झारखंड मॉडल पर एमपी में कैबिनेट होगी डिजिटल, सरकार का नया प्रयोग

Ramanand Tiwari | Jan 03, 2026, 22:19 IST
Photograph: (the sootr)
मध्य प्रदेश सरकार कैबिनेट बैठकों को डिजिटल बनाने जा रही है। यह ई-कैबिनेट सिस्टम झारखंड के मॉडल पर आधारित होगा, जिससे प्रक्रिया पेपरलेस हो जाएगी।

BHOPAL. मध्य प्रदेश सरकार कैबिनेट बैठकों को डिजिटल बनाने की तैयारी में है। मंत्रालय में ई-फाइलिंग के बाद अब कैबिनेट की प्रक्रिया को भी पेपरलेस किया जा रहा है। जनवरी से होने वाली कैबिनेट बैठक में यह व्यवस्था लागू की जाएगी।



जनवरी से होगी पेपरलेस कैबिनेट बैठक

सरकार की योजना के अनुसार जनवरी में होने वाली अगली कैबिनेट बैठक से ई-कैबिनेट सिस्टम लागू होगा। इसके तहत कैबिनेट से जुड़े एजेंडा, प्रस्ताव और दस्तावेज कागज की जगह डिजिटल माध्यम से उपलब्ध कराए जाएंगे।



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झारखंड मॉडल क्या है, जोएमपी में होगा लागू

मध्य प्रदेश में लागू किया जा रहा ई-कैबिनेट सिस्टम झारखंड सरकार के मॉडल पर आधारित है। झारखंड में कैबिनेट बैठक के दौरान मंत्रियों को टैबलेट के माध्यम से एजेंडा, नोटशीट और निर्णय से जुड़े दस्तावेज उपलब्ध कराए जाते हैं। बैठक से पहले और बाद की पूरी प्रक्रिया डिजिटल प्लेटफॉर्म पर संचालित होती है।



फाइल की जगह टैबलेट पर मिलेगा कैबिनेट एजेंडा

ई-कैबिनेट व्यवस्था के तहत मंत्रियों को S-11 टैबलेट दिए जाएंगे। इन टैबलेट में कैबिनेट बैठक का पूरा एजेंडा, विभागीय प्रस्ताव और सहायक दस्तावेज सुरक्षित रूप से अपलोड रहेंगे।



ई-कैबिनेट सिस्टम लागू होने के बाद मंत्रियों के निवास पर कैबिनेट एजेंडा के फोल्डर भेजने की व्यवस्था समाप्त हो जाएगी। मंत्री एजेंडा और प्रस्ताव ऑनलाइन ही देख सकेंगे और आवश्यक जानकारी डिजिटल माध्यम से प्राप्त करेंगे।



कैबिनेट से जुड़े आईएएस अधिकारियों को भी टैबलेट

कैबिनेट बैठक में स्थायी रूप से शामिल होने वाले वरिष्ठ आईएएस अधिकारियों को भी टैबलेट उपलब्ध कराए जाएंगे। इससे निर्णय प्रक्रिया में शामिल सभी अधिकारियों के पास एक समान और अद्यतन जानकारी रहेगी।



झारखंड मॉडल में कैसे होता है डेटा का उपयोग

झारखंड के ई-कैबिनेट सिस्टम में एजेंडा सुरक्षित लॉग-इन के जरिए उपलब्ध होता है। बैठक के बाद निर्णय डिजिटल रूप से रिकॉर्ड किए जाते हैं। फाइल मूवमेंट और ट्रैकिंग ऑनलाइन होती है। दस्तावेजों की गोपनीयता के लिए एन्क्रिप्शन का उपयोग किया जाता है। इसी तर्ज पर मध्य प्रदेश में भी प्रणाली विकसित की गई है।



स्टाफ को दिया गया तकनीकी प्रशिक्षण

ई-कैबिनेट एप के संचालन के लिए मंत्रियों के निजी स्टाफ को पहले ही प्रशिक्षण दिया जा चुका है। उन्हें एप के उपयोग, दस्तावेज एक्सेस और तकनीकी प्रक्रिया की जानकारी दी गई है।



फरवरी से पूरी तरह डिजिटल होगी कैबिनेट

सरकारी योजना के अनुसार फरवरी से कैबिनेट से जुड़े सभी दस्तावेज, प्रस्ताव, नोटशीट और निर्णय पूरी तरह डिजिटल फॉर्मेट में ही संचालित किए जाएंगे। कागजी फाइलों का उपयोग बंद कर दिया जाएगा।



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ई-गवर्नेंस की दिशा में अगला चरण

अधिकारियों के अनुसार ई-कैबिनेट प्रणाली से कागज की खपत कम होगी,समय की बचत होगी,दस्तावेजों की निगरानी आसान होगी,निर्णय प्रक्रिया अधिक सुव्यवस्थित होगी। मध्य प्रदेश झारखंड के बाद ई-कैबिनेट लागू करने वाला अगला प्रमुख राज्य बनने जा रहा है।



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