दो साल में 3.5 लाख लाड़ली बहनें हुईं कम, समग्र पोर्टल से कट रहे नाम
मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव के मद्देनजर, शिवराज सरकार द्वारा शुरू की गई लाड़ली बहना योजना (Laadli Behna Yojana) को लेकर विपक्ष ने लगातार सवाल उठाए हैं। विपक्ष का कहना है कि इस योजना के तहत महिलाओं को मिलने वाली आर्थिक सहायता में कोई स्थिरता नहीं है। इसके अलावा, नई लाभार्थियों को योजना से नहीं जोड़ा जा रहा है और योजना के लाभार्थियों की संख्या में लगातार कमी हो रही है।
लाड़ली बहना योजना की राशि पर उठ रहे सवाल
विपक्ष ने सरकार पर आरोप लगाया कि लाड़ली बहना योजना के तहत महिलाओं को मिलने वाली राशि में कोई वृद्धि नहीं हुई है। योजना की शुरुआत में एक हजार रुपए प्रति माह देने की घोषणा की गई थी, लेकिन अब तक इसे बढ़ाकर 3 हजार रुपए तक नहीं किया गया है। इस पर विपक्षी दलों ने सरकार पर सवाल उठाए हैं कि वे चुनाव के दौरान इसे बढ़ाने का वादा क्यों नहीं निभा पाए।
नेता प्रतिपक्ष का सवाल
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समग्र पोर्टल में गड़बड़ी, लाखों महिलाएं प्रभावित
वहीं समग्र पोर्टल (Samagra Portal) में डाटा में गड़बड़ी की भी जानकारी सामने आई है। आरोप है कि पोर्टल से लाड़ली बहन योजना की लाभार्थी महिलाओं के नाम डिलीट किए जा रहे हैं। इसके अलावा, आधार (Aadhaar) को समग्र पोर्टल से डीलिंक (unlink) किया जा रहा है, जिससे महिलाएं हर महीने मिलने वाली आर्थिक सहायता से वंचित हो रही हैं।
कलेक्टरों ने अधिकारियों से की शिकायत
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महिला बाल विकास विभाग का जवाब
महिला बाल विकास विभाग (Women and Child Development Department) का कहना है कि योजना में 60 साल तक की महिलाएं ही पात्र हैं। जो महिलाएं उम्र सीमा पार कर रही हैं या जिन्होंने स्वेच्छा से योजना का लाभ छोड़ दिया है, वे योजना से बाहर हो रही हैं। महिला बाल विकास विभाग के मंत्री निर्मला भूरिया ने कहा कि पहले कुछ ऐसे मामले संज्ञान में आए थे। वहां सुधार भी करा लिया गया था। अभी जिन जिलों से ऐसी शिकायतें आई होंगी। वहां भी जांच कराकर सुधार कराएंगे। बैतूल, आगर की भी जांच करा लेंगे।
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योजना में 3 लाख 56 हजार महिलाएं हुई कम
अब आइए एक नजर लाड़ली बहना योजना पर डालते हैं। दरअसल, जून 2023 में योजना की पहली किश्त महिलाओं के खातों में पहुंची । एक महीने में करीब 17 हजार महिला हितग्राही बढ़ीं। सितंबर में लाड़ली बहनों की संख्या सबसे ज्यादा 1 करोड़ 30 लाख 78 हजार 314 पर पहुंच गई। लेकिन सितंबर 2023 से लेकर फरवरी 2025 की हितग्राहियों के आंकड़ों को देखें तो करीब 3 लाख 56 हजार महिलाएं लाड़ली बहना योजना से कम हुई हैं।
| साल | महीना | लाड़ली बहना हितग्राही (संख्या) |
|---|---|---|
| 2023 | जून | 1,24,75,745 |
| 2023 | जुलाई | 1,24,92,775 |
| 2023 | अगस्त | 1,24,92,609 |
| 2023 | सितंबर | 1,30,78,314 |
| 2023 | अक्टूबर | 1,30,72,101 |
| 2023 | नवम्बर | 1,30,66,277 |
| 2023 | दिसम्बर | 1,30,68,700 |
| 2024 | जनवरी | 1,29,20,380 |
| 2024 | फरवरी | 1,29,09,351 |
| 2024 | मार्च | 1,29,06,321 |
| 2024 | अप्रैल | 1,28,91,467 |
| 2024 | मई | 1,28,89,920 |
| 2024 | जून | 1,28,89,492 |
| 2024 | जुलाई | 1,28,99,107 |
| 2024 | अगस्त | 1,29,06,196 |
| 2024 | सितंबर | 1,29,03,702 |
| 2024 | अक्टूबर | 1,29,00,199 |
| 2024 | नवम्बर | 1,28,96,102 |
| 2024 | दिसम्बर | 1,28,90,394 |
| 2025 | जनवरी | 1,27,25,510 |
| 2025 | फरवरी | 1,27,22,188 |
लाड़ली बहना योजना की अपात्र महिलाएं ये हैं
- आयकर दाता परिवार (Income Tax Payer Family)
- सरकारी नौकरी वाले परिवार (Government Job Holding Family)
- उपक्रम, मंडल में नियमित, स्थाईकर्मी, संविदा कर्मी, रिटायरमेंट के बाद पेंशन धारी
- पूर्व सांसद, पूर्व विधायक
- केन्द्र और राज्य सरकार के निगम, बोर्ड, मंडल के अध्यक्ष, संचालक, सदस्य
- स्थानीय निकायों के जनप्रतिनिधि (पंच और उपसरपंच को छोड़कर)
- संयुक्त रूप से परिवार में पांच एकड़ से ज्यादा जमीन वाले परिवार
- चार पहिया गाड़ी वाले परिवार (ट्रैक्टर सहित)
- ऐसी महिला जो केन्द्र और राज्य सरकार की किसी योजना से एक हजार रुपए से ज्यादा प्रतिमाह ले रही हो
ये महिलाएं लाड़ली बहना योजना के लिए पात्र?
- मध्य प्रदेश की रहने वाली और शादीशुदा हो
- योजना में विधवा, तलाकशुदा महिलाएं भी शामिल
- जिनकी उम्र इस साल यानी 1 जनवरी को 23 साल पूरी हो चुकी हो
- उम्र 60 साल से कम हो
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