सरकारी महिला कर्मचारी ले रही थीं लाड़ली बहना योजना का पैसा, ऐसे खुला राज, वसूली की तैयारी
पांच पॉइंट में समझें पूरा मामला
- सतना में 27 महिला सरकारी कर्मचारी लाड़ली बहना योजना का गलत लाभ ले रही थीं।
- ट्रेजरी में समग्र आईडी लिंक होने पर फर्जीवाड़ा प्रशासन को पकड़ में आया।
- नगर निगम क्षेत्र की 16 कर्मचारियों ने कुल 5 लाख 5 हजार 450 रुपए योजना से प्राप्त किए।
- सरकारी नौकरी में शामिल महिलाओं की पात्रता की विभागीय जांच की जाएगी।
- अपात्र पाए जाने पर सभी महिलाओं से पूरी धनराशि वापस लेने की कार्रवाई की जाएगी।
मध्य प्रदेश सरकार की लाड़ली बहना योजना में सतना जिले से बड़ी अनियमितता सामने आई है। 27 महिला कर्मचारी सरकारी सेवा में होने के बावजूद योजना का लाभ ले रही थीं। इन महिलाओं ने हर महीने 1,500 रुपए योजना के तहत अपने खातों में जमा करवा लिए थे। ट्रेजरी से समग्र आईडी लिंक होने पर यह धोखाधड़ी पकड़ में आई। प्रशासन ने सभी मामलों की जांच शुरू कर दी है और अपात्र पाए जाने पर पूरी राशि की वसूली की तैयारी है।
27 में से 16 नगर निगम कर्मचारी
इन 27 महिलाओं में से 16 नगर निगम क्षेत्र की कर्मचारी हैं। ये महिलाएं ट्रेजरी से अपना मासिक वेतन प्राप्त करती थीं और साथ ही योजना के तहत लाभ ले रही थीं। अब तक इन कर्मचारियों ने कुल 5 लाख 5 हजार 450 रुपए योजना के तहत प्राप्त किए। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि गलत तरीके से लाभ लेने वालों को पूरी धनराशि शासन को लौटानी होगी।
समग्र आईडी लिंक के बाद खुला राज
लाड़ली बहना योजना की शुरुआत में शासकीय कर्मचारियों की समग्र आईडी उनके वेतन खातों से लिंक नहीं थी। लगभग एक साल पहले जब ट्रेजरी से समग्र आईडी लिंक किया गया, तब यह धोखाधड़ी उजागर हुई। संबंधित कर्मचारियों से आधार कार्ड, समग्र आईडी और बैंक विवरण सहित जरूरी दस्तावेज मांगे गए हैं।
जांच समितियों की भूमिका
जिला कार्यक्रम अधिकारी राजीव सिंह के अनुसार, "जिले में 27 मामले सामने आए हैं। संबंधित निकायों की समितियों ने जांच शुरू कर दी है।" जांच में यह देखा जाएगा कि क्या कुछ महिलाएं योजना में नाम जुड़ने के बाद सरकारी नौकरी में नहीं आईं। इसके अलावा, कुछ आंगनबाड़ी कार्यकर्ता विशेष छूट के तहत योजना का लाभ ले सकती हैं।
योजना की पात्रता शर्तें
मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना के तहत विधवा, तलाकशुदा और परित्यक्त महिलाओं को हर महीने 1,500 रुपए मिलते हैं। पात्रता के लिए महिला को मध्य प्रदेश का स्थायी निवासी होना चाहिए, उम्र 21 से 60 वर्ष के बीच होनी चाहिए। परिवार की वार्षिक आय 2.5 लाख रुपए से कम होनी चाहिए, और परिवार के पास 5 एकड़ से कम कृषि भूमि होनी चाहिए। किसी भी सदस्य का आयकरदाता या सरकारी सेवा में होना योजना के लिए बाधा है।
नगर निगम क्षेत्र की चिह्नित महिलाएं और राशि
| नाम | प्राप्त राशि (रुपए) |
|---|---|
| विजेता अग्रवाल | 24,500 |
| भागीरथी देवी | 33,500 |
| सुशीला शुक्ला | 33,500 |
| नीलू वर्मा | 34,750 |
| अभिलाषा रजक | 33,500 |
| सुषमा रजक | 34,750 |
| आशा वर्मा | 33,500 |
| आरती वर्मा | 28,250 |
| पुष्पा देवी कोरी | 34,750 |
| सुमन रमावत | 17,950 |
| अमृता शुक्ला | 23,250 |
| रश्मि कुशवाहा | 34,250 |
| प्रगिता सुमन चौधरी | 34,750 |
| प्रियंका श्रीवास्तव | 34,750 |
| सीमा उर्मलिया | 34,750 |
| शिवकांति शुक्ला | 34,750 |
FAQ
- लाड़ली बहना योजना का मुख्य उद्देश्य क्या है?
यह योजना विधवा, तलाकशुदा और परित्यक्त महिलाओं को आर्थिक मदद देती है। प्रति माह 1,500 रुपए सीधे उनके बैंक खातों में जमा होते हैं। - क्या सरकारी कर्मचारी योजना का लाभ ले सकते हैं?
नहीं। सरकारी सेवा में होने वाले कर्मचारी अपात्र माने जाते हैं। यदि योजना में उनका नाम गलती से जुड़ा है, तो वसूली की प्रक्रिया लागू होती है। - समग्र आईडी लिंक होने से कैसे फर्जीवाड़ा पकड़ा गया?
जब ट्रेजरी ने सरकारी वेतन खातों को समग्र आईडी से जोड़ा, तब कर्मचारियों का नाम योजना लाभार्थियों में पाया गया। इससे प्रशासन को धोखाधड़ी का पता चला।
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