एमपी के पीथमपुर में चीनी कंपनी करेगी करोड़ों का निवेश, रोजगार के खुलेंगे रास्ते
समझें क्या है पूरा मामला...
- चीन की कंपनी धार के पीथमपुर में 272 करोड़ रुपए का निवेश करेगी।
- मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव बुधवार, 08 जुलाई को इस नए संयंत्र का भूमि पूजन करेंगे।
- यह प्लांट करीब 20 एकड़ में बनेगा।
- शुरुआती चरण में हर साल छह हजार 500 निर्माण उपकरण तैयार होंगे।
- इससे मध्य प्रदेश को उपकरण विनिर्माण के बड़े केंद्र के रूप में पहचान मिलेगी।
नया प्लांट कहां और कैसा होगा
पीथमपुर औद्योगिक क्षेत्र में यह नया संयंत्र स्थापित होगा। कंपनी इसमें मुख्य रूप से एक्सकेवेटर बनाएगी। शुरुआती क्षमता हर साल छह हजार 500 यूनिट की होगी। यह विस्तार मध्य प्रदेश को निर्माण उपकरण क्षेत्र में मजबूत बनाएगा।
गुआंग्शी लियुगोंग मशीनरी चीन की अग्रणी बहुराष्ट्रीय कंपनी है। यह भारतीय इकाई इसी कंपनी का हिस्सा है। कंपनी पहले से कई तरह के भारी उपकरण बनाती है। इनमें व्हील लोडर, मोटर ग्रेडर, माइनिंग डंप ट्रक और बुलडोजर शामिल हैं।
रोजगार और आयात पर असर
नया प्लांट शुरू होने से घरेलू विनिर्माण को बढ़ावा मिलेगा। इससे आयात पर निर्भरता भी कम होगी। स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर बनेंगे। यह कदम मेक इन इंडिया अभियान को भी मजबूत करेगा।
कंपनी 2008 से पीथमपुर में सक्रिय
लियुगोंग इंडिया साल 2008 से पीथमपुर में काम कर रही है। इसकी मौजूदा इकाई 44 एकड़ से अधिक क्षेत्र में फैली है। यहां हर साल तीन हजार व्हील लोडर और मोटर ग्रेडर बनते हैं। साल 2009 में इसी प्लांट से पहला मेड इन इंडिया व्हील लोडर तैयार हुआ था।
पुरानी इकाई में रिसर्च और ट्रेनिंग सेंटर भी हैं। यहां 500 से अधिक भारतीय युवा पेशेवर काम करते हैं। यह इकाई आत्मनिर्भर भारत अभियान में भी योगदान दे रही है।
मध्य प्रदेश के लिए क्या मायने
नया निवेश राज्य की औद्योगिक नीति के लिए बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है। पीथमपुर पहले से ही एक बड़ा औद्योगिक हब है। इस निवेश से क्षेत्र में और कंपनियां आकर्षित हो सकती हैं। स्थानीय युवाओं को कुशल रोजगार के मौके मिलेंगे। राज्य सरकार भी भारी उद्योगों को बढ़ावा देने पर लगातार जोर दे रही है।
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