एमपी में गैस सिलेंडर के लिए एक लाख से ज्यादा लोगों की बुकिंग रद्द, जानें वजह
समझें क्या है पूरा मामला...
- भोपाल में गैस सिलेंडर बुकिंग को लेकर नई मुश्किल सामने आई है।
- कई उपभोक्ताओं की बुकिंग कैंसिल हो रही है।
- गैस एजेंसियों का कहना है कि कंपनियों ने मौखिक निर्देश दिए हैं।ट
- सिर्फ 5 दिन में शहर के 1.35 लाख उपभोक्ताओं की डिलीवरी रुकी है।
- इससे आम उपभोक्ताओं के सामने बड़ी परेशानी खड़ी हो गई है।
भोपाल में गैस सिलेंडर बुकिंग को लेकर उपभोक्ताओं की मुश्किलें बढ़ गई हैं। जिन लोगों ने अभी तक ई-केवाईसी नहीं कराई, उनकी बुकिंग कैंसिल की जा रही है।
गैस एजेंसियों का कहना है कि यह आदेश खुद गैस कंपनियों से आया है। कंपनियों ने यह निर्देश लिखित में नहीं बल्कि मौखिक रूप से दिया है। इसी वजह से उपभोक्ताओं को साफ जानकारी भी नहीं मिल पा रही है।
जानकारी के अनुसार सिर्फ 5 दिन के भीतर भोपाल में एक लाख 35 हजार उपभोक्ताओं की सिलेंडर डिलीवरी रोकी जा चुकी है। यह शहर के कुल उपभोक्ताओं का करीब 15 से 20 प्रतिशत हिस्सा है।
यानी हर पांचवां या छठा परिवार इस समस्या से जूझ रहा है। कई घरों में बुकिंग हो चुकी है, फिर भी सिलेंडर नहीं पहुंच रहा है। इससे रसोई का बजट और रोजमर्रा की जिंदगी दोनों प्रभावित हो रहे हैं।
मौखिक निर्देश क्या है
बताया जा रहा है कि गैस एजेंसियों के मुताबिक कंपनियों ने फोन और मीटिंग के जरिए निर्देश दिए हैं। इसमें साफ कहा गया है कि बिना ई-केवाईसी वाले उपभोक्ताओं को सिलेंडर न दिया जाए।
किसी भी एजेंसी के पास इस बारे में कोई लिखित पत्र नहीं है। इस वजह से एजेंसी संचालक भी असमंजस में हैं। कई एजेंसी संचालकों का कहना है कि उपभोक्ता उन्हीं पर गुस्सा निकाल रहे हैं। एजेंसी संचालकों की मांग है कि कंपनियां इस बारे में लिखित आदेश जारी करें, ताकि स्थिति साफ हो सके।
क्यों जरूरी है ई-केवाईसी
ई-केवाईसी यानी उपभोक्ता की पहचान का डिजिटल सत्यापन। इसका मकसद फर्जी कनेक्शन और सब्सिडी के गलत इस्तेमाल को रोकना है। सरकार और गैस कंपनियां लंबे समय से इसे अनिवार्य बताती आई हैं।
इसके बावजूद बड़ी संख्या में उपभोक्ता अब तक यह प्रक्रिया पूरी नहीं कर पाए हैं। कई उपभोक्ताओं को सही जानकारी और प्रक्रिया के बारे में पता ही नहीं है।
वहीं कुछ लोग समय की कमी की वजह से एजेंसी नहीं जा पाते। वहीं बुजुर्ग और अकेले रहने वाले उपभोक्ताओं के लिए यह प्रक्रिया और मुश्किल साबित हो रही है।
एजेंसियों की परेशानी
एजेंसी संचालकों का कहना है कि वे बीच में फंस गए हैं। एक तरफ कंपनियों का दबाव है, दूसरी तरफ नाराज उपभोक्ता हैं। उपभोक्ता बुकिंग के पैसे कट जाने के बाद भी सिलेंडर न मिलने से परेशान हैं।
एजेंसियों के पास फिलहाल इसका कोई ठोस समाधान भी नहीं है। कुछ एजेंसियां उपभोक्ताओं को मौके पर ही ई-केवाईसी कराने की कोशिश कर रही हैं। इसके बावजूद रोजाना बड़ी संख्या में शिकायतें दर्ज हो रही हैं।
एसोसिएशन ने क्या बताया
एलपीजी डिस्ट्रीब्यूटर एसोसिएशन इंदौर के अध्यक्ष दीपक शर्मा ने भी इस मामले की पुष्टि की है। उनका कहना है कि गैस कंपनियों ने सभी एजेंसियों को मौखिक निर्देश दिए हैं।
जिन उपभोक्ताओं की ई-केवाईसी नहीं हुई, उन्हें डिलीवरी नहीं दी जाए, यही निर्देश है। उन्होंने बताया कि भोपाल में इस वजह से 15 से 20 प्रतिशत उपभोक्ताओं की डिलीवरी रुकी है। यह बयान इस पूरे मामले को और पुख्ता करता है।
उपभोक्ताओं के लिए सलाह
फिलहाल सबसे जरूरी है कि उपभोक्ता जल्द से जल्द अपनी ई-केवाईसी पूरी कराएं। इसके लिए नजदीकी गैस एजेंसी पर आधार कार्ड और बायोमेट्रिक सत्यापन कराना होता है।
कुछ मामलों में मोबाइल ऐप या ऑनलाइन माध्यम से भी यह प्रक्रिया पूरी की जा सकती है। जिन उपभोक्ताओं की बुकिंग पहले ही रुक चुकी है, उन्हें अपनी एजेंसी से सीधे संपर्क करना चाहिए। इससे उन्हें सही स्थिति और आगे की प्रक्रिया की जानकारी मिल सकेगी।
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