लाड़ली बहना योजना: हर महीने घट रहीं लाड़ली बहना, तीन साल से नई एंट्री बंद
समझें क्या है पूरा मामला
- लाड़ली बहना योजना में तीन साल से नए पंजीयन बंद हैं।
- इंदौर में हर महीने लाभार्थी महिलाओं की संख्या घट रही है।
- शुरुआत में 4.57 लाख महिलाओं ने आवेदन किया था।
- अब 4.38 लाख महिलाओं को योजना की राशि मिल रही।
- तीन साल में 19 हजार 654 महिलाएं योजना से बाहर हुईं।
इंदौर में घटते लाभार्थियों के आंकड़े
लाड़ली बहना योजना (Ladli Behna Yojana ) की घोषणा 28 जनवरी 2023 को हुई थी। इसकी प्रक्रिया 5 मार्च से शुरू हुई थी। उस समय इंदौर जिले में 4 लाख 57 हजार 742 महिलाओं ने आवेदन किया था।
अब यह संख्या घटकर 4 लाख 38 हजार 88 रह गई है। यानी अब तक 19 हजार 654 महिलाएं योजना से बाहर हो चुकी हैं। यह आंकड़ा हर महीने बढ़ता जा रहा है।
किसे मिलता है योजना का लाभ
इस योजना के तहत 21 से 60 वर्ष तक की पात्र महिलाओं को हर महीने सीधे बैंक खाते में राशि दी जाती है। मकसद महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाना है। लेकिन नए पंजीयन बंद होने से नई पात्र महिलाएं इसका लाभ नहीं ले पा रही हैं। साथ ही मौजूदा लाभार्थी भी अलग-अलग कारणों से बाहर हो रही हैं।
60 साल की उम्र सबसे बड़ी वजह
योजना से बाहर होने वालों में सबसे बड़ी संख्या उन महिलाओं की है जिनकी उम्र 60 साल पूरी हो चुकी है। पिछले साढ़े तीन साल में 14,151 महिलाएं सिर्फ इसी वजह से बाहर हुईं।
साल 2024 में 4,040 महिलाओं का नाम हटा। 2025 में यह आंकड़ा 4,961 रहा। वहीं 2026 में अब तक 5,150 महिलाओं के नाम सूची से हटाए जा चुके हैं।
अन्य कारण भी सामने आए
उम्र सीमा के अलावा और भी कई कारणों से महिलाएं योजना से बाहर हुई हैं। जांच के बाद 452 महिलाएं अपात्र पाई गईं। वहीं 973 महिलाओं ने खुद ही योजना छोड़ दी।
763 महिलाओं की मृत्यु होने से उनके नाम हटाए गए। समग्र आईडी हटने से 2,406 महिलाएं बाहर हुईं। आधार और समग्र की जानकारी न मिलने से 903 महिलाएं अपात्र मानी गईं।
अधिकारी ने दी जानकारी
महिला एवं बाल विकास विभाग के जिला कार्यक्रम अधिकारी रजनीश सिन्हा ने बताया कि पात्रता रखने वाली सभी महिलाओं को योजना का लाभ लगातार मिल रहा है। उनके अनुसार पात्रता के मापदंड से बाहर होने पर ही महिलाओं के नाम हटाए जा रहे हैं।
दूसरी योजनाओं में जुड़ रहे नए नाम
वृद्धावस्था पेंशन, विधवा पेंशन और प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि जैसी योजनाओं में नए हितग्राही लगातार जोड़े जा रहे हैं। लेकिन लाड़ली बहना योजना में यह प्रक्रिया अब तक शुरू नहीं हो सकी है।
इस वजह से नई पात्र महिलाओं का इंतजार लंबा होता जा रहा है। दूसरी ओर पुरानी लाभार्थी महिलाएं भी धीरे-धीरे बाहर हो रही हैं।
राशि बढ़ी, पर एंट्री बंद
योजना की शुरुआत में महिलाओं को हर महीने 1,000 रुपए दिए जाते थे। बाद में यह राशि बढ़ाकर 1,250 रुपए की गई। नवंबर से अब महिलाओं को 1,500 रुपए प्रतिमाह मिल रहे हैं।
राशि बढ़ने से मौजूदा लाभार्थियों को फायदा जरूर हुआ है। लेकिन नए पंजीयन शुरू न होने से बड़ी संख्या में पात्र महिलाएं अब भी योजना से वंचित हैं।
क्या बोले जिम्मेदार अधिकारी
जिला कार्यक्रम अधिकारी रजनीश सिन्हा ने स्थिति स्पष्ट की। उन्होंने कहा कि पात्र महिलाओं को योजना का लाभ मिल रहा है। पात्रता से बाहर होने पर ही नाम हटाए गए हैं।
FAQ
- लाड़ली बहना योजना में नए पंजीयन कब से बंद हैं?
योजना में नए पंजीयन पिछले तीन वर्षों से बंद हैं। यह प्रक्रिया 5 मार्च 2023 के बाद शुरू नहीं हुई। इससे नई पात्र महिलाएं लाभ नहीं ले पा रहीं। - इंदौर में योजना से कितनी महिलाएं बाहर हुई हैं?
इंदौर में तीन साल में 19,654 महिलाएं योजना से बाहर हुई हैं। शुरुआत में 4 लाख 57 हजार से अधिक महिलाओं ने आवेदन किया था। अब 4 लाख 38 हजार महिलाओं को ही राशि मिल रही है।
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