ईरानी हमले में एमपी के युवक की मौत, भांजी की शादी में आ रहे थे भारत
समझें क्या है पूरा मामला...
- ईरान ने कुवैत अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर ड्रोन और मिसाइल से बड़ा हमला किया है।
- इस हमले के कारण एयरपोर्ट का टर्मिनल 1 पूरी तरह से तहस-नहस हो गया और एयरपोर्ट बंद है।
- हवाई अड्डे पर हुए इस हमले में कुल 63 लोग घायल हुए हैं, जबकि एक भारतीय की मौत हो गई है।
- एमपी के उज्जैन निवासी मंजूर अहमद की इस हमले में जान चली गई, जो कुवैत में टेलरिंग करते थे।
- मंजूर अहमद 8 जून को होने वाली अपनी भांजी की शादी में शामिल होने के लिए भारत लौट रहे थे।
ईरानी के ड्रोन हमले से एमपी के युवक की मौत
कुवैत के अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से एक बेहद दुखद खबर आ रही है। बुधवार 03 जून को ईरान ने कुवैत एयरपोर्ट पर अचानक ड्रोन और मिसाइल से हमला कर दिया। यह हमला इतना भयानक था कि एयरपोर्ट का टर्मिनल 1 पूरी तरह से टूट-फूट गया है। सुरक्षा को देखते हुए फिलहाल पूरे एयरपोर्ट को बंद कर दिया गया है।
इस हमले में 63 लोग बुरी तरह घायल हुए हैं। वहीं इस हमले में मध्य प्रदेश के उज्जैन के रहने वाले मंजूर अहमद की मौत हो गई है। मंजूर अहमद को उनके आसपास के लोग प्यार से शेरू भाई भी कहते थे।
शादी के लिए आने वाले थे भारत
मंजूर अहमद पिछले 30 सालों से कुवैत में रह रहे थे और वहां टेलरिंग का काम करते थे। वह लगातार कुवैत से भारत आते-जाते रहते थे। उनका परिवार इस समय उज्जैन के चिमनगंज क्षेत्र की राज रॉयल कॉलोनी में रह रहा है।
मंजूर के घर में आने वाली 8 जून को उनकी भांजी की शादी होने वाली थी। इसी शादी में शामिल होने के लिए वह बुधवार को भारत आने के लिए फ्लाइट पकड़ने वाले थे।
अहमद के बेटे मोहम्मद अनस ने बताया कि मंगलवार की शाम और रात को उनकी अपने पिता से आखिरी बार फोन पर बात हुई थी। पिता घर आने को लेकर बहुत खुश थे। उन्होंने फोन पर कहा था, मैं नागदा वाली ट्रेन से आऊंगा तुम सब मुझे स्टेशन लेने आ जाना।
परिवार घर पर शादी की तैयारियों में जुटा था। वहीं बुधवार दोपहर को भारतीय दूतावास से आई एक फोन कॉल ने परिवार की सारी खुशियां छीन लीं। दूतावास ने ही मंजूर अहमद की मौत की सूचना दी।
फ्लाइट पकड़ने पहुंचे थे एयरपोर्ट
परिजन मोहम्मद इस्माइल खान ने बताया कि मंजूर अहमद की बुधवार सुबह 7:30 बजे भारत आने की फ्लाइट थी। वह कुवैत से दिल्ली आने वाले थे। फिर वहां से ट्रेन पकड़कर उज्जैन पहुंचने का प्लान था।
सुबह जैसे ही वह कुवैत एयरपोर्ट पहुंचे, ठीक उसी समय ईरान की तरफ से ड्रोन हमला हो गया। वह इसकी चपेट में आ गए जिससे मौके पर ही उनकी मौत हो गई।
शव को भारत लाने के लिए सरकार से मदद
मंजूर अहमद की ड्रोन हमलों में मौतके बाद से ही उनके रिश्तेदार और परिचित शव को भारत भेजने की कोशिशों में जुटे हुए हैं। वहीं उज्जैन में रह रहे उनके परिजन मध्य प्रदेश सरकार से मदद की मांग कर रहे हैं। ताकि मंजूर के शव को जल्द से जल्द भारत लाया जा सके।
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