एमपी में सरकारी जमीनों पर बनेंगे होटल-रिसॉर्ट, 450 करोड़ रुपए का होगा निवेश

Aman Vaishnav | Feb 12, 2026, 13:51 IST
madhya pradesh hotel resort investment tourism
मध्य प्रदेश में पर्यटन सुविधाओं को बढ़ाने के लिए तेजी से काम चल रहा है। मंदसौर, छिंदवाड़ा, धार, बैतूल और पन्ना जैसे जिलों में होटल और रिसॉर्ट बनाए जाएंगे। इन प्रोजेक्ट्स पर लगभग 450 करोड़ रुपए का निवेश आने की उम्मीद है।

News In Short

  • मध्य प्रदेश के छोटे जिलों में होटल और रिसॉर्ट बनाए जाएंगे।
  • प्रोजेक्ट्स निजी कंपनियों के साथ पीपीपी मॉडल पर होंगे।
  • होटल-रिसॉर्ट 90 साल के लिए लीज पर दिए जाएंगे।
  • पर्यटन विभाग ने 5-10 लाख रुपए प्रति हेक्टेयर की शुरुआती कीमत तय की है।

News In Detail

मध्य प्रदेश में पर्यटन सुविधाओं को बढ़ाने और निवेश आकर्षित करने के लिए काम तेजी से चल रहा है। पर्यटन विभाग अब छोटे जिलों जैसे मंदसौर, छिंदवाड़ा, धार, बैतूल और पन्ना में होटल और रिसॉर्ट बनाने पर ध्यान देगा।



ये सभी प्रोजेक्ट प्राइवेट पब्लिक पार्टनरशिप (पीपीपी) मॉडल के तहत होंगे। इनपर लगभग 450 करोड़ रुपए का निवेश आने की उम्मीद है।



90 साल की लीज पर देंगे प्रोजेक्ट

मध्य प्रदेश में बढ़ते हुए पर्यटकों की संख्या को देखते हुए अब पर्यटन की सुविधाएं बढ़ाने पर जोर दिया जा रहा है। इस योजना में मुख्य रूप से अच्छे होटल और रिसॉर्ट बनाने पर ध्यान दिया जा रहा है। इसके लिए अब नीतियों और ब्रांडिंग पर भी काम हो रहा है।



इन होटल और रिसॉर्ट्स के निर्माण के लिए निजी कंपनियों से मदद ली जाएगी। इसके लिए टेंडर भी जारी किए गए हैं। करीब डेढ़ से पांच साल के अंदर ये होटल-रिसॉर्ट तैयार कर दिए जाएंगे। निजी कंपनियों को ये प्रोजेक्ट 90 साल के लिए लीज पर दिए जाएंगे।



विभाग ने तय किए रेट

विभाग ने इन प्रोजेक्ट्स के लिए ग्रामीण इलाकों में 5 लाख रुपए प्रति हेक्टेयर और शहरी इलाकों में 10 लाख रुपए प्रति हेक्टेयर का शुरुआती मूल्य तय किया है। निजी निवेशक इन प्रोजेक्ट्स के लिए बोली लगाकर कीमत बढ़ा सकते हैं।



निर्माण में 10 करोड़ रुपए तक की लागत पर 15% पूंजी सहायता दी जाएगी। साथ ही10 करोड़ से ज्यादा लागत होने पर 30% तक की पूंजी सहायता विभाग प्रदान करेगा।



मध्य्प्रदेश में बढ़ी पर्यटकों का संख्या

जानकारी के अनुसार साल 2019 में मध्य प्रदेश में 8 करोड़ 90 लाख पर्यटक आए थे। वहीं 2024 में ये संख्या बढ़कर 13 करोड़ 41 लाख हो गई है। 2024 में उज्जैन में 7 करोड़, मैहर में 1.33 करोड़, अमरकंटक में 40 लाख और ओंकारेश्वर में 24 लाख पर्यटक पहुंचे थे।



धार के चंदनखेड़ी में बनेगा थीम पार्क

पर्यटन के लिए प्रसिद्ध छतरपुर, निवाड़ी, पन्ना, छिंदवाड़ा, धार के साथ-साथ मंदसौर, बैतूल, अलीराजपुर और नीमच जैसी जगहों पर भी ये प्रोजेक्ट शुरू किए जाएंगे।



साथ ही धार के चंदनखेड़ी में थीम पार्क बनेगा। वहीं मंदसौर के मलसरी टापू में टेंट सिटी का निर्माण होगा। इन 30 प्रोजेक्ट्स के लिए टेंडर की प्रक्रिया चल रही है। इसमें होटल और रिसॉर्ट के अलावा वाटर स्पोर्ट, वेलनेस सेंटर और ईको टूरिज्म गतिविधियां भी शामिल हैं।



लीज नीति में बदलाव

पर्यटन विभाग ने 2025 में अपनी लीज नीति में कुछ बदलाव किए हैं। इससे पर्यटन के क्षेत्र में और निवेश आकर्षित हो सके। अब तक विभाग की 18 संपत्तियां लीज पर दी गई हैं। अब तक इन्हें 30 साल कीअवधि तक ही दिया जाता था। अब निवेशक लंबी अवधि के लिए यानी 60 से 90 साल तक संचालन अधिकार मांग रहे हैं ताकि उनका निवेश सुरक्षित रहे। इसके अलावा जो 30 होटल और रिसॉर्ट बन रहे हैं उन्हें भी 60 या 90 साल के लीज पर दिया जाएगा। ये खबरें भी पढ़िए... बजट 2026 में मंदिरों और मठों की सुरक्षा के लिए मास्टरप्लान, पर्यटन को मिलेगी नई रफ्तार एमपी न्यूज: भोपाल मेट्रो प्रोजेक्ट: इन शहरों तक चलेगी मेट्रो, 6 नए शहरों को मिलेगा कनेक्शन अडानी के प्रोजेक्ट से आदिवासी परेशान, बोले- खतरे में है आजीविका, सिंगरौली का दौरा कर सकते हैं राहुल गांधी सरिस्का टाइगर रिजर्व पर सरकार नहीं गंभीर, जंगल में चल रहे होटल-रिसोर्ट, जानें पूरा मामला

Tags:
  • एमपी न्यूज
  • मंदसौर
  • पर्यटन विभाग
  • ईको टूरिज्म