23 अगस्त तक करें LPG eKYC अपडेट, वरना 947 के सिलेंडर पर देने होंगे 2935 रुपए
समझें क्या है पूरा मामला...
- गैस कंपनियां उपभोक्ताओं को ई-केवाईसी कराने के मैसेज भेज रही हैं।
- केवाईसी नहीं होने पर घरेलू गैस सिलेंडर नहीं मिलेगा।
- मप्र में 39.84 लाख उपभोक्ताओं की केवाईसी अब भी बाकी है।
- भोपाल में पांच दिन में सवा लाख से ज्यादा बुकिंग रद्द हुई है।
- उपभोक्ता एप, एजेंसी या डिलीवरी के समय केवाईसी करा सकते हैं।
अब घर-घर पहुंच रहा मैसेज
रसोई गैस के उपभोक्ताओं के लिए यह खबर सीधे जेब से जुड़ी है। गैस कंपनियों ने अब उपभोक्ताओं को एसएमएस भेजना शुरू कर दिया है। इस मैसेज में साफ लिखा है कि 23 अगस्त आधार आधारित बायोमेट्रिक ई-केवाईसी यानी e-KYC (Electronic Know Your Customer) करानी होगी।
यदि तय समय में यह प्रक्रिया पूरी नहीं हुई तो घरेलू दर पर एलपीजी यानी LPG (Liquefied Petroleum Gas) सिलेंडर नहीं मिलेगा। इस मैसेज ने लाखों परिवारों की चिंता बढ़ा दी है। खासकर उन घरों में जहां अभी तक यह प्रक्रिया पूरी नहीं हुई है।
मप्र में लाखों उपभोक्ता अटके
मध्यप्रदेश में स्थिति काफी गंभीर नजर आ रही है। राज्य में कुल एक करोड़ 73 लाख सक्रिय घरेलू गैस उपभोक्ता हैं। इनमें से 39 लाख 84 हजार उपभोक्ताओं की ई-केवाईसी अभी बाकी है। यह कुल उपभोक्ताओं का करीब 22.21 प्रतिशत हिस्सा है।
यानी हर पांचवां उपभोक्ता अभी भी सत्यापन से दूर है। अकेले भोपाल शहर की बात करें तो यहां सात लाख 55 हजार उपभोक्ता हैं। इनमें से एक लाख 94 हजार उपभोक्ताओं ने अब तक केवाईसी नहीं कराई है। यह आंकड़ा बताता है कि शहरी इलाकों में भी लापरवाही कम नहीं है। समय रहते यह प्रक्रिया पूरी न हुई तो बड़ी संख्या में परिवार परेशान हो सकते हैं।
गैर-घरेलू दर पर देना पड़ सकता है सिलेंडर
गैस एजेंसी संचालकों के मुताबिक स्थिति और भी सख्त हो सकती है। उनका कहना है कि जिन उपभोक्ताओं की केवाईसी नहीं होगी, उन्हें घरेलू सिलेंडर नहीं दिया जाएगा। ऐसे उपभोक्ताओं को गैर-घरेलू यानी कमर्शियल दर पर सिलेंडर लेना पड़ सकता है। दोनों सिलेंडर की कीमत में जमीन-आसमान का फर्क है।
अभी 14.2 किलो वाले घरेलू सिलेंडर की कीमत 947.50 रुपए है। वहीं 19 किलो वाले कमर्शियल सिलेंडर की कीमत 2935 रुपए है। यदि घरेलू उपभोक्ता को कमर्शियल दर चुकानी पड़ी तो जेब पर सीधा बोझ बढ़ेगा।
हालांकि गैस कंपनियों ने अभी तक इसका कोई आधिकारिक आदेश जारी नहीं किया है। इस वजह से उपभोक्ताओं के बीच असमंजस की स्थिति बनी हुई है।
भोपाल में पहले से रुकी डिलीवरी
यह समस्या सिर्फ चेतावनी तक सीमित नहीं है। भोपाल में तो असर दिखना पहले ही शुरू हो चुका है। जानकारी के अनुसार सिर्फ पांच दिन में शहर में एक लाख 35 हजार उपभोक्ताओं की सिलेंडर डिलीवरी रोकी जा चुकी है। यह शहर के कुल उपभोक्ताओं का करीब 15 से 20 प्रतिशत हिस्सा है।
गैस एजेंसियों का कहना है कि यह निर्देश खुद गैस कंपनियों से आया है। वहीं, यह आदेश लिखित में नहीं बल्कि मौखिक रूप से दिया गया है। इसी वजह से एजेंसी संचालक भी असमंजस में हैं।
एलपीजी डिस्ट्रीब्यूटर एसोसिएशन इंदौर के अध्यक्ष दीपक शर्मा ने भी इस मामले की पुष्टि की है। उनका कहना है कि गैस कंपनियों ने सभी एजेंसियों को मौखिक निर्देश दिए हैं। उन्होंने बताया कि इसी वजह से भोपाल में 15 से 20 प्रतिशत उपभोक्ताओं की डिलीवरी रुक चुकी है।
एजेंसियों पर बढ़ रहा दबाव
गैस एजेंसी संचालक इस पूरे मामले में बीच में फंसे नजर आ रहे हैं। एक तरफ कंपनियों का दबाव है, दूसरी तरफ नाराज उपभोक्ता हैं। कई उपभोक्ता बुकिंग का पैसा कटने के बाद भी सिलेंडर न मिलने से परेशान हैं। एजेंसी संचालकों की मांग है कि कंपनियां इस बारे में लिखित आदेश जारी करें।
इससे उपभोक्ताओं को भी सही जानकारी मिल सकेगी और भ्रम की स्थिति खत्म होगी। फिलहाल कुछ एजेंसियां मौके पर ही उपभोक्ताओं की केवाईसी कराने की कोशिश कर रही हैं। इसके बावजूद रोजाना शिकायतों की संख्या बढ़ती जा रही है।
घर बैठे तीन तरीकों से हो सकती है केवाईसी
उपभोक्ताओं के लिए राहत की बात यह है कि केवाईसी कराना बहुत मुश्किल नहीं है। इसके लिए तीन आसान तरीके मौजूद हैं।
पहला तरीका है इंडियनऑयल वन यानी IndianOil ONE एप का इस्तेमाल। इस एप के जरिए उपभोक्ता घर बैठे ही पूरी प्रक्रिया पूरी कर सकते हैं।
दूसरा तरीका है नजदीकी गैस एजेंसी पर जाकर सत्यापन कराना। इसके लिए आधार कार्ड और गैस कनेक्शन की जानकारी साथ ले जानी होगी।
तीसरा तरीका सबसे आसान माना जा रहा है। सिलेंडर डिलीवरी के समय अधिकृत कर्मचारी की मदद से भी केवाईसी कराई जा सकती है। यह सुविधा खासकर बुजुर्ग और अकेले रहने वाले उपभोक्ताओं के लिए फायदेमंद साबित हो सकती है।
क्यों जरूरी है यह प्रक्रिया
ई-केवाईसी का मुख्य मकसद फर्जी कनेक्शन और सब्सिडी के गलत इस्तेमाल को रोकना है। सरकार और गैस कंपनियां लंबे समय से इसे जरूरी बताती रही हैं। यह प्रक्रिया उज्ज्वला योजना और सामान्य घरेलू कनेक्शन वाले सभी ग्राहकों के लिए जरूरी है।
इसके बावजूद बड़ी संख्या में उपभोक्ता अब तक यह काम पूरा नहीं कर पाए हैं। कई लोगों को सही प्रक्रिया की जानकारी ही नहीं है। वहीं कुछ लोग समय की कमी के चलते एजेंसी नहीं जा पाते। अब जबकि डेडलाइन नजदीक आ रही है, उपभोक्ताओं को जल्द से जल्द यह काम पूरा कर लेना चाहिए।
यह खबर क्यों जरूरी है
यह खबर सीधे तौर पर आम जनता की रसोई और जेब से जुड़ी है। लाखों परिवार रोज इस्तेमाल होने वाले रसोई गैस पर निर्भर हैं। अगर समय पर ई-केवाईसी नहीं हुई तो सस्ती दर की सुविधा छिन सकती है। नागरिकों को सही समय पर सटीक जानकारी मिलना उनका अधिकार है, जो सूचना के अधिकार और उपभोक्ता संरक्षण की भावना के अनुरूप है।
साथ ही गैस कंपनियों की जवाबदेही भी जरूरी है, क्योंकि मौखिक निर्देश से पारदर्शिता प्रभावित होती है। ऐसी खबरें लोगों को समय रहते सतर्क करती हैं और उन्हें नुकसान से बचाती हैं।
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