लखनादौन नगर पालिका में दुकानों के आवंटन में अनियमितता : EOW ने पूर्व CMO सहित 23 पर दर्ज की FIR

Sanjay Dhiman | Mar 02, 2026, 17:23 IST
Photograph: (the sootr)
लखनादौन नगर पालिका परिषद के अधिकारियों ने दुकानों के आवंटन में अनियमितता की, बिना नीलामी राशि जमा कराए दुकानदारों को दुकानों का कब्जा देने पर EOW ने FIR दर्ज की।

News in Short

  • EOW जबलपुर ने दुकानों के आवंटन में गड़बड़ी पर FIR दर्ज की है।
  • तत्कालीन CMO और 23 अन्य लोगों के खिलाफ भ्रष्टाचार का मामला दर्ज।
  • बिना पूरी राशि जमा किए और बिना अनुबंध के दुकानों का कब्जा दिया।
  • आरक्षित वर्ग की दुकानें नियम विरुद्ध सामान्य वर्ग के लोगों को आवंटित कीं।
  • अधिकारियों की मिलीभगत से शासन को करीब 83 लाख रुपए की क्षति हुई।

News in Detail

मध्य प्रदेश के सिवनी जिले में भ्रष्टाचार का एक बड़ा मामला सामने आया है। जबलपुर की आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ (EOW) टीम ने एक बड़ी कार्रवाई की है। लखनादौन नगर पालिका के अधिकारियों ने मिलकर शासन को लाखों का चूना लगाया है। सरकारी दुकानों के आवंटन में जमकर धांधली कर अपनों को रेवड़ियां बांटी गईं। इस मामले में EOW ने पूर्व सीएमओ और पार्षदों पर FIR की है।



बिना पैसे लिए बांट दीं करोड़ों की सरकारी दुकानें

जांच में खुलासा हुआ कि नगर पालिका ने 75 दुकानें बनवाई थीं। नियम था कि 120 दिन के भीतर पूरी राशि जमा करनी होगी। लेकिन अधिकारियों ने मिलीभगत कर बिना पैसा लिए कब्जा दे दिया। लगभग 13 दुकानदारों ने 79 लाख रुपए से ज्यादा जमा नहीं किए। बिना किसी कानूनी अनुबंध के इन दुकानों में व्यापार धड़ल्ले से चल रहा है। इससे सरकार को सीधे तौर पर 83 लाख रुपए का नुकसान हुआ है।



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आरक्षित वर्ग का हक मारकर अपनों को पहुंचाया फायदा

घोटाले की जड़ केवल पैसे की हेराफेरी तक सीमित नहीं रही है। अधिकारियों ने नियम ताक पर रखकर आरक्षित दुकानें सामान्य वर्ग को दी। अनुसूचित जनजाति के लिए तय दुकान नंबर 7 को नियम विरुद्ध बदला गया। वैभव दुबे नामक व्यक्ति को फायदा पहुंचाने के लिए प्रस्ताव पास हुआ। बिना दोबारा नीलामी कराए ही उसे आरक्षित दुकान का मालिकाना हक मिला। यह सीधे तौर पर पद का दुरुपयोग और जनता से धोखाधड़ी है।



इन 23 लोगों पर गिरी गाज: FIR की पूरी लिस्ट

EOW ने इस मामले में कुल 23 आरोपियों को नामजद किया है। इसमें तत्कालीन सीएमओ गजेंद्र पांडे और सुश्री गीता वाल्मीक शामिल हैं। राजस्व उप निरीक्षक रवि झारिया और कई दुकानदारों पर भी केस है। प्रेसिडेंट इन काउंसिल के आधा दर्जन सदस्यों को भी आरोपी बनाया है। इन सभी पर धारा 409, 120बी और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम लगा है। अब जांच टीम इनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई को आगे बढ़ा रही है।



इन पर दर्ज की गई FIR

नगर पालिका अधिकारी और कर्मचारी

  • गजेन्द्र पाण्डे: तत्कालीन मुख्य नगर पालिका अधिकारी, लखनादौन
  • गीता वाल्मीक: तत्कालीन मुख्य नगर पालिका अधिकारी, लखनादौन
  • रवि झारिया: राजस्व उप निरीक्षक

प्रेसीडेंट इन काउंसिल (PIC) के सदस्य

  • मीणा बलराम गोल्हानी
  • देवकी शिवकुमार झारिया
  • संगीता संजय गोल्हानी
  • वर्षा श्रीकांत गोल्हानी
  • अनीता संदीप जैन
  • सविता गोलू कुमरे

अन्य आरोपी (लाभार्थी और दुकानदार)

  • भागचद्र अहिरवार
  • तेजस्व जैन
  • शेलेन्द्र उर्फ सोनू यादव
  • सीमा गोल्हानी
  • संगीता गोल्हानी
  • बुलबुल जैन
  • खूबचंद चौकसे
  • सतीश उइके
  • देवेन्द्र राय श्रीवास्तव
  • सतेन्द्र विश्वकर्मा
  • गणेश पटेल
  • विकास नामदेव
  • शिवप्रसाद गोल्हानी
  • वैभव दुबे

शासन को आर्थिक क्षति का अनुमान

यह गड़बड़ी शासन को करीब 83 लाख रुपए की आर्थिक क्षति पहुंचा चुकी है। पुलिस अब इस मामले में आगे की कार्रवाई कर रही है और आरोपियों के खिलाफ सख्त कानूनी कदम उठाए जाएंगे।



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