार-बार इधर-उधर गुलाटी मारता रहा है।
  • शुक्रवार को हुए एक कार्यक्रम में यह बयान वायरल हुआ।
  • भाजपा जिलाध्यक्ष कमलेश कुशवाह ने बाद में सफाई भी दी।
  • पूर्व विधायक सोनेराम कुशवाह ने बयान का कड़ा विरोध किया है।

मुरैना में विवादित बयान

विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर मुरैना पहुंचे थे। वहां उन्होंने कुशवाह समाज के एक कार्यक्रम को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि भाजपा (भारतीय जनता पार्टी) हमेशा समाज के प्रति समर्पित रही है। वहीं, कुशवाह समाज बीच-बीच में इधर-उधर होता रहा है। इसी वजह से समाज की विश्वसनीयता कमजोर हुई है।



यह कार्यक्रम शुक्रवार, 31 जुलाई को शिवनगर इलाके में हुआ था। भाजपा जिलाध्यक्ष कमलेश कुशवाह के घर पर अभिनंदन समारोह रखा गया था। तोमर का यह बयान वहीं दिया गया था। कार्यक्रम का वीडियो कुछ ही घंटों में सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। इसके बाद से यह मामला लगातार चर्चा में बना हुआ है।



कालीचरण का दिया उदाहरण

विधानसभा अध्यक्ष तोमर ने अपनी बात समझाने के लिए एक उदाहरण दिया। उन्होंने भाजपा नेता कालीचरण का जिक्र किया। कहा कि कालीचरण ने पार्टी में अपना खूंटा गाड़कर रखा। इसी वजह से पार्टी ने उन पर भरोसा दिखाया। कालीचरण को तीन बार विधायक का टिकट मिला, यह बात तोमर ने याद दिलाई।



तोमर ने आगे कहा कि निष्ठा रखने वालों को सम्मान जरूर मिलता है। जो कार्यकर्ता संगठन के प्रति वफादार रहता है, उसका कद बढ़ता है। उनके अनुसार निधन के बाद भी ऐसे लोगों की पहचान बनी रहती है। यही बात उन्होंने कार्यक्रम में मौजूद लोगों को समझाई।



जिलाध्यक्ष ने दी सफाई

बयान वायरल होते ही सियासी हलचल तेज हो गई। कई नेताओं ने इस पर सवाल उठाना शुरू कर दिया। इसके बाद भाजपा जिलाध्यक्ष कमलेश कुशवाह सामने आए। उन्होंने कहा कि तोमर का आशय पूरे समाज से नहीं था।



कुशवाह ने साफ किया कि यह संदेश सिर्फ पार्टी कार्यकर्ताओं के लिए था। उनका कहना था कि संगठन के प्रति समर्पण जरूरी होता है। जो कार्यकर्ता निष्ठा से काम करता है, उसे ही पद मिलता है। यही बात तोमर कहना चाहते थे, ऐसा उन्होंने बताया।



इसके बावजूद कई लोगों ने सफाई को पूरी तरह स्वीकार नहीं किया। सोशल मीडिया पर लोग अलग-अलग तरह की प्रतिक्रिया देते रहे। कुछ लोगों ने सफाई को सही ठहराया, तो कुछ ने इसे बहाना बताया।



पूर्व विधायक का पलटवार

सफाई के बावजूद विवाद थमा नहीं। जौरा के पूर्व कांग्रेस विधायक सोनेराम कुशवाह ने तीखा जवाब दिया। उन्होंने कहा कुछ लोग भाजपा के दलाल हो सकते हैं। लेकिन पूरा कुशवाह समाज ऐसा नहीं है।



सोनेराम ने आगे कहा कि समाज को किसी पार्टी से प्रमाणपत्र की जरूरत नहीं। समाज अपनी पहचान खुद बनाता है, किसी दल के भरोसे नहीं। उनका यह बयान भी सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। कई लोगों ने उनके बयान का समर्थन भी किया है।



समाज में बढ़ा आक्रोश

इस बीच अखंड भारत महासंघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. रामसिया कुशवाह भी मैदान में उतरे। उन्होंने भी तोमर के बयान की कड़ी निंदा की। उनका कहना था कि समाज को लेकर ऐसी टिप्पणी उचित नहीं है।



कुशवाह समाज के कई संगठन अब लगातार सक्रिय हो रहे हैं। मुरैना और आसपास के इलाकों में यह मुद्दा चर्चा का विषय बना हुआ है। आने वाले दिनों में यह विवाद और बढ़ सकता है, ऐसी आशंका जताई जा रही है।



क्यों अहम है यह मुद्दा

राजनीतिक जानकारों का मानना है कि यह बयान चुनावी समीकरण पर असर डाल सकता है। कुशवाहा समाज मुरैना क्षेत्र में एक बड़ा वोट बैंक माना जाता है। ऐसे में हर बयान का सियासी मतलब निकाला जा रहा है।



पार्टी के भीतर भी इस बयान को लेकर अलग-अलग राय सामने आ रही है। कुछ नेता इसे सामान्य बयान बता रहे हैं। वहीं कुछ इसे संवेदनशील मुद्दा मान रहे हैं। आने वाले समय में इस पर और प्रतिक्रियाएं आ सकती हैं।





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