लाड़ली बहना योजना की नहीं मिली पात्रता: नियमों के जाल में फंसी MP की 5 लाख बहनें

Amresh Kushwaha | Jul 11, 2026, 08:30 IST
लाड़ली बहना योजना की पात्रता
मध्य प्रदेश में सहरिया, बैगा और भारिया जनजाति की करीब 5 लाख महिलाएं लाड़ली बहना योजना से वंचित हैं। आहार अनुदान योजना के तहत मिल रही 1500 रुपए की राशि के कारण उन्हें अपात्र माना जा रहा है।

समझें क्या है पूरा मामला...

  • मध्य प्रदेश में सहरिया, बैगा और भारिया जनजाति की महिलाएं लाड़ली बहना योजना से वंचित हैं।
  • करीब पांच लाख महिलाएं इस बड़ी योजना का लाभ नहीं ले पा रही हैं।
  • इन महिलाओं को पहले से आहार अनुदान योजना के तहत 1500 रुपए मिल रहे हैं।
  • एक नियम के कारण यह राशि उन्हें लाड़ली बहना योजना के लिए अपात्र बना रही है।
  • अब इस फैसले पर सवाल उठने लगे हैं और बदलाव की मांग हो रही है।

मध्य प्रदेश सरकार की सबसे बड़ी योजना लाड़ली बहना एक नए विवाद में घिर गई है। राज्य की सबसे पिछड़ी जनजातियों की महिलाएं इस योजना से बाहर हो गई हैं। सहरिया, बैगा और भारिया समुदाय की करीब पांच लाख बहनें इसकी हकदार नहीं मानी जा रहीं। वजह चौंकाने वाली है। इन महिलाओं को सरकार पहले से ही एक और योजना के तहत पैसा दे रही है।



विवाद की वजह क्या है

भोपाल से सामने आई इस रिपोर्ट के अनुसार मध्य प्रदेश में सहरिया, बैगा और भारिया खास तौर पर पिछड़ी जनजाति यानी पीवीटीजी (Particularly Vulnerable Tribal Groups) में गिनी जाती हैं। इन समुदायों में कुपोषण की समस्या काफी गंभीर रही है। इसी वजह से साल 2017 में जनजातीय कार्य विभाग ने आहार अनुदान योजना शुरू की थी। इस योजना के तहत परिवार की महिला मुखिया को हर महीने पैसा दिया जाता है। शुरुआत में यह राशि 1000 रुपए थी। बाद में इसे बढ़ाकर 1500 रुपए प्रति माह कर दिया गया।



कैसे बनीं अपात्र

अब यही राशि इन महिलाओं के लिए मुसीबत बन गई है। सरकार का कहना है कि इन बहनों को पहले से 1500 रुपए मिल रहे हैं। इसलिए उन्हें लाड़ली बहना योजना का पैसा नहीं दिया जा सकता। मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना 2023 के नियमों में एक शर्त है।



इस शर्त के मुताबिक यदि परिवार के किसी भी सदस्य को किसी सरकारी योजना से 1500 रुपए या उससे ज्यादा मिल रहे हैं, तो वह महिला अपात्र होगी। आहार अनुदान योजना की राशि भी इसी दायरे में आ गई। यही तकनीकी पेंच सहरिया, बैगा और भारिया महिलाओं पर भारी पड़ गया।



मंत्री ने क्या कहा

महिला एवं बाल विकास मंत्री निर्मला भूरिया ने इस नियम की पुष्टि की है। उनके अनुसार लाड़ली बहना योजना के पात्रता नियमों के पैरा 4.4 में यह शर्त साफ लिखी है। मंत्री का कहना है कि यह नियम सभी महिलाओं पर समान रूप से लागू होता है। वहीं, आदिवासी इलाकों में यही नियम अब सवालों के घेरे में है। स्थानीय लोगों का कहना है कि जिन महिलाओं को सबसे ज्यादा मदद चाहिए, उन्हें ही योजना से बाहर कर दिया गया।



कौन सी शर्तें लागू नहीं

नियमों के मुताबिक कुछ शर्तें ऐसी भी हैं, जिनके लागू होने पर ही लाड़ली बहना योजना में महिला अपात्र मानी जाती है।



पहली शर्त है कि परिवार की सालाना आय दो लाख 50 हजार रुपए से ज्यादा हो।



दूसरी शर्त में परिवार का कोई सदस्य आयकर देता हो।



तीसरी शर्त सरकारी नौकरी, निगम या मंडल में काम करने या पेंशन लेने से जुड़ी है।



चौथी शर्त के तहत परिवार का कोई सदस्य सरकारी बोर्ड, निगम या मंडल का सदस्य होना चाहिए।



सहरिया, बैगा और भारिया परिवारों पर इनमें से कोई शर्त लागू नहीं होती। इसके बावजूद सिर्फ आहार अनुदान की राशि के आधार पर उन्हें बाहर कर दिया गया।



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योजना का मकसद क्या था

आहार अनुदान योजना का उद्देश्य साफ था। इसका मकसद पिछड़ी जनजातियों के परिवारों को कुपोषण से बचाना था। यह राशि परिवार के भरण-पोषण और पौष्टिक भोजन के लिए दी जाती है। दूसरी तरफ लाड़ली बहना योजना का मकसद अलग है। यह योजना समाज की सभी महिलाओं के आर्थिक स्वावलंबन के लिए शुरू हुई थी। इसका मकसद महिलाओं को व्यक्तिगत रूप से सशक्त बनाना है। दोनों योजनाओं का मकसद अलग होने के बावजूद एक ही नियम से उन्हें जोड़ दिया गया।



प्रदेश में सहरिया, बैगा और भारिया समुदाय की आबादी हजारों गांवों में फैली है। कई परिवार आज भी गरीबी रेखा से नीचे जीवन गुजार रहे हैं। ऐसे में हर महीने मिलने वाली आर्थिक मदद उनके लिए बड़ा सहारा होती है। लाड़ली बहना योजना से बाहर होने पर इन परिवारों को आर्थिक नुकसान झेलना पड़ रहा है। सरकार से अब स्पष्ट नीति बनाने की मांग तेज हो गई है।



मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना साल 2023 में शुरू हुई थी। इस योजना के तहत पात्र महिलाओं को हर महीने 1500 रुपए दिए जाते हैं। यह राशि सीधे महिलाओं के बैंक खाते में जमा होती है। योजना का मकसद प्रदेश की महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत बनाना था।



लाखों महिलाएं इस योजना से जुड़ चुकी हैं। वहीं, सहरिया, बैगा और भारिया समुदाय की महिलाएं शुरुआत से ही इससे बाहर रहीं। इन महिलाओं को योजना में शामिल करने की मांग लगातार उठती रही है। हर बार तकनीकी नियम इसमें रोड़ा बनते रहे।



अब उठ रहे सवाल

इस पूरे मामले पर अब सवाल उठने लगे हैं। सामाजिक कार्यकर्ताओं का कहना है कि जिन जनजातियों को सबसे ज्यादा संरक्षण चाहिए, उन्हीं को नुकसान हो रहा है। सहरिया, बैगा और भारिया समुदाय पहले से ही कई सामाजिक और आर्थिक चुनौतियों से जूझ रहे हैं। ऐसे में दो अलग-अलग कल्याणकारी योजनाओं को आपस में जोड़ना सही नहीं माना जा रहा। कई लोगों की मांग है कि सरकार को इस नियम पर दोबारा विचार करना चाहिए। उनका कहना है कि आहार अनुदान और लाड़ली बहना योजना का मकसद अलग है, इसलिए दोनों को साथ मिलना चाहिए।



Sootr Knowledge

लाड़ली बहना योजना में अपना नाम कैसे चेक करें?

👉सबसे पहले, लाड़ली बहना योजना की आधिकारिक वेबसाइट https://cmladlibahna.mp.gov.in/ पर जाएं।



👉वेबसाइट के होम पेज पर आवेदन और भुगतान की स्थिति वाले लिंक पर क्लिक करें।



👉अब एक नया पेज खुलेगा, जिसमें आपको अपनी आवेदन संख्या या सदस्य समग्र नंबर डालना होगा।



👉फिर, एक कैप्चा कोड दिखेगा, जिसे भरें और सबमिट पर क्लिक करें।



👉इसके बाद, आपके मोबाइल नंबर पर एक OTP (वन टाइम पासवर्ड) भेजा जाएगा।



👉उस OTP को सही-सही डालें और वेरिफाई करें।



👉OTP वेरिफाई होते ही, आपकी जानकारी स्क्रीन पर दिखाई देगी, जिसमें आपके आवेदन का भुगतान विवरण भी मिलेगा।



FAQ

  1. आहार अनुदान योजना क्या है?
    आहार अनुदान योजना मध्य प्रदेश के जनजातीय कार्य विभाग ने साल 2017 में शुरू की थी। यह खास तौर पर सहरिया, बैगा और भारिया जैसी विशेष पिछड़ी जनजातियों के लिए बनाई गई है। इसका मकसद इन परिवारों में कुपोषण की समस्या को कम करना है। इसके तहत परिवार की महिला मुखिया को हर महीने 1500 रुपए दिए जाते हैं।
  2. क्या है लाड़ली बहना योजना ?
    लाड़ली बहना योजना एक राज्य सरकार की पहल है। इसका उद्देश्य मध्य प्रदेश की महिलाओं को आर्थिक मदद प्रदान करना है। इसके तहत प्रत्येक पात्र महिला को सीधे उनके बैंक खाते में वित्तीय सहायता भेजी जाती है।
  3. यदि मुझे लाड़ली बहना योजना का लाभ नहीं मिल रहा है, तो मैं क्या कर सकती हूँ?
    यदि किसी महिला को लाड़ली बहना योजना से संबंधित कोई समस्या हो, तो वह हेल्पलाइन नंबर 0755 2700800 पर संपर्क कर सकती है। इसके अलावा, वह योजना की अधिक जानकारी के लिए cmladlibahna.mp.gov.in पोर्टल पर भी जा सकती है।

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