एमपी टीईटी आवेदन अंतिम तारीख की आज, टीईटी की अनिवार्यता खत्म करने के लिए शिक्षक कर रहे भूख हड़ताल
कहां-कहां भूख हड़ताल पर शिक्षक बैठे हैं
रविवार को दमोह, जबलपुर और मंडला के शिक्षक अपनी मांगों को लेकर भूख हड़ताल पर बैठ गए। इसमें दमोह से प्रहलाद सिंह ठाकुर और जबलपुर से जगत पटेल शामिल हुए, वहीं मंडला से अमरसिंह चंदेला, नफीस खान और संजीव सोनी ने मोर्चा संभाला।
खास बात ये है कि ये भूख हड़ताल क्रमिक तरीके से चल रही है, यानी अलग-अलग जिलों के शिक्षक अपनी बारी के हिसाब से इसमें बैठ रहे हैं। संयुक्त मोर्चा के पदाधिकारियों ने साफ कह दिया है कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होतीं, तब तक उनका ये संघर्ष यूं ही जारी रहेगा।
संयुक्त मोर्चा की मांग क्या है
मोर्चे का कहना है कि जो शिक्षक पहले से नौकरी कर रहे हैं, उनसे दोबारा परीक्षा लेना बिल्कुल सही नहीं है। मोर्चे के मुताबिक, हजारों टीचरों ने अभी तक इसके लिए आवेदन ही नहीं किया है। पदाधिकारियों का यह भी कहना है कि सरकार को डराने-धमकाने के बजाय बातचीत का रास्ता अपनाना चाहिए।
आवेदन से पहले दबाव का आरोप
स्कूल शिक्षा विभाग ने इस काम के लिए माध्यमिक शिक्षा मंडल यानी माशिमं को एजेंसी बनाया है। आवेदन की आखिरी तारीख पहले 18 सितंबर थी। बाद में इसे बढ़ाकर 5 अक्टूबर कर दिया गया। इसके बावजूद 23 हजार से ज्यादा शिक्षकों ने ही आवेदन किया।
शिक्षकों का आरोप है कि अब आखिरी समय में विभाग उन पर दबाव बना रहा है। जिला शिक्षा अधिकारी और संकुल प्राचार्य शिक्षकों से अलग-अलग बात कर रहे हैं। दैनिक भास्कर की रिपोर्ट में विभाग का पक्ष शामिल नहीं है।
किस पद के लिए करें आवेदन
शिक्षकों का सवाल साफ है कि वे आखिर किस पद के लिए आवेदन करें। उनका कहना है कि 1998 में वे शिक्षाकर्मी बने थे। 2011 में पदोन्नति के बाद अध्यापक बने। इसके बाद 2024 में उन्हें उच्च माध्यमिक शिक्षक का प्रभार मिला। अब शिक्षक चाहते हैं कि विभाग साफ बताए कि उन्हें किस पद के लिए आवेदन करना है।
डीईओ से मांगा लिखित मार्गदर्शन
शिक्षकों ने जिला शिक्षा अधिकारी से छह बिंदुओं पर लिखित जवाब मांगा है। उनका पहला सवाल है कि नौकरी कर रहे शिक्षक को आवेदन करने से पहले विभाग से अनुमति लेनी होगी या नहीं। दूसरा सवाल एनओसी यानी अनापत्ति प्रमाण-पत्र को लेकर है।
शिक्षकों ने पूछा है कि अगर एनओसी जरूरी है, तो उससे जुड़ा नियम, आदेश, पूरी प्रक्रिया और अनुमति देने वाले अधिकारी की जानकारी दी जाए। अगर एनओसी जरूरी नहीं है, तो यह बात भी लिखित में साफ की जाए।
इसके साथ ही शिक्षकों ने यह भी पूछा है कि आवेदन के लिए कौन-कौन सी औपचारिकताएं पूरी करनी होंगी। आखिरी सवाल समय-सीमा को लेकर है। क्या विभागीय अनुमति आवेदन की अंतिम तारीख से पहले लेना जरूरी है?
कैसे होगी ऑफलाइन पात्रता परीक्षा
TET परीक्षा ऑफलाइन मोड में होगी। यानी परीक्षा ऑनलाइन नहीं होगी। सभी सवाल वस्तुनिष्ठ यानी MCQ होंगे। हर सवाल के चार विकल्प दिए जाएंगे। सही जवाब के लिए OMR शीट पर गोला भरना होगा। परीक्षा में माइनस मार्किंग नहीं होगी।
परीक्षा केंद्र आवेदकों की संख्या के हिसाब से तय किए जाएंगे। कोशिश रहेगी कि शिक्षकों को कम दूरी वाला परीक्षा केंद्र मिले। अगर आवेदकों की संख्या ज्यादा हुई तो केंद्रों की संख्या बढ़ाई जाएगी। परीक्षा का आयोजन माध्यमिक शिक्षा मंडल यानी माशिमं कराएगा।
किन शिक्षकों को देनी होगी परीक्षा
1998 से 2009 के बीच नियुक्त प्राथमिक और माध्यमिक शिक्षक इस दायरे में आएंगे। इनमें सहायक शिक्षक, प्राथमिक शिक्षक, सहायक अध्यापक और संविदा शाला शिक्षक वर्ग-3 शामिल हैं। इसके अलावा प्रयोगशाला सहायक, प्राथमिक शिक्षक विज्ञान और इससे जुड़ी दूसरी श्रेणियों के शिक्षक भी इसमें आते हैं।
टीईटी कक्षा 1 से 8 तक पढ़ाने वाले सरकारी शिक्षकों के लिए जरूरी परीक्षा है। यह परीक्षा केंद्र और राज्य सरकार अलग-अलग कराती हैं। केंद्र की परीक्षा को सीटीईटी और राज्य की परीक्षा को एसटीईटी कहा जाता है।
टीईटी में दो पेपर होते हैं। कक्षा 1 से 5 तक पढ़ाने वालों के लिए पेपर-1 होता है। वहीं कक्षा 6 से 8 तक के लिए पेपर-2 होता है।
राजधानी में दो जगह आंदोलन
राजधानी में दो अलग-अलग जगहों पर आंदोलन चल रहे हैं। Bhopal teachers protest के दौरान शिक्षकों से आवेदन नहीं करने की अपील की जा रही है। इसका असर भी आवेदन पर दिख रहा है और कई शिक्षक फॉर्म नहीं भर रहे हैं।
शिक्षक संगठन परीक्षा शुल्क का भी विरोध कर रहे हैं। उनका कहना है कि जब यह सरकार का काम है तो फिर फीस क्यों ली जा रही है? आज आवेदन की आखिरी तारीख है। अब सभी की नजर इस बात पर है कि इस मुद्दे पर बातचीत कब शुरू होती है।
यह खबर क्यों जरूरी है
यह खबर प्रदेश के उन शिक्षकों से जुड़ी है, जिनकी नियुक्ति 1998 से 2009 के बीच हुई थी। आवेदन करने की आखिरी तारीख आज है, फिर भी बड़ी संख्या में शिक्षक अब तक इससे दूर हैं। पद और अनुमति को लेकर उनके कई सवाल अभी भी साफ नहीं हुए हैं।
सरकार और शिक्षक संगठनों के बीच बातचीत का असर स्कूलों की पढ़ाई पर भी पड़ सकता है। इसलिए अब विभाग आगे क्या कदम उठाता है, इस पर नजर बनी हुई है।
FAQ
- कौन-कौन से शिक्षक भूख हड़ताल पर बैठे हैं?
रविवार को दमोह, जबलपुर और मंडला के शिक्षक भूख हड़ताल पर बैठे हैं। दमोह से प्रहलाद सिंह ठाकुर, जबलपुर से जगत पटेल, और मंडला से अमरसिंह चंदेला, नफीस खान और संजीव सोनी शामिल हुए। - शिक्षकों की मांगें क्या हैं?
शिक्षकों की मांग है कि मध्यप्रदेश में तमिलनाडु और जम्मू-कश्मीर की तर्ज पर टीईटी से मुक्ति का प्रस्ताव पारित किया जाए। शिक्षकों का कहना है कि सेवारत शिक्षकों को दोबारा परीक्षा में लाना न्यायसंगत नहीं है। - टीईटी परीक्षा का आयोजन कैसे होगा?
टीईटी परीक्षा ऑफलाइन मोड में होगी और इसमें वस्तुनिष्ठ प्रश्न (एमसीक्यू) होंगे। सही उत्तर ओएमआर शीट पर भरे जाएंगे और माइनस मार्किंग नहीं होगी। परीक्षा केंद्र आवेदकों की संख्या के आधार पर तय किए जाएंगे।