एमपी में जनगणना के लिए नए नियम जारी: गलत जानकारी देने पर होगी 3 साल की जेल

Jitendra Shrivastava | Apr 13, 2026, 22:50 IST
Photograph: (THESOOTR)
BHOPAL. मध्य प्रदेश में जनगणना को लेकर नए निर्देश जारी किए गए हैं। गलत जानकारी देने पर 3 साल तक की सजा, महिलाएं नाम देने से मना कर सकती हैं।

News In Short

  • जनगणना में गलत जानकारी देने पर 3 साल सजा।
  • गृह विभाग ने कर्मचारियों के लिए निर्देश जारी किए।
  • महिलाओं से नाम पूछने पर कोई दखल नहीं।
  • जुर्माने का प्रावधान, 1,000 रुपए तक जुर्माना।
  • ओबीसी के लिए जनगणना एक्ट में संशोधन आवश्यक।

News In Detail

मध्यप्रदेश में जनगणना की प्रक्रिया को लेकर गृह विभाग ने नए निर्देश जारी किए हैं। इन नियमों के तहत अगर किसी ने गलत जानकारी दी तो उसे 3 साल तक की सजा हो सकती है।



साथ ही, अगर कोई महिला अपना नाम बताने से मना करती है, तो जनगणना कर्मचारी उसे जबरदस्ती नहीं पूछ सकते। इसके अलावा, जुर्माना और अन्य कार्रवाई के प्रावधान भी लागू किए गए हैं।



गलत जानकारी देने पर 3 साल की सजा

गृह विभाग ने मध्य प्रदेश जनगणना से जुड़ी नई गाइडलाइन जारी की है। इसके तहत, अगर कोई व्यक्ति जनगणना के दौरान गलत जानकारी देता है, तो उसे 3 साल की सजा हो सकती है।



इसके साथ ही जुर्माना लगाने का भी प्रावधान है। यह आदेश जनगणना कर्मचारियों के लिए जारी किया गया है ताकि प्रक्रिया को सही तरीके से संपन्न किया जा सके।



महिलाओं से नाम पूछने की नई नीति

गृह विभाग ने यह भी स्पष्ट किया कि अगर किसी परिवार की महिला अपना नाम बताने से इनकार करती है, तो जनगणना कर्मचारी उसे जबरदस्ती नाम नहीं पूछ सकेंगे।



यह नियम महिलाओं की सुरक्षा और निजता को ध्यान में रखते हुए बनाया गया है। इसके बावजूद, जनगणना में भाग लेना हर नागरिक की जिम्मेदारी है।



सही जानकारी देने की जिम्मेदारी

जनगणना अधिकारी केंद्र सरकार द्वारा तय किए गए सभी सवालों का जवाब पूछने के लिए अधिकृत होंगे। नागरिकों का कर्तव्य है कि वे इन सवालों का सही और सटीक उत्तर दें। गलत जानकारी देने पर कानूनी कार्रवाई की जा सकती है, जिससे जुर्माना भी लग सकता है।



अधिकारियों को घर में प्रवेश का अधिकार

जनगणना कर्मचारियों को घर, जलयान या अन्य स्थानों में प्रवेश करने का अधिकार होगा। हालांकि, अगर कोई स्थान परंपरागत रूप से प्रतिबंधित है, तो वहां प्रवेश नहीं किया जा सकेगा।



यह व्यवस्था जनगणना प्रक्रिया को सही तरीके से चलाने के लिए बनाई गई है। अधिकारी बिना किसी रोक के जानकारी एकत्र करेंगे और जरूरी दस्तावेजों का निरीक्षण करेंगे।



जनगणना के लिए संसदीय संशोधन की जरूरत

जनगणना के फॉर्म में इस बार बदलाव किए जा सकते हैं। विशेष रूप से ओबीसी की जातियों को भी शामिल करने के लिए जनगणना एक्ट 1948 में संशोधन करना होगा। इस कदम से ओबीसी की 2,650 जातियों के आंकड़े सामने आ सकते हैं। जाति जनगणना के लिए एक्ट में संशोधन की आवश्यकता है।



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